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Padma Awards: बुद्धदेव भट्टाचार्य के परिवार को पहले ही दी गई थी जानकारी, विवाद के बीच सरकार की सफाई!

पद्म अवार्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्‍यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्म भूषण लेने से यह कहकर मना कर दिया गया उन्‍हें इसके बारे में बताया नहीं गया जबक‍ि सूत्रों की मानें तो सरकार का कहना है क‍ि उनके परिवार को इसके बारे में बताया गया था।

मिथिलेश धर दुबे | भाषा 25 Jan 2022, 10:59 pm
कोलकाता: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर घोषित किए गए पद्म अवार्ड (Padma Award) को लेकर विवाद की स्‍थ‍िति बन गई है। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्‍यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य (Buddhadeb Bhattacharjee) ने पद्म भूषण अवार्ड यह लेने से मना कर दिया है क‍ि उन्‍हें इसके बारे में बताया ही नहीं गया, वहीं सूत्रों के अनुसार सरकार का कहना है क‍ि इसके बारे में परिवार को पहले ही बता दिया गया था।
नवभारतटाइम्स.कॉम Buddhadeb Bhattacharjee
बुद्धदेव भट्टाचार्य। फाइल फोटो


माकपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे बुद्धदेव भट्टाचार्य ने पद्म भूषण सम्मान को यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि उन्‍हें इसके बारे में बताया नहीं गया था। अपने बयान में उन्होंने, 'मैं पद्म भूषण सम्मान के बारे में कुछ नहीं जानता। मुझे किसी ने इसके बारे में नहीं बताया। अगर मुझे पद्म भूषण सम्मान दिया गया है तो मैं इसे अस्वीकार कर रहा हूं।' माकपा सूत्रों के अनुसार यह भट्टाचार्य के साथ ही पार्टी का भी फैसला है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक बुद्धदेव भट्टाचार्य को सुबह गृह सचिव ने फोन किया था। उनके बीमार होने के कारण फोन उनकी पत्नी ने उठाया था। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर उनको मना करना था तो उनके पास पर्याप्त समय था।

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कौन हैं बुद्धदेव भट्टाचार्य?
भट्टाचार्य साल 2000 से 2011 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे थे। इसके साथ ही वह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के पोलितब्यूरो के सदस्य भी रह चुके हैं। बुद्धदेव भट्टाचार्य का जन्म एक मार्च 1944 को उत्तरी कोलकाता में हुआ था। उनके पुरखों का घर बांग्लादेश में है। उन्होंने कोलकाता के प्रतिष्ठित प्रेसीडेंसी कॉलेज से बंगाली साहित्य की पढ़ाई की थी और बंगाली (ऑनर्स) में बीए की डिग्री प्राप्त की थी। बाद में वह सीपीआई (एम) से जुड़ गए थे। उन्हें सीपीआई की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन के राज्य सचिव बनाया गया थे, जिसका बाद में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया में विलय हो गया था।

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गुलाम नबी आजाद को भी पद्म भूषणउत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुत्व के ‘पोस्टर बॉय’ दिवंगत कल्याण सिंह और हाल ही में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हुए भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को मंगलवार को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा की गयी। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा की गयी।
लेखक के बारे में
मिथिलेश धर दुबे
पत्रकारिता में लगभग 10 साल का अनुभव। एनबीटी से पहले गांव कनेक्शन, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका और प्रभात खबर जैसे अखबारों में रिपोर्टिंग और डेस्क पर काम करने का अनुभव। ग्राउंड रिपोर्ट, फुटवर्क, नये जमाने की पत्रकारिता के साथ-साथ ओल्ड ऐज जर्नलिस्म में विश्वास। खेती किसानी, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर रिपोर्टिंग।... और पढ़ें

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