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AI Powered Drone: डराने वाली खबर! अमेरिका में AI से लैस ड्रोन ने आदेश देने पर अपने इंसानी ऑपरेटर को ही मार डाला

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ड्रोन ने अपने ही इंसानी ऑपरेटर को मार डाला। यह घटना एक सिमुलेटेड ट्रेनिंग के दौरान हुई। दरअसल, इंसानी ऑपरेटर ने ड्रोन को एक मिसाइल को मार गिराने से रोकने का आदेश दिया था। जिसके बाद ड्रोन ने आदेश मानने से इनकार कर दिया और अपने ऑपरेटर पर ही हमला कर दिया।

Curated byप्रियेश मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम 2 Jun 2023, 7:05 pm

हाइलाइट्स

  • अमेरिका में एआई से लैस ड्रोन ने अपने इंसानी ऑपरेटर को मार डाला
  • सिमुलेटेड ट्रेनिंग के दौरान हुई घटना, अमेरिकी वायु सेना ने पुष्टि की
  • ऑपरेटर ने ड्रोन को मिसाइल हमले से दूर रहने का दिया था आदेश
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एआई से लैस ड्रोन ने अपने इंसानी ऑपरेटर को मार डाला
वॉशिंगटन: इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खूब चर्चा हो रही है। लोग चैट जीपीटी जैसी नई तकनीक पर ज्यादा भरोसा करते जा रहे हैं। इस बीच अमेरिका से जो खबर आई है, उसने पूरी दुनिया की टेंशन को बढ़ा दिया है। दरअसल, अमेरिका के एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस ड्रोन ने सिमुलेटेड टेस्ट के दौरान अपने ही मानव ऑपरेटर को मार डाला। यह घटना तब हुई जब इंसानी ऑपरेटर एआई से लैस ड्रोन को एक नकली मिसाइल हमले को नष्ट करने से रोकने की कोशिश की। इस घटना का खुलासा खुद अमेरिकी वायु सेना के कर्नल टकर 'सिन्को' हैमिल्टन ने ब्रिटेन में किया। कर्नल टकर हैमिल्टन अमेरिकी वायु सेना में एआई टेस्ट एंड ऑपरेशंस के प्रमुख हैं।

अमेरिकी वायु सेना के कर्नल ने बताई घटना


कर्नल ने रॉयल एयरोनॉटिकल सोसाइटी के फ्यूचर कॉम्बैट एयर स्पेस कैपेबिलिटीज समिट में कहा कि सिमुलेटेड ट्रेनिंग के दौरान हम एआई से लैस ड्रोन को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (एसएएम) के खतरे को पहचान करने और उसे टारगेट करने का प्रशिक्षण दे रहे थे। तो इसने क्या किया? इसने ऑपरेटर को मार डाला। इसने अपने ऑपरेटर को इसलिए मार डाला क्योंकि वह व्यक्ति इसे अपने उद्देश्य को पूरा करने से रोक रहा था।

मिसाइल को गिराने से रोक रहा था इंसानी ऑपरेटर


हैमिल्टन ने कहा कि एक सिम्युलेटेड टेस्ट में एआई से लैस ड्रोन ने तय किया कि वह मानव ऑपरेटर के दिए गए आदेश के खिलाफ काम करेगा। मानव आपरेटर उसे सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल को रोकने से मना कर रहा था। इसके बाद एआई से लैस ड्रोन ने अपने ऑपरेटर पर ही हमला करने का विकल्प चुना। उन्होंने कहा कि हमने सिस्टम को ट्रेनिंग दी है। इसके बावजूद उसने क्या किया। जब उसके ऑपरेटर ने पीछे हटने का आदेश दिया तो उसने अपने कम्यूनिकेशन टॉवर पर हमला कर दिया। इसका इस्तेमाल मानव ऑपरेटर ड्रोन के साथ बातचीत में करता है।

एआई टेक्नोलॉजी में चीन काफी आगे


इस घटना का खुलासा गुरुवार को वाइस न्यूज ने किया था। इसके बाद चिंता है कि एआई तकनीक से लैस युद्ध अपने ही पक्ष को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि, सभी सिमुलेशन इतने भयानक साबित नहीं हुए हैं। एक चीनी पत्रिका में जनवरी की एक रिपोर्ट में पाया गया था कि एक एआई से लैस पायलट ने सिर्फ 90 सेकेंड के अंतराल में अपने मानव प्रतियोगी को हरा दिया। इसी तरह 2020 की एक डॉगफाइट (लड़ाकू विमानों की मुठभेड़) के दौरान एक एआई से लैस लड़ाकू विमान अपने प्रतिद्वंदी एफ-16 के मानव पायलट से आगे निकल गया था।
लेखक के बारे में
प्रियेश मिश्र
नवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें

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