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लीबिया में हो UN हेडक्वार्टर... जब तानाशाह गद्दाफी ने संयुक्त राष्ट्र में ही फाड़ दिया था चार्टर, 90 मिनट तक दिया भाषण

Gaddafi UNGA Speech Video : गद्दाफी ने यूएन चार्टर की एक कॉपी लहराते हुए सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की निंदा की। उनका कहना था कि यह अन्य देशों के साथ 'दूसरे दर्जे के नागरिकों' जैसे व्यवहार को प्रोत्साहित करता है।

Curated byयोगेश मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम 24 Sep 2022, 2:33 pm

हाइलाइट्स

  • लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी ने 2009 में UN में दिया था भाषण
  • तोड़ा 15 मिनट की समयसीमा का प्रोटोकॉल, 90 मिनट तक बोलते रहे गद्दाफी
  • सुरक्षा परिषद को बताया 'आतंकवादी परिषद', फाड़ी यूएन चार्टर की कॉपी
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गद्दाफी का यूएन में भाषण
न्यूयॉर्क : लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर अल-गद्दाफी ने कई राजनीतिक और सैन्य कारणों से दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं। साल 2009 में उनका संयुक्त राष्ट्र में दिया वह ऐतिहासिक भाषण सभी को याद है जिसमें 64वीं महासभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यूएन चार्टर को फाड़ दिया था। गद्दाफी ने सिर्फ एक बार ही यूएन को संबोधित किया। इस भाषण को कई वजहों से याद किया जाता है। 2009 में गद्दाफी की संयुक्त राष्ट्र में मौजूदगी उनके 40 साल के शासन में पहली थी। पहली ही बार में उन्होंने 15 मिनट की समयसीमा के प्रोटोकॉल को तोड़ते अपना भाषण 90 मिनट में पूरा किया।
अफ्रीकी संघ के तत्कालीन अध्यक्ष गद्दाफी ने एक भूरे रंग की पारंपरिक लीबियाई पोशाक पहनी थी। उनकी छाती पर एक काला 'अफ्रीकी महाद्वीप' का ब्रोच लगा हुआ था। उनका परिचय 'सोशलिस्ट पीपुल्स लीबियाई अरब जमाहिरिया की क्रांति के नेता, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी राजाओं के राजा' के रूप में दिया गया था। गद्दाफी को सुरक्षा परिषद में अफ्रीकी सीट के अपने मेन पॉइंट पर आने में 17 मिनट लग गए।

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सुरक्षा परिषद को बताया आतंकवादी परिषद
उन्होंने यूएन चार्टर की एक कॉपी लहराते हुए सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की निंदा की। उनका कहना था कि यह अन्य देशों के साथ 'दूसरे दर्जे के नागरिकों' जैसे व्यवहार को प्रोत्साहित करता है। गद्दाफी ने कहा कि यह उनके लिए राजनीतिक सामंतवाद है जिनके पास स्थायी सीट है। इसे सुरक्षा परिषद नहीं कहा जाना चाहिए, इसे 'आतंकवादी परिषद' कहना चाहिए। इसने हमें सुरक्षा नहीं बल्कि आतंक और प्रतिबंध दिए हैं।


लीबिया में यूएन मुख्यालय की मांगभाषण के दौरान अपना विरोध जताते हुए गद्दाफी ने चार्टर के एक पेज को फाड़ दिया। गद्दाफी ने 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क में अल-कायदा के हमलों का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय को लीबिया स्थानांतरित करने की मांग की ताकि खतरों और असुरक्षा से बचा जा सके। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इजरायल और फिलिस्तीन को मिलाकर एक नया राज्य बना देना चाहिए जिसे 'इजरातीन' कहा जाए। गद्दाफी ने इस्लामिक शासन की स्थापना के लिए तालिबान का समर्थन किया और इराक में 'सामूहिक हत्या' करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आह्वान किया।
लेखक के बारे में
योगेश मिश्रा
योगेश नवभारत टाइम्स डिजिटल में पत्रकार हैं और अंतरराष्ट्रीय खबरें आप तक पहुंचाते हैं। इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआती पढ़ाई यानी ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से की और पोस्ट ग्रेजुएशन बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (लखनऊ) से किया। पत्रकारिता में अनुभव अब पांच साल के पड़ाव को पार कर चुका है। खबरों से इतर योगेश को साहित्य में गहरी दिलचस्पी है। योगेश का मानना है कि पत्रकारिता भी साहित्य की एक विधा है जैसे रेखाचित्र या संस्मरण।... और पढ़ें

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