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मेरी सरकार यूनएचआरसी के दबाव में नहीं झुकेगी : गोटबाया राजपक्षे

कोलंबो, 28 मार्च (भाषा) श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने रविवार को कहा कि उनके देश के खिलाफ यूएनएचआरसी में हाल में पारित प्रस्ताव के पीछे स्थानीय और विदेशी ताकतें हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी सरकार ऐसे दबावों के आगे नहीं झुकेगी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने मंगलवार को श्रीलंका के मानवाधिकार रिकॉर्ड के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया था जिसने संयुक्त राष्ट्र संस्था को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ देश के तीन दशक लंबे चले गृहयुद्ध के दौरान किए गए अपराधों के सबूत इकट्ठा करने का एक आदेश दिया है। रविवार को दक्षिणी मटारा ग्रामीण

भाषा 28 Mar 2021, 9:30 pm
कोलंबो, 28 मार्च (भाषा) श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने रविवार को कहा कि उनके देश के खिलाफ यूएनएचआरसी में हाल में पारित प्रस्ताव के पीछे स्थानीय और विदेशी ताकतें हैं। उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी सरकार ऐसे दबावों के आगे नहीं झुकेगी।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने मंगलवार को श्रीलंका के मानवाधिकार रिकॉर्ड के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया था जिसने संयुक्त राष्ट्र संस्था को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ देश के तीन दशक लंबे चले गृहयुद्ध के दौरान किए गए अपराधों के सबूत इकट्ठा करने का एक आदेश दिया है।

रविवार को दक्षिणी मटारा ग्रामीण जिले में एक सभा को संबोधित करते हुए राजपक्षे ने कहा, ‘‘हम (ऐसे) दबावों (यूएनएचआरसी प्रस्ताव) के आगे कभी नहीं झुकेंगे, हम एक स्वतंत्र राष्ट्र हैं। हम हिंद महासागर में बड़ी शक्ति प्रतिद्वंद्विता के शिकार नहीं होंगे।’’

राष्ट्रपति ने कहा कि यूएनएचआरसी के प्रस्ताव के पीछे ‘‘विदेशी और स्थानीय ताकतें’’ हैं जो उनकी सरकार को प्रगति करते हुए नहीं देख सकतीं।

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