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ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी भारतीय भी महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए

(अदिति खन्ना) लंदन, 19 सितंबर (भाषा) ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दुनियाभर से नेताओं समेत अन्य को आमंत्रित किया गया। इनमें वे भी थे, जिन्हें सामुदायिक एवं सैन्य सेवा के लिए दिवंगत महारानी ने सम्मानित किया था। इन लोगों में ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य भी शामिल थे। काउंसलर प्रणव भनोत को दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के एसेक्स में सामुदायिक सेवा करने के लिए इस साल के शुरू में ‘मेम्बर ऑफ ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्यार’ से नवाज़ा गया था। उन्होंने कहा “ मुझे खुशी और

भाषा 19 Sep 2022, 9:58 pm
(अदिति खन्ना)

लंदन, 19 सितंबर (भाषा) ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दुनियाभर से नेताओं समेत अन्य को आमंत्रित किया गया। इनमें वे भी थे, जिन्हें सामुदायिक एवं सैन्य सेवा के लिए दिवंगत महारानी ने सम्मानित किया था। इन लोगों में ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य भी शामिल थे।

काउंसलर प्रणव भनोत को दक्षिण पूर्व इंग्लैंड के एसेक्स में सामुदायिक सेवा करने के लिए इस साल के शुरू में ‘मेम्बर ऑफ ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्यार’ से नवाज़ा गया था।

उन्होंने कहा “ मुझे खुशी और दुख की अनुभूति हो रही है। एक ओर यह निमंत्रण पाकर मैं खुद को सौभाग्यशाली मान रहा हूं, दूसरी और यह मौका गम का है।”

भनोत ने कहा, “ महारानी मेरे जीवन में नानी, दादी की तरह थी... कर्तव्य और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता काफी प्रेरणादायक थी।”

भनोत इस साल जून में महारानी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के लिए निमंत्रित किए गए करीब 200 मेहमानों में शामिल थे। वह महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निमंत्रण पाने वाले 2000 लोगों में शामिल हैं। इन लोगों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल हैं, जो भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

उन्हें कैबिनेट कार्यालय से ऐतिहासिक एबे में महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निमंत्रण मिला था।

इसके अलावा अलग-अलग धार्मिक समूहों के प्रतिनिधि भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनमें हिंदू काउंसिल यूके के महासचिव रजनीश कश्यप भी थे।

कश्यप ने कहा कि यह एक ‘असल सम्मान’ है, जो 70 साल के शासनकाल के दौरान दिवंगत महारानी के समुदाय-व्यापी दृष्टिकोण को दर्शाता है।

अंतिम संस्कार में सिख धर्म का प्रतिनिधिनत्व करने वाले नेटवर्क ऑफ सिख ऑर्गनाइजेशन के लॉर्ड इंद्रजीत सिंह ने कहा, “अपने स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान ही महारानी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने सभी लोगों की महारानी हैं और विभिन्न धर्मों से पता चलता है कि ईश्वर का प्रेम पूरी मानवता के लिए समान रूप से फैला हुआ है, जो सिख धर्म की शिक्षाओं के समान है।”

इसमें ब्रिटेन में जैन समुदाय के नेमू चंदारिया, बौद्ध समुदाय से वी. बोगोडा सीलाविला, मुस्लिम समुदाय से डॉ. आसिम युसूफ थे। इनके अलावा, ब्रिटेन के अलग- अलग हिस्सों में स्थित गिरजाघरों का प्रतिनिधित्व करने वाले बिशप और पादरी थे।

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