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Kedarnath: हिमालयन थार का किया था शिकार, वन विभाग की टीम ने मांस के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा

केदारनाथ वन प्रभाग ने मुखबिर की सूचना पर मण्डल घाटी के ग्वाड़ गाँव मे छापेमारी कर दुर्लभ जंगली बकरी के नाम से प्रसिद्ध हिमालयन थार दुर्लभ जंगली बकरी हिमालयन थार के शिकार के मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया है। केदारनाथ वन विभाग ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। पकड़े गए व्यक्ति के पास से हिमालयन थार का मांस भी बरामद किया गया है।

guest Rajneesh-Kumar | Lipi 30 Nov 2021, 2:29 pm

हाइलाइट्स

  • दुर्लभ बकरी के शिकार को लेकर वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
  • एक व्यक्ति को हिमालयन थार के मांस के साथ किया गया गिरफ्तार
  • वन विभाग की ओर से अब तेज किया गया है सर्च ऑपरेशन
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रजनीश कुमार, केदारनाथ
केदारनाथ वन विभाग ने वन्य जीव तस्वीरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने मण्डल घाटी के ग्वाड़ गांव मे छापा मारकर दुर्लभ जंगली बकरी के नाम से प्रसिद्ध हिमालयन थार के मांस के साथ एक व्यक्ति को धर दबोचा है। वन विभाग की ओर से अन्य शिकारियों पर लगाम लगाने के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी है।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की ओर से वन्य जीवों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए हिमालयन सेंचुरी क्षेत्र में वन्यजीवों को मारने वाले सक्रिय शिकारियों पर नजर रखी जा रही है। मंगलवार की सुबह वन्यजीव प्रभाग ने मुखबिर की सूचना पर मण्डल घाटी के ग्वाड़ गांव में अचानक छापेमारी कर एक व्यक्ति के घर से हिमालयन थार का मांस बरामद कर एक व्यक्ति को भी दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्ति की निशानदेही पर अन्य शिकारियों की धर पकड़ के लिए अभियान चला दिया है।

बढ़ाई गई है शिकार पर लगाम लगाने के लिए गश्त
हिमालयन थार का मांस मिलने के बाद नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन और बद्रीनाथ वन्य जीव प्रभाग ने वन्य जीवों का शिकार करने वालों पर लगाम लगाने के लिए वनकर्मियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में लम्बी दूरी की गश्त पर तैनात कर दिया है। दरअसल, प्रसिद्ध हिमालयन थार एक दुर्लभ जंगली बकरी से संबन्धित एक एशियाई जीव है। विश्व में तीन प्रकार की थार प्रजातियां ही बची हैं और तीनों एशिया क्षेत्रों में ही पाई जाती हैं।

हिमालय क्षेत्र में मूल रूप से पाई जाती है बकरी
हिमालय थार उच्च हिमालय क्षेत्र के दक्षिणी तिब्बत, उत्तरी भारत और नेपाल में मूल रूप से पाई जाती है। इसके अलावा इस प्रजाति की बकरी न्यूजीलैंड, दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों और दक्षिण अफ्रीका में भी एक विदेशी प्रजाति के रूप में पाई जाती है। इन क्षेत्रों में इसकी आबादी को नियंत्रित करने और इन इलाकों के पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके आने से पड़े प्रभाव को कम करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
लेखक के बारे में
राहुल पराशर
नवभारत टाइम्स डिजिटल में सीनियर डिजिटल कंटेंट क्रिएटर। पत्रकारिता में प्रभात खबर से शुरुआत। राष्ट्रीय सहारा, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर से होते हुए टाइम्स इंटरनेट तक का सफर। डिजिटल जर्नलिज्म को जानने और सीखने की कोशिश। नित नए प्रयोग करने का प्रयास। मुजफ्फरपुर से निकलकर रांची, पटना, जमशेदपुर होते हुए लखनऊ तक का सफर।... और पढ़ें

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