ऐपशहर

भारतीयों को किराये पर घर देने से किया इनकार, केस दर्ज

ब्रिटेन में एक शख्स ने भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोगों को किराये पर घर देने से इनकार कर दिया। अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। ब्रिटेन के ईक्वलिटी ऐंड ह्यूमन राइट्स कमिशन ने बुधवार को यह जानकारी दी। अगर आरोपी मकानमालिक पर नस्लीय आधार पर भेदभाव करने का आरोप साबित हो जाता है, तो उसे सजा हो सकती है।

पीटीआई 18 May 2017, 10:54 am
लंदन
नवभारतटाइम्स.कॉम british man who bans indian tenants faces legal action
भारतीयों को किराये पर घर देने से किया इनकार, केस दर्ज

ब्रिटेन में एक शख्स ने भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोगों को किराये पर घर देने से इनकार कर दिया। अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। ब्रिटेन के ईक्वलिटी ऐंड ह्यूमन राइट्स कमिशन ने बुधवार को यह जानकारी दी। अगर आरोपी मकानमालिक पर नस्लीय आधार पर भेदभाव करने का आरोप साबित हो जाता है, तो उसे सजा हो सकती है।

यह भी पढ़ें: मुस्लिम महिला का हिजाब हटाकर 'जानवरों' की तरह पीटा

69 साल के फरगस विल्सन ब्रिटेन के सबसे बड़े मकानमालिकों में से एक हैं। वह अपनी कई संपत्तियां और घर लोगों को किराये पर देते हैं। फरगस ने रंगभेदी टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोगों को किराये पर घर नहीं देंगे। फरगस ने यह भी कहा था कि भारत और पाकिस्तान के लोग करी बनाते हैं और उसके कारण बहुत अजीब सी गंध फैल जाती है। अब फरगस पर नस्लीय भेदभाव का आरोप लगा है।

US में भारतीयों पर हमले: 'वापस अपने देश जाओ' चीखा और सिख को मार दी गोली

इस मामले पर EHRC ने एक बयान जारी कर कहा, 'हमने केंद्रीय लंदन की काउंटी कोर्ट से कहा है कि अगर वह भी हमारी तरह इस बात से सहमति हैं कि फरगस विल्सन की किराये पर संपत्ति देने की नीति गैरकानूनी है, तो अदालत इस मामले में जरूरी आदेश दे।'

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग