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आर्मीनिया-अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख में जंग जारी, रूस ने तुर्की को दी चेतावनी

Armenia Azerbaijan Ceasefire Violation: आमीर्निया-अजरबैजान ने एक-दूसरे पर सीजफायर के उल्‍लंघन का आरोप लगाया है। दोनों ही देशों ने कहा क‍ि तोपों से गोलाबारी जारी है। इससे पहले अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने मानवीय संघर्ष व‍िराम कराया था।

नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Oct 2020, 1:24 pm

हाइलाइट्स

  • आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच नागोरनो-कराबाख इलाके में जारी जंग खत्‍म होने का नाम नहीं ले रही
  • अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के प्रयासों से आर्मीनिया और अजरबैजान संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गए थे
  • हालांकि अब एक बार फिर से आर्मीनिया और अजरबैजान ने एक-दूसरे पर गोलाबारी करने का आरोप लगाया
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आर्मीनिया-अजरबैजान में संघर्ष व‍ि‍राम का उल्‍‍लंघन
बाकू/येरेवान
आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके में पिछले 29 दिनों से जारी जंग खत्‍म होने का नाम नहीं ले रही है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के प्रयासों से आर्मीनिया और अजरबैजान मानवीय संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गए थे लेकिन अब एक बार फिर से दोनों के बीच में गोलाबारी शुरू हो गई है। उधर, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव ने इशारों ही इशारों तुर्की समेत अन्‍य विदेशी ताकतों को चेतावनी दी है।
आर्मीनिया और अजरबैजान दोनों ने ही एक-दूसरे पर कराबाख के पूर्वोत्‍तर इलाके में सीजफायर के उल्‍लंघन का आरोप लगाया है। आर्मीनिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्‍ता शुशान स्‍टेपनयान ने एक बयान जारी करके कहा, 'अमेरिका के सहयोग से हुए मानवीय सीजफायर पूरी तरह से उल्‍लंघन हुआ है और अजरबैजान की सेना ने नागोरनो-कराबाख के पूर्वोत्‍तर इलाके में तोपों से बम के गोले बरसाए हैं।'

29 दिन के बाद थमी आर्मीनिया-अजरबैजान की जंग, मानवीय संघर्ष विराम पर लगी मुहर

आर्मीनिया की सेना सीजफायर का उल्‍लंघन कर रही: अजरबैजान
इस बीच आर्मीनिया के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि वह सीजफायर का कड़ाई से पालन करेंगे। उधर, अजरबैजान ने भी आर्मीनिया पर लाचिन जिले में गोलाबारी का आरोप लगाया है। अजरबैजान ने कहा कि आर्मीनिया की सेना मानवीय सीजफायर का उल्‍लंघन कर रही है और उसने 26 अक्‍टूबर को शहरों और गावों को निशाना बनाकर गोलाबारी की है। इस जंग में अब तक दोनों ही पक्षों से 5 हजार सैनिक और लोग मारे गए हैं।


इस बीच रूस ने इशारों ही इशारों तुर्की, इजरायल समेत अन्‍य विदेशी ताकतों को गंभीर चेतावनी दी है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव ने कहा कि इस संकट का राजनयिक समाधान मुमकिन है। उन्‍होंने सभी विदेशी ताकतों को चेतावनी दी कि वे इसके सैन्‍य समाधान को बढ़ावा देना बंद कर दें। लवरोव ने कहा कि यह कोई सीक्रेट नहीं है कि हम इस समस्‍या के सैन्‍य समाधान की संभावना का समर्थन नहीं करते हैं।

तुर्की ने किया था अजरबैजान में सेना भेजने का ऐलान
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि आर्मीनिया और अजरबैजान दोनों ही हमारे मित्र देश हैं। हम सैन्‍य समाधान के विचार का समर्थन नहीं करते हैं। इससे पहले मध्‍य एशिया में 'खलीफा' बनने की चाहत रखने वाले तुर्की ने ऐलान किया था कि अगर अजरबैजान की ओर से अनुरोध आया तो वह अपनी सेना को भेजने के लिए तैयार है। सुपरपावर रूस के पड़ोसी देशों आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्‍जे के लिए जंग चल रही है और अगर तुर्की इसमें शामिल होता है तो तीसरे विश्‍व युद्ध का खतरा पैदा हो जाएगा।

तुर्की के उपराष्‍ट्रपति फौत ओकताय ने कहा है कि अगर अजरबैजान की ओर से सेना भेजने का अनुरोध आता है तो तुर्की अपने सैनिकों और सैन्‍य सहायता को देने से हिचकेगा नहीं। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि अभी तक इस तरह का कोई अनुरोध अजरबैजान की ओर से नहीं आया है। तुर्की ने अजरबैजान को अपना पूरा समर्थन देते हुए आरोप लगाया कि आर्मीनिया बाकू की जमीन पर कब्‍जा कर रहा है।

फ्रांस, रूस और अमेरिका पर बरसे तुर्की के उपराष्‍ट्रपति
बुधवार को सीएनएन के साथ बातचीत में तुर्की के उपराष्‍ट्रपति ने फ्रांस, रूस और अमेरिका के नेतृत्‍व वाले गुट की आलोचना की और कहा कि यह समूह नहीं चाहता है कि नागोर्नो-काराबाख का विवाद खत्‍म हो। उन्‍होंने यह भी आरोप लगाया कि यह समूह आर्मीनिया की राजनीतिक और सैन्‍य रूप से मदद कर रहा है। बता दें कि फ्रांस, रूस और अमेरिका के नेतृत्‍व वाला यह समूह आर्मीनिया-अजरबैजान के बीच विवाद को सुलझाने के लिए मदद कर रहा है।

तुर्की, पाकिस्‍तान, इजरायल ये हैं अजरबैजान के 'दोस्‍त'

नागोर्नो-काराबाख की जंग में तुर्की और उसका पिछलग्‍गू पाकिस्‍तान खुलकर अजरबैजान का समर्थन कर रहे हैं। तुर्की ने पिछले साल अजरबैजान के साथ 10 संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास किए थे। खबरों में कहा गया था क‍ि अजरबैजान के अंदर तुर्की अपना एक स्‍थायी सैन्‍य अड्डा बनाने में जुट गया है। नागोर्नो-काराबाख में जारी वर्तमान जंग में तुर्की खुलकर हथियारों की मदद कर रहा है। तुर्की के ड्रोन विमान आर्मीनिया में कहर ढा रहे हैं। आर्मीनिया का दावा है कि तुर्की ने अपने F-16 लड़ाकू विमान भी अजरबैजान को दिए हैं।

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