ऐपशहर

PM मोदी से बोले शी चिनफिंग, भारत के साथ 'मुश्किल से बने रिश्तों' को बरकरार रखना चाहता है चीन

चीन भारत के साथ अपने रिश्तों को बरकरार रखने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे ले जाने की दिशा में काम करने को तैयार है। यह बात चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने PM मोदी से रविवार को G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात में कही। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद के कई मुद्दों पर बात हुई है।

पीटीआई 4 Sep 2016, 11:05 am
हांगचौ
नवभारतटाइम्स.कॉम china willing to maintain hard won sound ties with india xi jinping tells pm modi
PM मोदी से बोले शी चिनफिंग, भारत के साथ 'मुश्किल से बने रिश्तों' को बरकरार रखना चाहता है चीन

चीन भारत के साथ अपने रिश्तों को बरकरार रखने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे ले जाने की दिशा में काम करने को तैयार है। यह बात चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रविवार को G-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात में कही। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद के कई मुद्दों पर बात हुई है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिनहुआ ने शी चिनफिंग के हवाले से कहा, 'चीन भारत के साथ अपने रिश्तों को बरकरार रखने और सहयोग को बढ़ाने के लिए काम करने को तैयार है। ये रिश्ते बड़ी कठिनाई से बेहतर हुए हैं।'

NBT को और बेहतर बनाने के लिए सर्वे में हिस्सा लें, यहां क्लिक करें।

तीन महीने से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है। भारत और चीन के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की यह मुलाकात हांगचौ के वेस्ट लेक स्टेट गेस्टहाउस में G-20 सम्मेलन के दौरान हुई है। दोनों देशों के बीच मतभेद का विषय बने मुद्दों में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा भी शामिल है जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, 'हांगचौ में पहली बैठक मेजबान के साथ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की।' दोनों नेताओं के बीच यह बैठक कई विवादित मुद्दों की पृष्ठभूमि में हुई है। इन मुद्दों में पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को संयुक्त राष्ट्र में सूचीबद्ध किए जाने, चीन द्वारा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता की राह में अड़ंगा लगाने और 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा शामिल है।
WATCH: Group photograph of BRICS leaders in Hangzhou(China) #G20summit pic.twitter.com/Lnyt3Y8TpL — ANI (@ANI_news) September 4, 2016 इन दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात ताशकंद में जून में आयोजित हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान हुई थी। इनकी अगली बैठक अगले माह गोवा में आयोजित होने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होगी। चीन भी भारत और अमेरिका के करीबी संबंधों और हाल ही में दोनों देशों के बीच किए गए साजो सामान संबंधी सैन्य समझौते (LEMOA) को लेकर चिंतित रहा है। यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं को आपूर्ति एवं मरम्मत के लिए एक दूसरे के प्रतिष्ठानों तक पहुंच बनाने का अधिकार देता है।

बैठक के बाद दोनों नेता G-20 सम्मेलन से पहले ब्रिक्स के नेताओं की बैठक में शिरकत करेंगे। इस बैठक में G-20 के लिए उनकी रणनीति तय की जाएगी। मोदी हनोई में अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करके कल रात को हांगचौ पहुंचे थे। वह अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष मैलकॉम टर्नबुल और सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वह यहां शुरू होने वाले दो दिवसीय G-20 सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
WATCH: PM Narendra Modi and Chinese President XI Jinping hold bilateral talks in Hangzhou(China) pic.twitter.com/AeGXGmNn1x — ANI (@ANI_news) September 4, 2016 इस सम्मेलन का मूल विषय 'विकास के लिए नीति समन्वय मजबूत करना और एक नया रास्ता तलाशना' है। सोमवरा को वह G-20 के दूसरे एवं अंतिम सत्र में हिस्सा लेंगे और ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरेसा मे एवं अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मॉरिसियो मैक्री से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस यात्रा के दौरान मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच बैठक का कोई कार्यक्रम नहीं है।

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग