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ट्रंप के दावों को रूसी अधिकारियों ने झुठलाया, कहा- 'चुनाव अभियान के दौरान थे संपर्क में'

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अपने चुनाव प्रचार के दौरान उनका या उनकी टीम के किसी सदस्य का रूसी अधिकारियों के साथ कोई संपर्क नहीं था। उनके इस दावे को रूसी अधिकारियों ने गलत बताया है। रूस के कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित वहां के उप विदेश मंत्री और अमेरिका में रूस के राजदूत ने भी ट्रंप की टीम के कुछ सदस्यों के साथ संपर्क होने की बात कही।

द इंडिपेंडेंट 22 Feb 2017, 8:52 am
वॉशिंगटन
नवभारतटाइम्स.कॉम kremlin officials contradicted donald trumps claims says russian representatives were in contact with presidents team during election campaign
ट्रंप के दावों को रूसी अधिकारियों ने झुठलाया, कहा- 'चुनाव अभियान के दौरान थे संपर्क में'

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अपने चुनाव प्रचार के दौरान उनका या उनकी टीम के किसी सदस्य का रूसी अधिकारियों के साथ कोई संपर्क नहीं था। उनके इस दावे को रूसी अधिकारियों ने गलत बताया है। क्रेमलिन अधिकारियों ने माना है कि वे ट्रंप की टीम के कुछ सदस्यों के साथ संपर्क में थे। राष्ट्रपति ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उनकी टीम चुनाव अभियान के दौरान रूसी सरकार के किसी भी प्रतिनिधि के साथ संपर्क में नहीं थी। रूस पर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने की मंशा से डेमोक्रैटिक पार्टी के कंप्यूटर्स और मेल्स को हैक करने का आरोप है।

पिछले सप्ताह वाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस संबंध में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, 'मेरा रूस के साथ कोई लेना-देना नहीं है। मेरी जानकारी के मुताबिक, मेरे साथ के किसी भी सदस्य का रूस के साथ कोई संबंध नहीं है। कितनी बार मुझे इस सवाल का जवाब देना होगा? रूस एक फरेब है। मेरा रूस के साथ कोई लेना-देना नहीं है।' ट्रंप ही नहीं, उनकी टीम के कई सदस्य भी बार-बार यही दावा कर चुके हैं, लेकिन अब वरिष्ठ रूसी अधिकारियों द्वारा दिए गए बयान इस दावे को झुठलाते हैं।

NSA माइकल फ्लिन को देना पड़ा इस्तीफा
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने के 2 दिन बाद रूस के उप विदेश मंत्री सरगेई रीबकॉफ ने कहा कि उनकी सरकार चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप के सलाहकारों के साथ संपर्क में थी। रीबकॉफ ने इंटरफैक्स न्यूज एजेंसी से कहा, 'मैं इस बारे में नहीं बता सकता, लेकिन उनकी (ट्रंप) टीम के एक सदस्य ने रूसी प्रतिनिधियों के साथ संपर्क बनाकर रखा था।' ट्रंप की टीम ने तत्काल रीबकॉफ के दावों का खंडन किया। इसके बाद फरवरी की शुरुआत में अमेरिकी में नियुक्त रूसी राजदूत सेरगे किसल्याक ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान वह ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार और बाद में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त किए गए माइकल फ्लिन के साथ कई बार संपर्क में रहे। पिछले हफ्ते ही माइकल फ्लिन को रूस के साथ संबंध होने के आरोपों के कारण इस्तीफा देना पड़ा।

रूसी राजदूत ने भी की थी पुष्टि
किसल्याक ने मीडिया से कहा कि चुनाव अभियान के दौरान उनके और फ्लिन के बीच संदेशों का भी आदान-प्रदान हुआ था। वॉशिंगटन पोस्ट अखबार के मुताबिक, किसल्याक ने फ्लिन के साथ फोन पर बात करने और निजी तौर पर मुलाकात करने की भी बात कही थी। किसल्याक के शब्दों में, 'ऐसा तो सभी राजनयिक करते हैं।' इसके जवाब में वाइट हाउस की प्रवक्ता एस सैंडर्स ने कहा, 'यह गलत है। हमारी जानकारी के मुताबिक, कोई संपर्क नहीं हुआ था। जो चीज कभी हुई ही नहीं, उसके ऊपर टिप्पणी करना मुश्किल है।' न्यू यॉर्क टाइम्स ने अपनी एक खबर में कहा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने फोन पर की गई बातचीत को रिकॉर्ड किया था। इन रिकॉर्ड्स से खुलासा हुआ कि ट्रंप की टॉप टीम के कुछ सदस्यों का रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क था। अखबार ने हालांकि ट्रंप की टीम के इन सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।

अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने कहा, 'हैकिंग के पीछे रूस का हाथ'
विदेशी सरकारों द्वारा अमेरिकी चुनाव में खड़े प्रत्याशियों के साथ संपर्क स्थापित करना नई बात नहीं है। अगले संभावित राष्ट्रपति के साथ अच्छे रिश्ते बनाने और प्रभाव स्थापित करने की मंशा से ऐसा कई बार किया जाता है, लेकिन ट्रंप का मामला अलग है। जिस समय उनकी टीम के कुछ सदस्यों का कथित तौर पर रूसी अधिकारियों के साथ संपर्क हो रहा था, उसी दौरान अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां US चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने के मकसद से डेमोक्रैटिक पार्टी के कंप्यूटर्स और मेल्स की हैकिंग के केस में रूस के शामिल होने की संभावनाओं की पड़ताल कर रही थीं। बाद में अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि करते हुए कहा था कि हैकिंग के पीछे निश्चित तौर पर रूस का हाथ था।

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