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Coronavirus in Varanasi : अस्पताल में पास वाले बेड पर डेडबॉडी..नहीं मिला वेंटिलेटर, स्वतंत्रता सेनानी ने तोड़ा दम

अमन जैन ने बताया कि अपने दादा के इलाज के लिए उन्होंने कई बार वाराणसी के सीएमओ को फोन किया लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया। वाट्सऐप पर कई बार मैसेज देंखने के बाद भी सीएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया।

Lipi 17 Apr 2021, 9:48 pm

हाइलाइट्स

  • परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में स्वतंत्रता सेनानी को वेटिंलेटर की सुविधा नहीं मिली
  • आरोप है कि वाराणसी के सीएमओ को फोन किया लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया
  • स्वतंत्रता सेनानी धन्य कुमार जैन वाराणसी के भदैनी इलाके के रहने वाले थे
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अभिषेक जायसवाल, वाराणसी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बेकाबू कोरोना ने स्वास्थ्य सेवाओं को बीमार कर दिया है। हालात ये है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में दम तोड़ चुके व्यवस्था के कारण हर दिन मरीजों को अपनी जान गवानी पड़ रही हैं। इसी बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था ने स्वतंत्रता सेनानी धन्य कुमार जैन के मौत की वजह बनी।
जिले के अस्पताल के बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वतंत्रता सेनानी के इलाज के लिए उनके परिजनों ने जिले के आला अफसरों से लेकर पीएमओ तक गुहार लगाई,लेकिन उसके बाद भी उन्हें वाराणसी के शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में इलाज और ऑक्सीजन नहीं मिल सका। जिसके कारण उनकी मौत हो गई।

एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में स्वतंत्रता सेनानी रहे धन्य कुमार जैन के पोते अमन जैन ने आरोप लगाया कि जिस मंडलीय अस्पताल में उन्हें कोई सुविधा नहीं मिली। अस्पताल में स्वतंत्रता सेनानी को कुत्ते की तरह छोड़ दिया गया। कोरोना के सस्पेक्टेड वार्ड में उन्हें जो बेड मिला उसके बगल के बेड पर घण्टों डेडबॉडी पड़ी रही। अस्पताल में घण्टों डॉक्टर ने उन्हें देंखने नहीं आए। इसके साथ ही परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिली।

सीएमओ ने नहीं उठाया फोन
अमन जैन ने बताया कि अपने दादा के इलाज के लिए उन्होंने कई बार वाराणसी के सीएमओ को फोन किया लेकिन उन्होंने एक बार भी फोन नहीं उठाया। व्हाटऐप्स पर कई बार मैसेज देंखने के बाद भी सीएमओ ने कोई जवाब नहीं दिया।

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अंग्रेजो से लड़े सिस्टम से हारे
स्वतंत्रता सेनानी धन्य कुमार जैन वाराणसी के भदैनी इलाके के रहने वाले थे। आजादी की लड़ाई में अंग्रेजी हुकूमतों से लड़ने वाले धन्य कुमार जैन कोरोना के कारण बीमार हुए स्वास्थ्य सिस्टम से जिंदगी की जंग हार गए। उनके निधन के बाद भदैनी स्थित उनके आवास पर उन्हें सलामी को दी गई लेकिन वाराणसी ले अफसर उन्हें स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मुहैया करा सके।

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जिम्मेदार बोले-दी गई सारी सुविधाएं
मंडलीय अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रसन्ना ने बताया कि अस्पताल में जो भी सुविधाएं मौजूद थी वो सारी सुविधाएं उन्हें दी गई। मौत के बाद पूरे सम्मान से उन्हें शव को एम्बुलेंस से भेजा गया, लेकिन उनके परिजन जिले के आला अफसरों से लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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