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शोभायात्रा में बवाल, दूसरे दिन भी पथराव, इंटरनेट बंद ... हावड़ा हिंसा पर घिरी ममता सरकार, जानिए अब तक क्या हुआ

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में दूसरे दिन भी पुलिसकर्मियों पर पथराव की घटना सामने आई। अब तक हिंसा के चलते 45 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। राज्यपाल ने कहा कि हिंसा का सहारा लेने वालों को जल्द अहसास होगा कि वे मूर्खों के स्वर्ग में हैं।

Curated byशेफाली श्रीवास्तव | नवभारतटाइम्स.कॉम 31 Mar 2023, 11:21 pm

हाइलाइट्स

  • पश्चिम बंगाल के हावड़ा में दूसरे दिन भी पुलिसकर्मियों पर पथराव की घटना
  • अब तक हावड़ा में हिंसा के चलते 45 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है
  • केंद्र भी ऐक्टिव, अमित शाह ने राज्यपाल से बातकर स्थिति की जानकारी ली
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नवभारतटाइम्स.कॉम howrah violence
हावड़ा हिंसा अपडेट
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हावड़ा में रामनवमी के मौके पर गुरुवार को दो पक्षों के बीच झड़प हो गई। देखते ही देखते कई वाहनों को आग लगा दी गई और दुकानों में पथराव किया गया। इस मामले में अब तक 45 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं हावड़ा समेत आसनसोल और बैरकपुर के अधिकतर हिस्सों में शनिवार रात 2 बजे तक एहतियातन इंटरनेट बंद कर दिया गया है। हिंसा को लेकर बीजेपी और ममता सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना को लेकर राज्यपाल आनंद बोस से जानकारी मांगी तो वहीं राज्यपाल ने दोषियों पर ठोस कार्रवाई की बात कही। जानिए अब तक क्या हुआ-

हावड़ा में शोभायात्रा के दौरान हिंसा


पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर में गुरुवार की शाम रामनवमी की शोभायात्रा निकाले जाने के दौरान दो समूहों के बीच हिंसा हो गई थी। घटना तब हुई, जब शोभायात्रा काजीपाड़ा इलाके से गुजर रही थी। हिंसा के दौरान कई दुकानों और ऑटो-रिक्शा में तोड़फोड़ की गई, जबकि कुछ पुलिस वाहनों सहित कई कार में आग लगा दी गई। आग बुझाने के लिए दमकल की चार गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल का इस्तेमाल किया।

रूट बदलने पर भड़कीं लेकर ममता

हिंसा की घटना के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने 30 घंटे लंबे करने का समापन करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मैंने बार-बार कहा है कि रामनवमी की किसी भी शोभायात्रा को नहीं रोका जाएगा। मैंने इस संबंध में पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए थे।’

ममता ने दक्षिणपंथी संगठन पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘उन्होंने (आखिरी समय में) रास्ता क्यों बदला और एक समुदाय को निशाना बनाने और उस पर हमला करने के लिए अनाधिकृत रास्ता क्यों अपनाया। अगर वे मानते हैं कि वे दूसरों पर हमला करेंगे और कानूनी हस्तक्षेप के माध्यम से राहत प्राप्त करेंगे, तो उन्हें पता होना चाहिए कि जनता एक दिन उन्हें नकार देगी।’

बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप


इस मामले को लेकर बीजेपी और राज्य सरकार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक बीजेपी ने ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करते हुए कानून-व्यवस्था के विफल होने का आरोप लगाया। वहीं ममता सरकार ने इसे पूर्व सुनियोजित हिंसा करार दिया। बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने एनआईए जांच की मांग की। बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने हावड़ा, इस्लामपुर और अन्य इलाकों में हुई हिंसा के मामले में कोलकाता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है। जिसमें सीबीआई या एनआईए से जांच की मांग की गई है। साथ ही केंद्रीय बलों की तैनाती किए जाने की बात कही है। इस पर 3 अप्रैल को सुनवाई होगी।

उधर, ममता बनर्जी ने दावा किया कि राम नवमी के दिन हावड़ा में हुई हिंसा के लिए बीजेपी और अन्य दक्षिणपंथी संगठन जिम्मेदार हैं। उन्होंने लोगों से इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की। ममता ने एक बांग्ला समाचार से बातचीत में कहा, ‘हावड़ा की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हावड़ा में हिंसा के पीछे न तो हिंदू थे और ना ही मुस्लिम थे। बजरंग दल और अन्य ऐसे संगठनों के साथ बीजेपी हथियारों के साथ हुई इस हिंसा में शामिल थी।’

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'यह पूर्व नियोजित था। श्यामबाजार से एक बीजेपी नेता कह रहे थे कि कल टीवी पर नजर रखना, क्यों? एक दिन पहले ही वह नेता गृह मंत्री से मिलकर श्यामबाजार आया था।'

शुक्रवार को भी पथराव की घटना, 144 लागू

गुरुवार की घटना के बाद तैनात पुलिस कर्मियों पर शुक्रवार दोपहर बाद अज्ञात लोगों की ओर से पथराव की ताजा घटना सामने आई, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस को वहां जमा हुए लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल करना पड़ा। काजीपाड़ा इलाके में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू है।

ऐक्शन के मोड में केंद्र

इस घटना को लेकर केंद्र सरकार भी ऐक्शन में है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना के सिलसिले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और राज्यपाल आनंद बोस से बात की। टेलीफोन पर हुई इस बातचीत के दौरान, गृह मंत्री ने राज्य में, खास कर हावड़ा के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति जानने की कोशिश की। सूत्रों ने कहा कि समझा जाता है कि राज्यपाल ने गुरुवार की हिंसा और मौजूदा स्थिति के बारे में गृह मंत्री को ब्योरा दिया है।

राज्यपाल ने घटना को लेकर बयान जारी कहा, 'जो लोग इस भ्रम में हिंसा का सहारा लेते हैं कि वे लोगों को धोखा दे सकते हैं, उन्हें जल्द ही एहसास होगा कि वे मूर्खों के स्वर्ग में हैं। दोषियों को पकड़कर कानून के सामने लाने के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई होगी।'

शोभायात्रा में हथियार लेकर निकले थे

पश्चिम बंगाल के हावड़ा, खड़गपुर, बैरकपुर, भद्रेश्वर, सिलीगुड़ी और आसनसोल में निकाली गई शोभायात्रा में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। इनमें कुछ तलवार और त्रिशूल भी लिए हुए थे। हावड़ा के रामराजातला में ऐसी ही एक रैली में शामिल बीजेपी नेता सजल घोष ने इस संबंध में कहा कि उस समय बुराई के खिलाफ ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की जरूरत थी। कोलकाता के पार्षद घोष ने कहा, ‘भगवान राम ने राक्षसों को मारने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया था।’
लेखक के बारे में
शेफाली श्रीवास्तव
शेफाली श्रीवास्तव सीनियर डिजिटल कॉन्टेट प्रोड्यूसर हैं। दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, गांव कनेक्शन और एनबीटी डिजिटल के साथ पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव। पॉलिटिक्स से लेकर, स्पोर्ट्स, हेल्थ, वुमन, वाइल्डलाइफ और एंटरटेनमेंट में रुचि। पत्रकारिता में नए प्रयोगों के साथ सीखने की ललक।... और पढ़ें

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