ऐपशहर

लद्दाख में 'शांति' के बीच ल्हासा में मिलिट्री बेस को अपग्रेड कर रहा चीन, कहीं भारत को धोखा तो नहीं देगा?

India China Ladakh Standoff Latest News: लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के किनारे से डिसइंगेजमेंट करने के बाद चीन तिब्बत के इलाके में कुछ बड़ा करने की प्लानिंग में जुटा है। अभी तक ऐसी खबरें थी कि चीन अब अरुणाचल प्रदेश के सटे इलाकों में तेजी से एयरबेस को अपग्रेड कर रहा है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 6 Mar 2021, 5:27 pm

हाइलाइट्स

  • चीन तिब्बत की राजधानी ल्हासा में अपने मिलिट्री बेस को तेजी से अपग्रेड कर रहा
  • इस बेस पर तोपों और सैन्य वाहनों को रखने के लिए नए ठिकाने बनाए गए
  • लद्दाख में शांति का राग अलापने वाले चीन की इस हरकत से शंका को मिला बल
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम China Base image 01
ल्हासा में मिलिट्री बेस को अपग्रेड कर रहा चीन (फोटो- maxar technologies)
पेइचिंग
लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के किनारे से डिसइंगेजमेंट करने के बाद चीन तिब्बत के इलाके में कुछ बड़ा करने की प्लानिंग में जुटा है। अभी तक ऐसी खबरें थी कि चीन अब अरुणाचल प्रदेश के सटे इलाकों में तेजी से एयरबेस को अपग्रेड कर रहा है। वहीं, चीन पर नजर रखने वाली एक ओपन सोर्स ने मैक्सार टैक्नोलॉजीज की सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से खुलासा किया है कि चीन अब ल्हासा में अपने मिलिट्री बेस का विस्तार करने के साथ उसे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर रहा है। चीन का यह मिलिट्री बेस सिक्किम के बॉर्डर से करीब 320 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में शंका है कि कहीं चीन शांति की आड़ में धोखे वाली किसी घटना को अंजाम न दे दे।
सैटेलाइट तस्वीर से खुली चीन की पोल
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस detresfa_ ने सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से बताया है कि तिब्बत की राजधानी ल्हासा में पीएलए के मिलिट्री बेस में बड़े पैमाने पर अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है। यह तिब्बत के क्षेत्र में स्थापित चीन की सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है। इस बेस पर पहली बार निर्माण कार्य को अप्रैल 2020 में देखा गया था, जिसके बाद जनवरी 2021 में भी ली गईं सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा हो रहा है कि यहां निर्माण कार्य अब भी जारी है।

तोप और जंगी हथियारों को रखने के लिए बनाया अड्डा
इस बेस पर कई मिलिट्री प्लेटफॉर्म्स के अलावा, गाड़ियों और तोपखाने को रखने के लिए कई नई सुविधाओं का निर्माण किया गया है। इसके अलावा कई नए गैरेज और एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का भी निर्माण किया गया है। सड़क मार्ग से जुड़े होने के बाद भी इस मिलिट्री बेस में तीन हेलिपैड बने हुए हैं। यहां भी हाल के समय में कई अपग्रेडेशन का काम किया गया है। इस साइट पर बिल्डिंग्स को बनाने के लिए रखे मैटेरियल को भी देखा जा सकता है।

सिक्किम से 200 किमी दूर एक और एयरबेस को किया अपग्रेड
चीनी सेना ने कुछ महीने पहले ही सिक्किम बॉर्डर से 200 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित शिगाज एयरबेस (Xigaze Airport) को अपग्रेड कर यहां नया मिलिट्री लॉजिस्टिक हब को स्थापित किया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस एयरबेस की मदद से चीन भारत और भूटान दोनों पर नजर रख सकता है। यह एयरबेस 2017 के डोकलाम विवाद वाली जगह से भी नजदीक है।

चीन ने सिक्किम से 200 किमी दूर एक और एयरबेस को किया अपग्रेड, मिसाइल भी तैनात की
मिसाइलों को भी तैनात किया
चीन ने इस एयरबेस पर एक बुनियादी ढांचा तैयार किया है। इसे रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए रेल लाइन को भी बिछाया जा रहा है। सैटेलाइट इमेज में नया मिलिट्री लॉजिस्टिक हब साफ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा फ्यूल डिपो और निर्माणाधीन रेलवे टर्मिनल भी दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं इस बेस पर चीन ने जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को भी तैनात किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एयरबेस पर जमीन से हवा में मिसाइलों को तब तैनात किया जाता है, जब उसका सामरिक महत्व ज्यादा होता है। चीन ने यहां दो सुरंगों का भी निर्माण किया है। माना जा रहा है कि यहां मिसाइलों को छिपाया जा सकता है।


अरुणाचल सीमा पर भी चीन ने एयरबेस को अपग्रेड किया
हाल में ही सैटेलाइट इमेज से खुलासा हुआ था कि भारतीय सीमा से 130 किलोमीटर की दूरी पर चीन एक एयरबेस को अपग्रेड कर रहा है। यहां पर विमानों के उड़ान भरने के लिए नया रनवे और उनकी मेंटिनेंस के लिए नए एप्रन का निर्माण किया जा रहा है। यह रनवे याकू नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है। चामडो बंगडा एयरबेस पर पहले से ही 5500 मीटर का एक रनवे मौजूद था। इसके अलावा चीन जो नया रनवे बना रहा है उसकी लंबाई 4500 मीटर के आसपास है।

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग