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कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कर डॉनल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक भूल की: अमेरिकी अखबार

कश्मीर पर मध्यस्थता संबंधी बयान पर डॉनल्ड ट्रंप की अमेरिका में खासी आलोचना हो रही है। अमेरिका के प्रमुख अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने ट्रंप के बयान को बहुत बड़ी भूल करार दिया है।

भाषा 25 Jul 2019, 2:33 pm
वॉशिंगटन
नवभारतटाइम्स.कॉम ट्रंप के बयान को अखबार ने बताया मूखर्तापूर्ण
ट्रंप के बयान को अखबार ने बताया मूर्खतापूर्ण

अमेरिका के एक शीर्ष समाचार पत्र का मानना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का कश्मीर मामले पर मध्यस्थता संबंधी बयान बड़ी भूल है। ट्रंप के इस बयान को बड़ी भूल करार देते हुए अखबार ने कहा कि ट्रंप भारत के साथ रिश्ते सुधारने के लिए पूर्व राष्ट्रपतियों की उपलब्धियों पर पानी फेर रहे हैं। समाचार पत्र के अनुसार ट्रंप ने ऐसा करके हद दर्जे की कूटनीतिक गलती की है जो एक महत्वपूर्ण देश को और विमुख कर सकती है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ने सोमवार को यह बयान देकर दुनिया को स्तब्ध कर दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के ओसाका में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर मामले को सुलझाने में उनकी मदद मांगी थी। ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद भारत ने इसे खारिज करते हुये कहा कि मोदी ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया और कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है।

पढ़ें: ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता बयान से पीछे हटा अमेरिका, कश्मीर को बताया द्विपक्षीय मुद्दा


वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा, 'ट्रंप ने हद दर्जे की मूर्खता की है'

द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया, ‘ट्रंप ने हद दर्जे की राजनयिक भूल की है। भारत के साथ व्यापार युद्ध के बाद, कश्मीर मामले पर उनकी भूल एक अहम देश को और विमुख कर देगी, जिसकी मित्रता की अमेरिका को चीन के उदय से मुकाबला करने के लिए आवश्यकता है।’ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस बात को सिरे से खारिज किया है कि मोदी ने ट्रंप से इस प्रकार का कभी कोई अनुरोध किया है। ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी भूल सुधारने की कोशिश करते हुए कहा कि वह कश्मीर को भारत एवं पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला मानता है और वह तभी मदद के लिए तैयार होगा, जब दोनों देश चाहेंगे।

पढ़ें: पाकिस्तान पर डॉनल्ड ट्रंप के बदले सुर का कारण अफगानिस्तान

ट्रंप के शब्द बिगाड़ सकते हैं भारत के साथ संबंध

शीर्ष अमेरिकी समाचार पत्र ने कहा, ‘राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बराक ओबामा ने भारत के साथ संबंधों में सुधार किया। ट्रंप कुछ गलत शब्दों से उनके किए पर पानी फेर रहे हैं।’ अखबार के अनुसार, ‘वह अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों को वापस लाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि यदि वह पाकिस्तान को खुश करते हैं तो अमेरिका वहां से सम्मान से साथ निकल पाएगा।’

पढ़ें: समाचार पत्र का दावा, अफगानिस्तान से निकलना चाहते हैं ट्रंप

अफगानिस्तान से निकलने के लिए ट्रंप चाहते हैं पाक का साथ

समाचार पत्र की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अफगानिस्तान से अमेरिका के निकलने में मदद करने में पाकिस्तान का हित है। इससे तालिबान, हक्कानी नेटवर्क को वर्चस्व बनाने में मदद मिलेगी, लेकिन हमेशा की तरह, ट्रंप को इस बार भी पता नहीं है कि उन्हें मूर्ख बनाया जा रहा है।’ इसमें कहा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधी तनाव बढ़ रहा हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्विटर पर शिकायत की है कि अमेरिकी उत्पादों पर भारत की ओर से लगाए जाने वाले शुल्क अब स्वीकार्य नहीं हैं।

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