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भारत की आर्थिक तरक्की को गंभीरता से ले चीन: ग्लोबल टाइम्स

चीनी ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि उनके देश को भारत की तरक्की को गंभीरता से लेना चाहिए। अखबार के मुताबिक, चीन को बहुत ज्यादा बेपरवाह नहीं होना चाहिए, खास तौर पर तब, जब भारत 'चीन को कॉपी' करता है। लेख में माना गया है कि भारत ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को आकर्षित करने में कामयाब रहा है और इस बात को चीन को 'गंभीरता' से लेना चाहिए।

नवभारतटाइम्स.कॉम 11 May 2017, 2:17 pm
नई दिल्ली
नवभारतटाइम्स.कॉम beijing must take india growth seriously says china state media
भारत की आर्थिक तरक्की को गंभीरता से ले चीन: ग्लोबल टाइम्स

चीन सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने कहा है कि उनके देश को भारत की आर्थिक तरक्की को गंभीरता से लेना चाहिए। अखबार के मुताबिक, चीन को बहुत ज्यादा बेपरवाह नहीं होना चाहिए, खासतौर पर तब, जब भारत 'चीन को कॉपी' करता है। अखबार में छपे लेख में माना गया है कि भारत ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को आकर्षित करने में कामयाब रहा है और इस बात को चीन को 'गंभीरता' से लेना चाहिए। भारत को गंभीरता से लेने की एक अन्य कारण यहां की जनसांख्यिकी संबंधित खासियत को भी बताया गया है। लेख के मुताबिक, भारत की आधी आबादी 25 साल से कम उम्रवालों की है, जिसका उसे फायदा मिलेगा।

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ग्लोबल टाइम्स में गुरुवार को जो आर्टिकल छपा है, वह बहुत कुछ एक प्राइवेट चीनी थिंक टैंक 'एनबाउंड' की रिपोर्ट पर आधारित है। रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की गई थी कि 'अगर भारत चीन की नकल करने का फैसला करता है तो इसके क्या प्रभाव पड़ेंगे और चीन को क्या करना चाहिए?' ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, 'अगर भारत जानबूझकर दुनिया भर के निवेशकों के सामने एक प्रतिस्पर्धी माहौल बनाता है तो यह चीन के सामने एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इसकी वजह यह है कि भारत में चीन के इकनॉमिक मॉडल को कॉपी करने का माहौल है। इसकी वजह इसका बड़ा बाजार, सस्ता श्रम और बड़ी आबादी है। इन सभी मोर्चों पर भारत और चीन के हालात एक जैसे हैं।'

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अखबार ने सोलर एनर्जी के सेक्टर में भारत की कामयाबी की भी तारीफ की है। इसमें लिखा है, 'पीएम मोदी पारंपरिक ईंधन की जगह क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में सोच रहे हैं। इसके लिए बड़े पैमाने पर सोलर पार्क बनाए जा रहे हैं और अगले पांच साल में सोलर एनर्जी के क्षेत्र में 100 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वर्ल्ड बैंक से मिलने वाले लोन का सहयोग भी मिलेगा। सोलर इकॉनमी में निवेशकों को खींचने में कोई भी देश भारत का मुकाबला नहीं कर सकता।'

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