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अब चांद पर भी चलेगा 4G, नासा ने Nokia को दिया नेटवर्क लगाने का कॉन्ट्रेक्ट

Cellular Network on Moon: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चांद पर मोबाइल सेल्युलर नेटवर्क बनाने के लिए नोकिया को चुना है। फिनलैंड की कंपनी नोकिया ने कहा है कि नासा की योजना चांद पर मानव बस्तियां बसाने की है। नासा पहले से ही आर्टेमिस (Artemis) प्रोग्राम के जरिए 2014 तक चांद की सतह पर मानव मिशन भेजने की तैयारी कर रही है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 20 Oct 2020, 10:51 pm
वॉशिंगटन
नवभारतटाइम्स.कॉम NASA Moon
प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चांद पर मोबाइल सेल्युलर नेटवर्क बनाने के लिए नोकिया को चुना है। फिनलैंड की कंपनी नोकिया ने कहा है कि नासा की योजना चांद पर मानव बस्तियां बसाने की है। नासा पहले से ही आर्टेमिस (Artemis) प्रोग्राम के जरिए 2014 तक चांद की सतह पर मानव मिशन भेजने की तैयारी कर रही है। वहीं, नोकिया ने दावा किया है कि चांद पर उसका नेटवर्क साल 2022 के अंत तक काम करने लगेगा।

27.13 अरब रुपये का है प्रोजक्ट
इस प्रोजक्ट के लिए नासा नोकिया सहित कई कंपनियों को 370 मिलियन डॉलर (लगभग 27.13 अरब रुपये) देगी। जिससे चांद की सतह पर एक बेहतर कम्यूनिकेशन नेटवर्क खड़ा किया जा सकेगा। नोकिया ने कहा है कि नासा के आर्टेमिस मिशन के दौरान यह कम्यूनिकेशन नेटवर्क बड़ी भूमिका निभाएगा।

बाद में 5G में बदला जाएगा नेटवर्क
नोकिया इस काम में अमेरिका के टेक्सास स्थित प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट डिजाइन कंपनी इन्टुएटीव मशीनों के साथ काम करेगी। इस कंपनी के स्पेसक्राफ्ट के जरिए ही नोकिया अपने कम्यूनिकेशन इक्यूपमेंट्स को चांद की सतह पर पहुंचाएगी। नोकिया ने कहा कि उसका नेटवर्क शुरुआत में 4G/LTE पर काम करेगा, लेकिन बाद में इसे 5G में बदला जाएगा।

स्पेशल उपकरणों को बना रही नोकिया कंपनी
कंपनी ने बताया कि इस सेल्युलर नेटवर्क को ऐसे डिजाइन किया जाएगा जिससे यह विपरीत परिस्थितियों में भी काम कर सके। इसके लिए सभी उपकरणों को कम बिजली खपत करने वाला और साइज में छोटा बनाया जाएगा। उन्हें चांद के वातावरण के हिसाब से काम करने के लिए भी डिजाइन किया जाएगा।

14 कंपनियों को चुना गया
नासा ने इस काम के लिए नोकिया के अलावा कुल 14 कंपनियों को चुना है। जो चांद पर सर्फेस पावर जेनेरेशन, क्रायोजेनिक फ्रीजिंग और रोबॉटिक्स टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करेंगी। इसमें मुख्य रूप से स्पेसएक्स, लॉकहीड मॉर्टिन, सिएरा, यूएलए और एसएसएल रोबोटिक्स प्रमुख हैं।

क्या है नासा का आर्टेमिस प्रोग्राम
नासा अपने आर्टेमिस प्रोग्राम के जरिए चांद की सतह पर 2014 तक इंसानों को पहुंचाना चाहता है। इसके जरिए चांद की सतह पर मानव गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। चांद पर मौजूद इंसान उन क्षेत्रों का पता लगाएंगे जहां पहले कोई नहीं पहुंचा है या जो अबतक अछूते रहे हैं।

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