ऐपशहर

जूना अखाड़े का ऐलान, हरिद्वार महाकुंभ में अनुसूचित जाति के 10 संतों को बनाया जाएगा महामंडलेश्वर

जूना अखाड़े में सामाजिक सद्भाव का संदेश देने के लिए अनुसूचित जाति के 10 महामंडलेश्वर बनाए जाएंगे। इसके अलावा पांच महिलाओं को भी इस पद से नवाजा जाएगा।

Lipi 25 Feb 2021, 12:05 am
करन खुराना, हरिद्वार
नवभारतटाइम्स.कॉम जूना अखाड़े में 10 अनुसूचित जाति के संत बनेंगे महामंडलेश्वर
जूना अखाड़े में 10 अनुसूचित जाति के संत बनेंगे महामंडलेश्वर

जूना अखाड़ा ने सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हुए एक सकारात्मक पहल की है। जूना अखाड़ा हरिद्वार कुम्भ में दस अनुसूचित जाति के महामंडलेश्वर बनाने जा रही है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यह प्रथा शुरू की गई थी, जिसका अनुपालन हरिद्वार कुम्भ में भी जारी रहेगा।

अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्री महंत हरि गिरी ने बताया कि अखाड़े ने अनुसूचित जाति समाज के संतों के लिए पूरी तरह से द्वार खोल दिए हैं। श्रीमहंत हरि गिरी ने कहा कि आमतौर पर उच्च पदस्थ राजपूत या ब्राह्मण पदस्थ होते हैं लेकिन आज के सामाजिक परिवेश को समझते हुए आज के दौर में सब सामान्य है।

इस धारणा को आगे बढ़ाते हुए अखाड़ा द्वारा यह फैसला लिया गया है। श्री महंत हरि गिरी ने बताया कि 2021 कुम्भ के लिए देशभर से तकरीबन 1450 साधु सन्तों ने महामंडलेश्वर पद के लिए आवेदन किया है। आवेदन पर समीक्षा और चर्चा के बाद 23 महामंडलेश्वर बनाए जाएंगे, जिनमें से 10 अनुसूचित जाति के होंगे और साथ ही पांच महिलाएं महामंडलेश्वर भी होंगी।

अगला लेख

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग