ऐपशहर

NASA SpaceX Launch: मील का पत्थर, US ने अपनी धरती से स्पेस भेजे Astronauts

Nasa SpaceX Rocket Launch: नौ साल में पहली बार अब अमेरिका ने अपने Astronauts को अमेरिका की धरती से स्पेस (NASA SpaceX ) पर भेजा है। ऐस्ट्रोनॉट्स Robert Behnken और Douglas Hurley रॉकेट Falcon 9 में सवार हैं। NASA Administrator Jim Bridenstine ने इसे गर्व का लम्हा बताया।

नवभारतटाइम्स.कॉम 31 May 2020, 9:04 am

हाइलाइट्स

  • अमेरिका ने 9 साल बाद अपनी धरती से रचा इतिहास
  • नासा मिशन स्पेसएक्स लॉन्च, रॉकेट में 2 अंतरिक्ष यात्री
  • दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर रॉकेट को किया लॉन्च
  • नासा के ऐडमिनिस्ट्रेटर ने इसे गर्व का लम्हा बताया है

सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम SPACEX NASA LAUNCH
स्पेसएक्स की लॉन्चिंग
फ्लोरिडा
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने 9 साल बाद इतिहास रच दिया है। फ्लोरिडा के केप कनवरल में जॉन एफ केनेडी स्पेस सेंटर से NASA-SpaceX Demo-2 mission सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। अमेरिका ने 9 साल में पहली बार अपनी धरती से स्पेस (अंतरिक्ष) में Astronauts भेजे हैं। नासा के ऐडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेनस्टीन ने लॉन्च के बारे में जानकारी दी। चांद को छूने के लिए पृथ्वी से पहली उड़ान इसी जॉन एफ केनेडी सेंटर से रखी गई थी।
नासा के ऐडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेनस्टीन ने ट्वीट करते हुए बताया, '9 साल में पहली बार अब हमने अमेरिकी Astronauts को अमेरिकी रॉकेट के जरिए अमेरिका की धरती से भेजा है। मुझे नासा और SpaceX टीम पर गर्व है, जिसने हमें इस क्षण को देखने का मौका दिया है। यह एक बहुत अलग तरह की फीलिंग है, जब आप अपनी टीम को इस रॉकेट (Falcon 9) पर देखते हैं। ये हमारी टीम है। यह Launch America है।'

अमेरिकी समय के मुताबिक दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर रॉकेट को लॉन्च किया गया। दोनों Astronauts (अंतरिक्ष यात्री) सभी तैयारियों के साथ SpaceX रॉकेट में सवार हुए। काउंटडाउन खत्म होने के साथ ही यान अंतरिक्ष की ओर उड़ चला। इससे पहले बुधवार को खराब मौसम की वजह से लॉन्चिंग को तय समय से 16 मिनट पहले टालना पड़ा था।


पढ़ें: फोम का वह टुकड़ा...तो लौट पातीं कल्पना चावला


NASA के लिए ऐतिहासिक लम्हा
Elon Musk की कंपनी SpaceX का रॉकेट वेटरन ऐस्ट्रोनॉट्स Robert Behnken और Douglas Hurley को ISS तक ले जाने के लिए लॉन्च हुआ। दोनों अंतरिक्ष यात्री 19 घंटे का सफर तय करते हुए इसे लेकर इंटरनैशनल स्पेस सेंटर (ISS) पहुंचेंगे। साल 2011 में स्पेस शटल प्रोग्राम खत्म होने के बाद पहली बार अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स अमेरिका की मिट्टी से स्पेस में भेजे गए हैं। अभी तक रूस के Soyuz का सहारा लिया जाता था। किसी प्राइवेट कंपनी के रॉकेट से स्पेस जाने का भी यह पहला मौका है।


अमेरिका के इतिहास में NASA (नैशनल ऐरोनॉटिक्स ऐंड स्पेस ऐडमिनिस्ट्रेशन) ने मंगल मिशन समेत कई अहम कीर्तिमान जॉन एफ केनेडी स्पेस सेंटर से अपने नाम किए। लेकिन 2011 के बाद से इस पर ब्रेक लग गया। अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स रूस की मदद से स्पेस में जाते रहे। अब NASA वापस अमेरिका की मिट्टी से अपने ऐस्ट्रोनॉट्स को अपने देश के रॉकेट्स में बैठाकर स्पेस में भेजा है। पूरी दुनिया की निगाहें इस मिशन पर टिकी थीं।

जेएफ केनेडी स्पेस सेंटर की इस लॉन्च साइट से NASA ने कई महत्वाकांक्षी मिशन लॉन्च किए। चांद पर जाने वाला Apollo, मंगल पर जाने वाला Mariner और भारतीय मूल की ऐस्ट्रनॉट कल्पना चावला को ले जाने वाला शटल Columbia भी यहीं से लॉन्च हुआ था। 2011 के बाद से यहां से कोई लॉन्च नहीं हुआ और अमेरिका के ऐस्ट्रोनॉट्स रूस के Soyuz रॉकेट्स से स्पेस में जाते रहे।

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग