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चिनफिंग से बोले मोदी, हमें एक दूसरे की मूल चिंताओं की कद्र करनी चाहिए

CPEC और NSG जैसे मुद्दों पर भारत और चीन के संबंधों में आए तनाव के बीच पीएम मोदी ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को एक दूसरे की 'मूल चिंताओं' की कद्र करनी चाहिए और विवादों को सही तरीके से निपटाना चाहिए। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से 'सौहार्दपूर्ण' मुलाकात में मोदी ने यह बात कही।

पीटीआई 9 Jun 2017, 6:14 pm
अस्ताना
नवभारतटाइम्स.कॉम मोदी और चिनफिंग की हुई मुलाकात
मोदी और चिनफिंग की हुई मुलाकात

CPEC और NSG जैसे मुद्दों पर भारत और चीन के संबंधों में आए तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को एक दूसरे की 'मूल चिंताओं' की कद्र करनी चाहिए और विवादों को सही तरीके से निपटाना चाहिए। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से 'सौहार्दपूर्ण' मुलाकात में मोदी ने यह बात कही। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना आए दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात हुई।

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यह मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही थी क्योंकि पिछले महीने भारत द्वारा चीन के OBOR सम्मेलन का बहिष्कार किए जाने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात थी। OBOR सम्मेलन में विश्व के 29 नेताओं ने हिस्सा लिया था, लेकिन भारत ने इस प्रॉजेक्ट में शामिल CPEC को अपनी संप्रभुता के लिए खतरा बताते हुए समिट में जाने से इनकार कर दिया था। यह गलियारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गिलगित और बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है जिन्हें भारत अपना हिस्सा मानता है। इसके अलावा हाल ही में NSG के मुद्दे पर चीन ने कहा था कि भारत की दावेदारी पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

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शी के साथ अपनी मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों को अपनी क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, संवाद को मजबूत करते हुए और अंतरराष्ट्रीय मामलों में तालमेल बढ़ाते हुए एक दूसरे की चिंताओं का सम्मान करना चाहिये और अपने विवादों का उचित तरीके से निपटारा करना चाहिये। मोदी ने कहा कि SCO में भारत के शामिल होने में चीन के समर्थन पर भारतीय पक्ष आभारी है और संगठन में चीन के साथ निकटता से काम करेगा। उन्होंने कहा कि चीन के सहयोग के बिना SCO का सदस्य बनना भारत के लिए मुमकिन नहीं होता।

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विदेश सचिव एस जयशंकर ने मुलाकात को 'सौहार्दपूर्ण' और 'बेहद सकारात्मक' बताते हुए संवाददाताओं से कहा, 'वहां यह समझ थी कि जहां भी हमारे बीच मतभेद हैं, वहां यह महत्वपूर्ण है कि मतभेद विवाद नहीं बने।'

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