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अपने बयानों से ही 'ड्रैगन को घायल' कर देते थे CDS जनरल बिपिन रावत, चीन के सामने थे सबसे बड़ी चुनौती

General Bipin Rawat Death News: जनरल रावत ने चीन को सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा चीन है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने में 'भरोसे' की कमी है और 'संदेह' बढ़ता जा रहा है।

Curated byयोगेश मिश्रा | नवभारतटाइम्स.कॉम 8 Dec 2021, 11:47 pm
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नवभारतटाइम्स.कॉम Bipin Rawat
File Photo

सीडीएस जनरल रावत का बुधवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया। भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सैन्य हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे जिसमें जनरल रावत और उनकी पत्नी सहित 13 लोगों का देहांत हो गया। जनरल रावत भारत विरोधी देशों के लिए सबसे बड़ी चुनौती थे। चीन और पाकिस्तान जैसे देश सिर्फ जनरल रावत के बयानों से ही बौखला जाते थे।

कुछ दिनों पहले ही जनरल रावत ने चीन को सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा चीन है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने में 'भरोसे' की कमी है और 'संदेह' बढ़ता जा रहा है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल वू कियान ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि हम इस टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हैं और भारतीय पक्ष के सामने कड़ा एतराज जताया है।
जनरल रावत की तरह ताइवान के सेना प्रमुख की भी हुई थी हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत, चीन को दे रहे थे मुंहतोड़ जवाब
जनरल रावत के बयान से बिदक गया चीन
चीन ने कहा था कि इस तरह के बयान भू-राजनीतिक टकराव को भड़काते हैं और गैर जिम्मेदाराना तथा खतरनाक हैं। भारत और चीन के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद 13 दौर की बातचीत के बाद भी सुलझ नहीं पाया है। हालांकि यह पहली बार नहीं था जब जनरल रावत ने चीन पर शब्दों के बाण चलाए हों। पहले भी वह अक्सर ड्रैगन पर निशाना साधते रहते थे।

'भारत को पीछे नहीं धकेला जा सकता'
जनरल रावत ने अप्रैल 2021 को रायसीना डायलॉग में कहा था कि भारत चीन के 'माय वे ऑर नो वे' के सामने मजबूती से खड़ा है। भारत को किसी तरह के दबाव से पीछे नहीं धकेता जा सकता है। इससे पहले अप्रैल में ही उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि चीन तकनीक के क्षेत्र में काफी आगे है। वह भारत पर साइबर हमला करता है। इसलिए भारत चीन के साइबर हमलों से निपटने के लिए अपने साइबर डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है।

जब जनरल रावत बोले- अब हालात 1962 जैसे नहींजनरल रावत 2018 में सेना प्रमुख थे और तभी से वह चीन पर हमलावर थे। उन्होंने कहा था कि भारत चीन को अपने क्षेत्र में अतिक्रमण नहीं करने देगा। अगर चीन मजबूत है तो भारत भी कमजोर नहीं है। हालात अब 1962 से काफी बदल चुके हैं। हर क्षेत्र में भारतीय सेना पहले से मजबूत हुई है। इसी तरह 2017 में डोकलाम स्टैंड ऑफ के बाद जनरल रावत ने कहा था कि भारत को चीन और पाकिस्तान के खिलाफ दो मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार रहना होगा।
लेखक के बारे में
योगेश मिश्रा
योगेश नवभारत टाइम्स डिजिटल में पत्रकार हैं और अंतरराष्ट्रीय खबरें आप तक पहुंचाते हैं। इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआती पढ़ाई यानी ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से की और पोस्ट ग्रेजुएशन बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (लखनऊ) से किया। पत्रकारिता में अनुभव अब पांच साल के पड़ाव को पार कर चुका है। खबरों से इतर योगेश को साहित्य में गहरी दिलचस्पी है। योगेश का मानना है कि पत्रकारिता भी साहित्य की एक विधा है जैसे रेखाचित्र या संस्मरण।... और पढ़ें

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