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इंडोनेशियाई पनडुब्बी को खोजने के लिए भारतीय नौसेना ने भेजी अपनी DSRV, जानें कैसे करती है काम

इंडोनेशिया की गायब पनडुब्बी की खोज में अब भारतीय नौसेना भी शामिल हो गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए नौसेना ने अपने डीप सबमर्जेन्स रेस्क्यू वीइकल (DSRV) को इंडोनेशिया रवाना कर दिया है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 22 Apr 2021, 3:16 pm

हाइलाइट्स

  • इंडोनेशिया की गायब पनडुब्बी को खोजने में भारतीय नौसेना भी हुई शामिल
  • भारतीय नौसेना ने भेजा अपना डीप बमर्जेन्स रेस्क्यू वीइक, समुद्र की गहराईयों में करेगा खोज
  • दुनिया के चुनिंदा देशों के पास है यह मशीन, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर की डीएसआरवी भी शामिल
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भारतीय नौसेना की डीएसआरवी
जकार्ता
इंडोनेशिया की गायब पनडुब्बी की खोज में अब भारतीय नौसेना भी शामिल हो गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए नौसेना ने अपने डीप सबमर्जेन्स रेस्क्यू वीइकल (DSRV) को इंडोनेशिया रवाना कर दिया है। दरअसल, इंडोनेशिया के पास ऐसी कोई मशीनरी नहीं है, जिससे वह समुद्र में गायब हुई अपनी पनडुब्बी की खोजकर उसमें सवास नौसैनिकों को सुरक्षित बचा सके। इस काम में भारतीय नौसेना के अलावा सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की नौसेना भी शामिल हैं।
चुनिंदा देशों के पास ही है डीएसआरवी
भारत ने साल 2018 में ऐसे दो डीएसआरवी को नौसेना में शामिल किया था। यह पोत समुद्र में मुसीबत में फंसी पनडुब्बियों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर गहराई तक जाकर उसमें फंसे नौसैनिकों को बचाने में सक्षम है। इस तरह की मशीनरी अभी तक अमेरिका, रूस, भारत, चीन, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, नॉर्वे, इटली, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर के पास ही है।

एक बार में 14 लोगों को बचा सकती है यह मशीन
डीएसआरवी के जरिए राहत और बचाव कार्य में जुटे लोग मुसीबत में फंसी पनडुब्बी की लाइव वीडियोज तक देख सकते हैं। इससे उन्हें वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने और बचाव की योजना बनाने में सहायता मिलती है। यह वेसल एक बार में सैकड़ों मीटर अंदर सबमरीन में फंसे 14 लोगों को बचाने में सक्षम है। डीएसआरवी समुद्र में अधितकम 800 मीटर की गहराई तक ऑपरेट कर सकती है।


DSRV को एयरक्राफ्ट से किया जा सकता है ट्रांसपोर्ट
सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन डीप सबमर्जेन्स रेस्क्यू वीइकल को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिए एक जगह से दूसरी जगह तक बहुत ही कम समय में तैनात किया जा सकता है। अगल-अलग देशों की डीएसआरवी की तकनीकी भी अलग होती हैं। रूस और अमेरिका के पास मौजूद डीएसआरवी की तकनीकी सबसे उन्नत मानी जाती है। इसमें साइड स्कैन सोनार लगे होते हैं जो पनडुब्बी के दोनों तरफ के एरिया को भी स्कैन कर सकते हैं।


लाइव मिसाइल फायर अभ्यास के एक दिन पहले हुई गायब
इंडोनेशियाई सेना प्रमुख हादी जाहजंतो ने कहा कि केआरआई नानग्गला 402 (KRI Nanggala 402) बुधवार को एक प्रशिक्षण अभियान में हिस्सा ले रही थी जब वह लापता हो गई। उन्होंने कहा कि माना जा रहा है पनडुब्बी बाली के उत्तर में करीब 96 किलोमीटर दूर पानी में गायब हुई। जाहजंतो ने कहा कि नौसेना ने इलाके में सर्वेक्षण जहाज समेत कई जहाजों को पनडुब्बी की तलाश में तैनात किया है।


इलेक्ट्रिक फेल होने से हादसा होने की आशंका
इंडोनेशियाई नौसेना ने बताया कि हो सकता है कि गोता लगाते समय इस पनडुब्बी का इलेक्ट्रिक सिस्टम बंद पड़ गया हो। इससे पनडुब्बी पर से चालक दल का नियंत्रण छूट जाता है। ऐसी स्थिति में पनडुब्बी में सवार लोग चाहकर भी उसे सतह पर नहीं ला सकते हैं। नौसेना ने बताया कि उन्हें आशंका है कि यह पनडुब्बी समुद्र में 600 से 700 मीटर की गहराई में डूब गई है। इस कारण इसका चालक दल कमांड सेंटर से संपर्क भी नहीं कर पा रहा है।

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