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26/11 की बरसी पर न्यूयार्क में प्रवासी भारतीयों ने किया पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शन

न्यूयार्क (अमेरिका), 27 नवंबर (भाषा) न्यूयार्क में प्रवासी भारतीयों ने 26/11 के मुंबई हमले की 14वीं बरसी पर पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शन किया तथा इस नृशंस हमले के गुनहगारों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करने की मांग की। ये लोग ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर ‘मुंबई 26/11’, ‘हम नहीं माफ करेंगे’ और ‘पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाओ’ जैसे नारे लिखे थे। उन्होंने वाणिज्य दूतावास के बाहर डिजिटल वाहन खड़ा कर रखा था जिसपर 26/11 के षडयंत्रकर्ता हाफिज सईद, आतंकवादी अजमल कसाब तथा हमले के दौरान

भाषा 27 Nov 2022, 8:50 pm
न्यूयार्क (अमेरिका), 27 नवंबर (भाषा) न्यूयार्क में प्रवासी भारतीयों ने 26/11 के मुंबई हमले की 14वीं बरसी पर पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के सामने प्रदर्शन किया तथा इस नृशंस हमले के गुनहगारों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा करने की मांग की।

ये लोग ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिनपर ‘मुंबई 26/11’, ‘हम नहीं माफ करेंगे’ और ‘पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाओ’ जैसे नारे लिखे थे।

उन्होंने वाणिज्य दूतावास के बाहर डिजिटल वाहन खड़ा कर रखा था जिसपर 26/11 के षडयंत्रकर्ता हाफिज सईद, आतंकवादी अजमल कसाब तथा हमले के दौरान मुंबई के ताज होटल से उठ रही आग की तस्वीरें दिखायी गयीं।

वर्ष 2008 में 26 नवंबर को मुंबई हमला शुरू हुआ था जो 29 नवंबर, 2008 तक चला था। इस हमले में कई विदेशी नागरिकों समेत 166 लोगों की जान गयी थी तथा 300 से अधिक घायल हुए थे। इस हमले की दुनियाभर में निंदा की गयी थी।

भारतीय सुरक्षाबलों के हाथों नौ पाकिस्तानी आतंकवादी भी मारे गये थे। अजमल कसाब एकमात्र ऐसा आतंकवादी था, जिसे जिंदा पकड़ा गया था। उसे चार साल बाद 21 नवंबर, 2012 को फांसी पर चढ़ा दिया गया था।

प्रदर्शनकारी शशांक तेलकिकर ने कहा, ‘‘हम अनुरोध करते हैं कि जबतक (पाकिस्तान में) आतंकवादियों को इंसाफ के कठघरे में खड़ा नहीं किया जाता है, तबतक सभी समान विचारधारा वाले देश एकसाथ आएं और पाकिस्तान पर पाबंदियां लगाएं।’’

अन्य प्रदर्शनकारी रविशंकर ने कहा कि सरकार-प्रायोजित इस कायराना हरकत का विरोध करने के लिए प्रवासी भारतीय पाकिस्तान वाणिज्य दूतावास के सामने जुटे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम (इस हमले को) कभी नहीं भूलेंगे, कभी नहीं माफ करेंगे।’’

विलास रेड्डी ने कहा कि सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एकजुट होना चाहिए और पाकिस्तान को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की काली सूची में फिर डाला जाना चाहिए।

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