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चीनी विदेश मंत्री का शांति वाला राग, बोले- सीमा विवाद इतिहास की देन, हम साझेदार हैं प्रतिद्वंदी नहीं

लद्दाख में जारी तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एक बार फिर शांति का राग अलापते हुए आपसी भरोसे की बात की है। वांग यी ने रविवार को कहा कि चीन और भारत को सीमा मुद्दे के हल के लिए एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाना और आपस में संदेह करना छोड़ देना चाहिए।

भाषा 7 Mar 2021, 8:31 pm

हाइलाइट्स

  • चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत चीन के बीच विश्वास बहाल करने पर दिया जोर
  • वांग यी बोले- चीन और भारत एक दूसरे के मित्र एवं साझेदार हैं, ना कि खतरा या प्रतिद्वंद्वी
  • चीन के विदेश मंत्री ने सीमा विवाद हल करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने को कहा


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नवभारतटाइम्स.कॉम Wang yi China 01
चीन के विदेश मंत्री वांग यी
पेइचिंग
लद्दाख में जारी तनाव के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एक बार फिर शांति का राग अलापते हुए आपसी भरोसे की बात की है। वांग यी ने रविवार को कहा कि चीन और भारत को सीमा मुद्दे के हल के लिए एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाना और आपस में संदेह करना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह इतिहास की देन है इसलिए हमें सीमा विवाद को हल करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार कर अनुकूल माहौल बनाना चाहिए।
वांग ने चीन और भारत के बीच संबंध के लिए सीमा विवाद के पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं होने का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश मित्र एवं साझेदार हैं, लेकिन उन्हें एक दूसरे पर संदेह करना छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद इतिहास की देन है, यह चीन-भारत संबंध के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं है।

द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करें दोनों देश
उन्होंने पिछले साल मई में पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध होने के बाद से भारत-चीन संबंधों की मौजूदा स्थिति पर अपने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि यह जरूरी है कि दोनों देश अपने विवादों का निपटारा करें और द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करें। वांग ने चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के वार्षिक सत्र से अलग संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह जरूरी है कि दोनों पक्ष विवादों का उपयुक्त निपटारा करें और साथ ही सहयोग बढ़ाएं, ताकि मुद्दों के हल के लिए अनुकूल स्थिति बन सके।

चीनी सैनिकों के पीछे बुलाने पर कुछ नहीं बोले
हालांकि, उन्होंने दोनों देशों के बीच 10 दौर की सैन्य स्तर की वार्ता के बाद पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी तटों से सैनिकों के हाल ही में पीछे हटने के विषय पर कुछ नहीं कहा। विदेश मंत्री जयशंकर के साथ टेलीफोन पर 75 मिनट तक हुई बातचीत के बाद सीमा मुद्दे पर वांग की यह टिप्पणी आई है।

वहीं, शुक्रवार को भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री ने चीन के उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई से मुलाकात की थी और पूर्वी लद्दाख के सभी इलाकों से सैनिकों की वापसी प्रकिया पूरी करने की अपील की थी। वांग ने अपनी टिप्पणी में कहा कि विश्व यह उम्मीद करता है कि चीन और भारत, दोनों देश विकासशील देशों के साझा हितों की रक्षा करें और विश्व में बहुध्रुवीय व्यवस्था को मजबूत करें।

चीन भारत एक दूसरे के साझेदार, प्रतिद्वंदी नहीं
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि कई अहम मुद्दों पर, हमारे रुख समान हैं या करीबी हैं और समान राष्ट्रीय वास्तविकताओं के चलते ऐसा है, इसलिए चीन और भारत एक दूसरे के मित्र एवं साझेदार हैं, ना कि खतरा या प्रतिद्वंद्वी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को सफल होने के लिए एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने के बजाय एक- दूसरे की मदद करनी चाहिए। हमें एक-दूसरे पर संदेह करने के बजाय सहयोग बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने पूर्वी लद्दाख गतिरोध का सीधे तौर पर जिक्र किए बगैर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में पिछले साल जो कुछ सही या गलत हुआ, वह स्पष्ट है...। वांग ने कहा, ‘‘हम सीमा विवाद वार्ता एवं परामर्श के जरिए हल करने को प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, हम अपने संप्रभु अधिकारों की भी रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।

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