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S Jasihankar News: गुलामी में चरम पर थी गरीबी, आज 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक ताकत हैं... अमेरिका में गर्व से बोले जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि 18वीं शताब्दी में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक चौथाई हिस्सा भारत का था। 20वीं सदी के मध्य तक उपनिवेशवाद के कारण हम सबसे अधिक गरीब देशों में से एक थे, लेकिन आजादी के 75 साल में भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आपके सामने गर्व से खड़ा है।

Curated byप्रियेश मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम 24 Sep 2022, 7:07 pm

हाइलाइट्स

  • एस जयशंकर ने अमेरिका में बताई भारत की विकास गाधा
  • बोले- 18वीं सदी में भारत ग्लोबल जीडीपी का 25 फीसदी का हिस्सेदार था
  • जयशंकर ने कहा- आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
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एस जयशंकर
न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र को संबोधित करने पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत की विकास गाथा दुनिया के सामने रखी। उन्होंने भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में गुलामी के पहले के भारत, गुलामी के दौरान का भारत और गुलामी के बाद के भारत में अंतर भी बताया। जयशंकर ने कहा कि गुलामी के पहले भारत इतना संपन्न था कि वैश्विक जीडीपी में हमारा योगदान एक चौथाई का था। गुलामी के दौरान भारत ने चरम गरीबी भी देखी, लेकिन आजादी के 75 साल बाद आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर गर्व से खड़ा है।
जयशंकर ने क्या कहा
"इंडिया@75: शोकेसिंग इंडिया यूएन पार्टनरशिप इन एक्शन" नाम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि 18वीं शताब्दी में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक चौथाई हिस्सा भारत का था। 20वीं सदी के मध्य तक उपनिवेशवाद के कारण हम सबसे अधिक गरीब देशों में से एक थे, लेकिन आजादी के 75 साल में भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आपके सामने गर्व से खड़ा है।


भारत दुनिया के साथ साझेदारी बढ़ाने को प्रतिबद्ध
एस जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत पृथ्वी के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और उसके चार्टर पर पूरा भरोसा है। हमारे विचार में दुनिया आज एक परिवार है। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि भारत की विकास गाथा को विस्तार की आवश्यकता नहीं है, आज के भारत में हर क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव हो रहे हैं। हमें अपनी परंपराओं पर गर्व है और हमारे भविष्य पर भरोसा है।

आजादी के 75 साल पूरा होने पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
इस कार्यक्रम को भारत ने आजादी के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया है। यह आयोजन भारत की विकास यात्रा और वैश्विक सहयोग में देश के योगदान को उजागर करेगा। इसे 77वें संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष समेत कई सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम प्रशासक के संबोधित किए जाने की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
प्रियेश मिश्र
नवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें

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