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Uttarakhand Covid Death: उत्तराखंड के अस्पतालों में छिपाई गईं कोरोना से 135 मौतों का आंकड़ा, अफसर बोले, 'मैन्युअली भेज रहे थे डेटा'

उत्तराखंड में रूड़की, देहरादून और रुद्रपुर के कोविड सेंटर से वायरस से अब तक कुल 135 ऐसी मौतों दर्ज की गई हैं जिन्हें पहले छिपाया गया। इससे पहले हरिद्वार के प्राइवेट अस्पताल बाबा बर्फानी अस्पताल में कोरोना से होने वाली मौतों को छिपाने का मामला सामने आया था।

टाइम्स न्यूज नेटवर्क 18 May 2021, 11:19 am

हाइलाइट्स

  • हरिद्वार के अस्पताल के बाद अब पूरे प्रदेश से बेहिसाब मौतें का आंकड़ा आ रहा है सामने
  • रूड़की, देहरादून और रुद्रपुर के कोविड सेंटर से वायरस से अब तक कुल 135 मौतों दर्ज
  • देहरादून के रायपुर स्थित सीसीसी में 27 कोविड मरीजों की मौत 26 अप्रैल से 16 मई के बीच हुई


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इशिता मिश्रा, देहरादून
हरिद्वार के बाबा बर्फानी अस्पताल के कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) के बाद अब पूरे प्रदेश से बेहिसाब मौतें का आंकड़ा सामने आ रहा है। उत्तराखंड मेंरूड़की, देहरादून और रुद्रपुर के कोविड सेंटर से वायरस से अब तक कुल 135 ऐसी मौतें दर्ज की गई हैं जिन्हें पहले छिपाया गया। बता दें कि हरिद्वार के प्राइवेट अस्पताल बाबा बर्फानी अस्पताल में कोरोना से होने वाली मौतों को छिपाने का मामला सामने आया था। 19 दिन बाद 65 ऐसी मौतों का खुलासा हुआ है जो कोविड पोर्टल में दर्ज ही नहीं थीं।
देहरादून के रायपुर स्थित एक कोविड केयर सेंटर में 27 कोविड मरीजों की मौत 26 अप्रैल से 16 मई के बीच हुई लेकिन कागजी आंकड़ों में यह जानकारी अब सामने आई है। इसी तरह रूड़की के मिलिट्री अस्पताल ने 28 कोरोना मरीजों की मौत की जानकारी छिपाए रखी। यह मौत पिछले एक साल में हुई हैं जबसे देश में कोरोना संक्रमण के केस आने शुरू हुए।

रुद्रपुर और हरिद्वार के अस्पतालों में छिपाई गईं मौतें
रुद्रपुर के जेएलएन जिला अस्पताल में भी 65 मौतों का खुलासा सोमवार को हुआ। इन मरीजों की मौत 28 अप्रैल से 7 मई के बीच हुई। हरिद्वार के BHEL अस्पताल में 15 ऐसी मौतों सामने आईं जो 29 अप्रैल से 12 मई के बीच हुई है लेकिन कोविड पोर्टल में इन्हें अब अपडेट किया गया है।

'स्वास्थ्य विभाग को मैन्युअली रिपोर्ट कर रहे थे'
इन मौतों का खुलासा पहले क्यों नहीं किया गया, इस पर रूड़की के अडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. एचडी शाक्य कहते हैं, 'जब हमने अधिकारियों से इस पर जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि वे स्वास्थ्य विभाग को मौतों के बारे में मैन्युअली रिपोर्ट कर रहे थे लेकिन कोविड पोर्टल पर इसकी जानकारी अपलोड नहीं हो पाई। इस वजह से ही कोविड से होने वाली कुल मौतों का आंकड़ा पता नहीं चल पाया।'

'डेटा एंट्री ऑपरेटर को इसकी जानकारी नहीं थी'
रायपुर सीसीसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद शुक्ला ने बताया कि डेटा एंट्री ऑपरेटर को इसकी जानकारी नहीं थी और संबंधित अधिकारी छुट्टी पर थे इसलिए मौत के आंकड़े जारी करने में देरी हुई। उन्होंने बताया, 'हम जिला प्रशासन को लगातार मौत और इलाज से जुड़ा आंकड़ा मैन्युअली भेज रहे हैं। हम सिर्फ पोर्टल पर इसकी जानकारी अपलोड नहीं कर पाए।'

'गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए डाला गया दबाव'

सीसीसी पर तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 अप्रैल से 15 मई के बीच सेंटर मरीजों से भरा हुआ था जबकि यहां क्रिटिकल केयर सुविधा नहीं है। बावजूद इसके कई गंभीर केस भर्ती करने पड़े जिससे मौत का आंकड़ा बढ़ गया। उन्होंने कहा, 'प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक, गंभीर मरीजों की भर्ती के लिए हमें हर तरफ से दवाब झेलना पड़ा जबकि सेंटर के पास आईसीयू बेड की सुविधा नहीं है।'

हरिद्वार के निजी अस्पताल में छिपाई गई थीं 65 मौतें
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाबा बर्फानी अस्पताल के सीसीसी को 65 मौतों का आंकड़ा छिपाने पर नोटिस जारी करने के बाद अब राज्य भर के कई अस्पतालों ने कोविड से हुई मौतों का थोक में आंकड़ा जारी करना शुरू कर दिया है।

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