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अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक और बड़ा ऐक्शन, गुमशुदगी की FIR न लिखने वाला पटवारी सस्पेंड

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में पुलिस ने एक पटवारी को सस्पेंड कर दिया है। उस पर आरोप है कि उन्होंने शिकायत मिलने के बाद भी अंकिता भंडारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

Edited byराघवेंद्र शुक्ला | नवभारतटाइम्स.कॉम 27 Sep 2022, 1:34 pm
देहरादूनः उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्या मामले में एक और पटवारी को राज्य शासन ने सस्पेंड कर दिया है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पटवारी विवेक को पहले ही सस्पेंड किया गया था। इसके बाद शासन ने अब पटवारी वैभव को भी सस्पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है कि पटवारी वैभव के पास पहले ही अंकिता की गुमशुदगी की शिकायत आई थी लेकिन उसने यह कहकर एफआईआर लिखने से मना कर दिया था कि 24 घंटे तक गायब रहने के बाद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखी जा सकती है।
नवभारतटाइम्स.कॉम अंकिता भंडारी केस
अंकिता भंडारी केस


आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले पटवारी वैभव ने बताया कि बीते 19 सितंबर की रात को दो बजे पुलकित आर्य उनके पास आया था और अंकिता के गायब होने की खबर दी थी। इस पर उन्होंने यह कहकर एफआईआर दर्ज नहीं की कि लापता होने के 24 घंटे बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है। वैभव ने बताया कि उन्होंने पुलकित को सलाह दी कि वह इस बारे में अंकिता के पिता को सूचित करे। हालांकि, उन्होंने पहचान के लिए अंकिता का फोटो या फिर आधार कार्ड मांगा। इसके बाद वह तहसीलदार से अप्रूवल मिलने के बाद छुट्टी पर चले गए थे।

वैभव का कहना है कि मैंने गुमशुदगी के बारे में तहसीलदार और मेरी जगह चार्ज ले रहे पटवारी विवेक को सब कुछ समझा दिया था। फिर भी मुझे परेशान किया जा रहा है, जबकि मेरा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वैभव ने यह भी कहा कि पिछले एक साल से हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि हम राजस्व का काम देखते हैं। हमसे कानून-व्यवस्था का काम क्यों करवाया जाता है। हमारे पास सुरक्षा के लिए हथियार भी नहीं होते हैं।
लेखक के बारे में
राघवेंद्र शुक्ला
राघवेंद्र शुक्ल ने लिखने-पढ़ने की अपनी अभिरुचि के चलते पत्रकारिता का रास्ता चुना। नई दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने के बाद जुलाई 2017 में जनसत्ता में बतौर ट्रेनी सब एडिटर दाखिला हो गया। वहां के बाद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की लखनऊ टीम का हिस्सा बन गए। यहां फिलहाल सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर के पद पर तैनाती है। देवरिया के रहने वाले हैं और शुरुआती पढ़ाई वहीं हुई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की डिग्री है। साहित्यिक अभिरूचियां हैं। कविता-उपन्यास पढ़ना पसंद है। इतिहास के विषय पर बनी फिल्में देखने में दिलचस्पी है। थोड़ा-बहुत गीत-संगीत की दुनिया से भी वास्ता है।... और पढ़ें

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