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Mamata Banerjee: नीतीश के मंसूबे पर पानी फेरेंगी ममता, 2024 में अकेले लड़ने की तैयारी में टीएमसी

ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टीएमसी अगले लोकसभा चुनाव में अकेले उतर सकती है और चुनाव बाद विपक्षी दलों की सीटों की संख्या के हिसाब से गठबंधन पर विचार सकती है।

Reported byJayatri Nag | Edited byशेफाली श्रीवास्तव | इकनॉमिक टाइम्स 4 Sep 2022, 9:37 am

हाइलाइट्स

  • 2024 के लिए नीतीश कुमार के मंसूबों पर ममता बनर्जी ने की पानी फेरने की तैयारी
  • ममता के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ सकती है
  • टीएमसी चुनाव बाद विपक्षी दलों की सीटों की संख्या के हिसाब से गठबंधन पर विचार सकती है
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कोलकाता: 2024 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी के लिए नीतीश कुमार के मंसूबों पर ममता बनर्जी ने पानी फेरने की तैयारी कर ली है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टीएमसी अगले लोकसभा चुनाव में अकेले उतर सकती है और चुनाव बाद विपक्षी दलों की सीटों की संख्या के हिसाब से गठबंधन पर विचार सकती है।
जहां एक ओर बिहार सीएम नीतीश कुमार और उनके तेलंगाना समकक्ष के चंद्रशेखर राव ने हाल ही में बीजेपी मुक्त भारत के लिए क्षेत्रीय दलों के बीच एकता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की, टीएमसी का दावा है कि उसे ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुखेंदु शेखर रे ने कहा, 'विपक्षी एकता के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।'

'ममता 2019 से विपक्षी एकता का आग्रह कर रही हैं'
सुखेंदु रे ने आगे कहा, 'ममता बनर्जी 2019 से विपक्षी नेताओं से केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट कदम उठाने का आग्रह कर रही थीं लेकिन ऐसा कुछ भी ठोस नहीं निकला। इसलिए टीएमसी ने 2024 चुनाव में अकेले उतरने का फैसला लिया है और चुनाव बाद गठबंधन पर विचार कर रही है जो कि विपक्षी दलों को मिली सीटों की संख्या पर निर्भर करेगा।'

हालांकि टीएमसी केंद्रीय एजेंसियों के विपक्षी दलों को नष्ट करने और बीजेपी के विपक्ष मुक्त भारत के एजेंडे के खिलाफ मुखर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि देश में भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई के परिणामस्वरूप राष्ट्रीय राजनीति में नया ध्रुवीकरण हुआ है। कुछ राजनीतिक समूह खुले तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वालों को बचाने के लिए एक यूनिट में संगठित होने की कोशिश कर रहे हैं।

टीएमसी ने पूछा- व्यापमं घोटाले पर बीजेपी का क्या रुख
इस पर तीखा पलटवार करते हुए राज्यसभा सांसद सुखेंदु रे ने कहा, 'बीजेपी के विपक्ष मुक्त भारत के एजेंडे को पूरा करने के लिए ही सभी केंद्रीय एजेंसियों को विपक्ष शासित राज्यों के खिलाफ निर्देशित किया गया है। मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले पर बीजेपी का क्या रुख है, जहां नौकरी चाहने वालों से न केवल हजारों करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे बल्कि लगभग 100 लोगों की रहस्यमयी मौत हुई थी।'

तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि विपक्ष को नष्ट करने का प्रयास किया जा रह है। सुखेंदु रे ने पूछा, 'आधी रात के नाटक के दौरान सीबीआई डायरेक्टर को हटाने के लिए सरकार को किस चीज ने प्रेरित किया? ऐसे कई उदाहरण हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार देश में विपक्षी दलों को भ्रष्ट बताकर उन्हें नष्ट करने और देश को यूनिटरी राज्य में तब्दील करने के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है।'
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Jayatri Nag

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