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INS Satpura: अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहली बार पहुंचा भारत का युद्धपोत, जानें कितना ताकतवर है आईएनएस सतपुड़ा

आईएनएस सतपुड़ा भारतीय नौसेना में शामिल शिवालिक क्लास का स्टील्थ मल्टी-रोल फ्रिगेट है। यह पिछले तलवार क्लास के युद्धपोतों की तुलना में उन्नत स्टील्थ फीचर से लैस है। इतना ही नहीं, इस युद्धपोत को दुश्मनों के रणनीतिक ठिकानों पर हमला करने के लिए कई नए शक्तिशाली वेपन सिस्टम से लैस किया गया है।

Authored byप्रियेश मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Aug 2022, 7:00 am
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा ने इस महीने अमेरिका पहुंचकर इतिहास रच दिया। यह युद्धपोत आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के सैन डिएगो पहुंचा था। यह पहला मौका था, जब भारतीय नौसेना का कोई युद्धपोत उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहुंचा था। इस मौके को खास बनाने के लिए अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू खुद सैन डिएगो पहुंचकर भारतीय युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा पर सवार हुए। संधू के साथ यूएस डिपार्टमेंट ऑफ नेवी के सेक्रेटरी कार्लोस डेल टोरो भी मौजूद रहे। आईएनएस सतपुड़ा की अमेरिका यात्रा भारतीय नौसेना की छह महाद्वीपों, तीन महासागरों और छह अलग-अलग टाइम जोन में युद्धपोतों की रणनीतिक तैनाती का हिस्सा था। भारत ने आजादी के 75 साल पूरा होने के मौके पर यह दिखाया कि उसकी नौसेना दुनिया के किसी भी हिस्से में ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है।
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INS Satpura: अमेरिका के पश्चिमी तट पर पहली बार पहुंचा भारत का युद्धपोत, जानें कितना ताकतवर है आईएनएस सतपुड़ा


स्टील्थ मल्टीरोल फ्रिगेट है आईएनएस सतपुड़ा

आईएनएस सतपुड़ा भारतीय नौसेना में शामिल शिवालिक क्लास का स्टील्थ मल्टी-रोल फ्रिगेट है। यह पिछले तलवार क्लास के युद्धपोतों की तुलना में उन्नत स्टील्थ फीचर से लैस है। इतना ही नहीं, इस युद्धपोत को दुश्मनों के रणनीतिक ठिकानों पर हमला करने के लिए कई नए शक्तिशाली वेपन सिस्टम से लैस किया गया है। आईएनएस सतपुड़ा मुंबई में मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में बनाया गया था। इसकी नींव 31 अक्टूबर 2002 को रखा गई, जबकि 4 जून 2004 को लॉन्च किया गया था। 2010 तक इस युद्धपोत के कई समुद्री परीक्षण भी किए गए। इस दौरान जरूरत को देखते हुए कुछ बदलाव भी हुए। इसके बाद आईएनएस सतपुड़ा को 20 अगस्त 2011 को विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना कमान में कमीशन कर दिया गया।

आईएनएस सतपुड़ा के पास एक से बढ़कर एक हथियार

आईएनएस सतपुड़ा रूसी, भारतीय और इजरायली वेपन सिस्टम से लैस है। इनमें 76mm ओटोब्रेडा नेवल गन, क्लब और ब्रह्मोस सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल, Shtil-1 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और 6-324 mm ILAS 3 (2 ट्रिपल) टॉरपीडो शामिल हैं। इसमें 32 सेल वाला वर्टिकल लॉन्च सिस्टम भी लगा हुआ है, जिसमें बराक मिसाइल तैनात हैं। इसके अलावा एके-630 को क्लोज-इन वेपन सिस्टम (सीआईडब्ल्यूएस) भी लगाया गया है। इस युद्धपोत पर दो एचएएल ध्रुव या सी किंग एमके .42 बी हेलीकॉप्टर शामिल हैं।

आईएनएस सतपुड़ा भारत में डिजाइन और निर्मित युद्धपोत

शिवालिक क्लास के निर्माण की परिकल्पना 1990 के दशक में भारतीय नौसेना के लिए स्टील्थ फीचर से लैस युद्धपोतों की आवश्यक्ता को पूरा करने के लिए की गई थी। इस क्लास के युद्धपोतों को भारत में डिजाइन और निर्माण किया जाना था। इसकी डिजाइन डॉयरेक्ट्रेट ऑफ नेवल डिजाइन ने तैयार किया है। 5000 टन स्टील्थ फ्रिगेट्स (प्रोजेक्ट 17) को अडवांस सिग्नेचर सप्रेशन और सिग्नेचर मैजनेजमेंट फीचर्स से लैस किया गया है। इस क्लास के तीन युद्धपोतों के निर्माण के लिए भारतीय नौसेना ने साल 1999 में ऑर्डर दिया था। इस क्लास के युद्धपोतों में कई ऐसे फीचर्स हैं, जिसे पहली बार शामिल किया गया है।

सतपुड़ा में कई सिस्टम पहली बार किए गए इस्तेमाल

शिवालिक क्लास के युद्धपोतों में कंबाइंड डीजल या गैस प्रपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह के प्रपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल करने वाला यह भारतीय नौसेना का पहला क्लास है। इसके गियरबॉक्स को Elcon Engineering ने डिजाइन और निर्मित किया है। इस क्लास की मुख्य विशेषताओं में स्टील्थ फीचर और जमीन पर हमला करने की क्षमता शामिल है। ये युद्धपोत संरचनात्मक, थर्मल और ध्वनिक स्टील्थ फीचर से लैस हैं। इस क्लास के युद्धपोत अपने नेटवर्क के लिए 10 गीगाबिट लैन (LAN) का उपयोग करते हैं। इस क्लास के युद्धपोतों में अधिक विशाल आवास प्रदान किए जाने के साथ चालक दल के आराम पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा, आईएनएस शिवालिक भारतीय नौसेना का पहला जहाज है जिसमें चपाती और डोसा बनाने वाली मशीनें शामिल हैं।

आईएनएस सतपुड़ा के सेंसर्स और रडार को जानें

आईएनएस सतपुड़ा पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सेंसर की एक विस्तृत सीरीज तैनात हैं। इसमें 1 MR-760 फ्रीगेट M2EM 3-D रडार, 4 MR-90 ओरेख रडार, 1 ELTA EL/M-2238 STAR रडार, 2 ELTA EL/M-2221 STGR रडार और 1 BEL APARNA रडार शामिल हैं।

शिवालिक क्लास के युद्धपोतों को जानें

शिवालिक क्लास के फ्रिग्रेट को प्रोजेक्ट 17 के नाम से भी जाना जाता है। आईएनएस सतपुड़ा भी उन्हीं में से एक है। अभी तक शिवालिक क्लास के तीन युद्धपोतों का निर्माण किया गया है और तीनों ही भारतीय नौसेना में एक्टिव ड्यूटी दे रहे हैं। ये भारत में निर्मित पहले स्टील्थ युद्धपोत हैं। वर्तमान में शिवालिक क्लास को अपडेट कर प्रोजेक्ट 17ए के नाम से सात अन्य युद्धपोतों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस क्लास के सभी युद्धपोतों का निर्माण मुंबई में मझगांव डॉक लिमिटेड में किया गया। इस क्लास का नाम हिमालय के शिवालिक पहाड़ी रेंज के नाम पर रखा गया।

लेखक के बारे में
प्रियेश मिश्र
नवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें

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