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युद्धाभ्यास के दौरान लापता इंडोनेशियाई पनडुब्बी की दूसरे दिन भी खोज जारी, अबतक क्या-क्या पता चला?

इंडोनेशिया में युद्धाभ्यास में शामिल हुई पनडुब्बी का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बुधवार दोपहर में बाली द्वीप के नजदीक से गायब हुई इस पनडुब्बी को खोजने के लिए इंडोनेशियाई सेना के अलावा कई दूसरे देश भी शामिल हो गए हैं। दरअसल, इंडोनेशिया के पास कोई सबमरीन रेक्यू वेसल नहीं है, इसलिए उसने सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की सहायता मांगी है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 22 Apr 2021, 9:23 am
इंडोनेशिया में युद्धाभ्यास में शामिल हुई पनडुब्बी का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बुधवार दोपहर में बाली द्वीप के नजदीक से गायब हुई इस पनडुब्बी को खोजने के लिए इंडोनेशियाई सेना के अलावा कई दूसरे देश भी शामिल हो गए हैं। दरअसल, इंडोनेशिया के पास कोई सबमरीन रेक्यू वेसल नहीं है, इसलिए उसने सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की सहायता मांगी है। इस पनडुब्बी पर 53 नौसैनिक सवार बताए जा रहे हैं। इंडोनेशियाई नौसेना की पूरी टीम बाली के पास समुद्र की सतह पर देखे गए तेल के रिसाव के आसपास के इलाकों की जांच कर रही है। सेना प्रमुख हादी जाहजंतो ने कहा कि केआरआई नानग्गला 402 (KRI Nanggala 402) बुधवार को एक प्रशिक्षण अभियान में हिस्सा ले रही थी जब वह लापता हो गई। उन्होंने कहा कि माना जा रहा है पनडुब्बी बाली के उत्तर में करीब 96 किलोमीटर दूर पानी में गायब हुई। जाहजंतो ने कहा कि नौसेना ने इलाके में सर्वेक्षण जहाज समेत कई जहाजों को पनडुब्बी की तलाश में तैनात किया है। अभी तक की सूचना के अनुसार, इस पनडुब्बी का कोई पता नहीं चल पाया है।
नवभारतटाइम्स.कॉम indonesia searching for missing navy submarine kri nanggala 402 with australia submarine rescue vessels photos
युद्धाभ्यास के दौरान लापता इंडोनेशियाई पनडुब्बी की दूसरे दिन भी खोज जारी, अबतक क्या-क्या पता चला?


इलेक्ट्रिक फेल होने से हादसा होने की आशंका

इंडोनेशियाई नौसेना ने बताया कि हो सकता है कि गोता लगाते समय इस पनडुब्बी का इलेक्ट्रिक सिस्टम बंद पड़ गया हो। इससे पनडुब्बी पर से चालक दल का नियंत्रण छूट जाता है। ऐसी स्थिति में पनडुब्बी में सवार लोग चाहकर भी उसे सतह पर नहीं ला सकते हैं। नौसेना ने बताया कि उन्हें आशंका है कि यह पनडुब्बी समुद्र में 600 से 700 मीटर की गहराई में डूब गई है। इस कारण इसका चालक दल कमांड सेंटर से संपर्क भी नहीं कर पा रहा है। इंडोनेशियन नेवी के प्रवक्ता जूलियस विडोजोनो ने कहा कि खोज में ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर सहित कई देशों की मदद मिल रही है। इन देशों के पास पनडुब्बी बचाव पोत (सबमरीन रेक्यू वेसल) हैं। इंडोनेशियाई नौसेना ने हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण जहाज सहित पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में दूसरे जहाजों को तैनात किया है।

इंडोनेशिया ने जर्मनी से 1981 में खरीदी थी यह पनडुब्बी

केआरआई नानग्गला 402 एक जर्मन पनडुब्बी है, जिसे इंडोनेशियाई नौसेना में 1981 में कमीशन किया गया था। यह पनडुब्बी आज होने वाले मिसाइल फायरिंग युद्धाभ्यास के लिए तैयारियां कर रही थी। इस युद्धाभ्यास को दौरान सैन्य प्रमुख हादी जाहजंतो सहित कई दूसरे सैन्य अधिकारी हिस्सा लेने वाले थे। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पनडुब्बी को गोता लगाने की मंजूरी दी गई थी और इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो पाया। एक हेलिकॉप्टर ने बाद में उस जगह तेल फैला पाया जहां पनडुब्बी को समुद्र में गोता लगाना शुरू करना था। इसमें कहा गया कि पनडुब्बी में चालक दल के 49 सदस्य, उसके कमांडर और तीन गनर्स थे। इंडोनेशिया में वर्तमान में पांच पनडुब्बियों का एक बेड़ा है और 2024 तक कम से कम आठ संचालित करने की योजना है। यह दुनिया का सबसे अधिक द्वीपसमूहों वाला देश है। इसलिए इंडोनेशिया को अपने समुद्री तटों की सुरक्षा की जरूरत ज्यादा होती है।

चीन से निपटने के लिए गश्त बढ़ा रहा इंडोनेशिया

करीब 17000 द्वीपों के साथ इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा द्वीपसमूह देश है और हाल के वर्षों में उसे कई समुद्री चुनौतियों का सामना करना पड़ा जिनमें नातुना द्वीप के निकट कई चीनी पोतों से जुड़ी घटनाएं भी शामिल हैं। पिछले साल, राष्ट्रपति जोको विडोडो ने दक्षिण चीन सागर के किनारे द्वीपों की यात्रा के दौरान देश की संप्रभुता की रक्षा करने का दावा किया था। इस क्षेत्र में चीनी मछुआरे अक्सर घुसते रहते हैं, जिनकों खदेड़ने के लिए इंडोनेशियाई नौसेना हर वक्त पूरे इलाके की गश्त करती है। वहीं, चीन इस इलाके के संपूर्ण समुद्री क्षेत्र पर अपना दावा करता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने जोर देकर कहा कि चीनी मछुआरों को अपने पारंपरिक मछली पकड़ने के आधार के रूप में चीन के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित करने की छूट है।

चीन के खिलाफ इंडोनेशिया में आक्रोश

इसी बयान के बाद से इंडोनेशिया में चीन के खिलाफ आक्रोश काफी बढ़ गया। जिसके बाद राष्ट्रपति जोको विडोडो ने देश की नौसेना को गश्त बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी कड़ी में इंडोनेशियाई नौसेना आज युद्धाभ्यास करने वाली थी। चीन वर्षों से इस तरह के दावे कर रहा है। जिसके कारण इंडोनेशिया को क्षेत्रीय समुद्री परिवहन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

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