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सुनक ने कोविड लॉकडाउन में लोगों के बीच ‘भय फैलाने’ की नीति की आलोचना की

(अदिति खन्ना) लंदन, 25 अगस्त (भाषा) कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में बोरिस जॉनसन की जगह लेने की दौड़ में अंतिम दावेदारों में शामिल पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने देश में लॉकडाउन की नीतियों पर अपनी राय रखी। सुनक (42) ने लॉकडाउन लगाए जाने निर्णयों के पीछे की प्रक्रिया के संबंध में समाचार पत्रिका ‘द स्पेक्टेटर’ से बात की। उन्होंने यह दलील नहीं दी कि लॉकडाउन लगाना भूल थी लेकिन पूरी तरह बंदी से कारोबार पर असर और सरकार के भीतर असहमति की आवाज को दबाने जैसे विषयों पर बेबाकी से अपनी राय प्रकट की। सुनक

भाषा 25 Aug 2022, 8:01 pm
(अदिति खन्ना)

लंदन, 25 अगस्त (भाषा) कंजर्वेटिव पार्टी के नेता और ब्रिटिश प्रधानमंत्री के रूप में बोरिस जॉनसन की जगह लेने की दौड़ में अंतिम दावेदारों में शामिल पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने देश में लॉकडाउन की नीतियों पर अपनी राय रखी।

सुनक (42) ने लॉकडाउन लगाए जाने निर्णयों के पीछे की प्रक्रिया के संबंध में समाचार पत्रिका ‘द स्पेक्टेटर’ से बात की। उन्होंने यह दलील नहीं दी कि लॉकडाउन लगाना भूल थी लेकिन पूरी तरह बंदी से कारोबार पर असर और सरकार के भीतर असहमति की आवाज को दबाने जैसे विषयों पर बेबाकी से अपनी राय प्रकट की।

सुनक ने समाचार पत्रिका के संपादक से कहा, ‘‘संक्षेप में, हमने यह कहने की कोशिश की- आइए ‘डर’ की सोच को खत्म करें। यह शुरू से ही गलत था। मैंने लगातार कहा कि यह गलत था।’’

सुनक ने यह भी कहा कि देश भर में लोक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पोस्टर लगाए गए जिसमें दिखाया गया कि कोविड मरीज वेंटिलेटर पर हैं, इससे लोग काफी डर गए।

यॉर्कशायर में रिचमंड से सांसद सुनक का शीर्ष पद के लिए विदेश मंत्री लिज ट्रस से मुकाबला है। सुनक ने कहा कि अब जाकर बोलने के पीछे उनकी यह मंशा नहीं है कि वह किसी को दोषी ठहराना चाहते हैं बल्कि 2020 और 2021 के दौरान मिली सीख का महत्व उजागर करना चाहते हैं।

फरवरी 2020 से जुलाई 2022 तक वित्त मंत्री रहे सुनक ने दावा किया कि आपात स्थिति के लिए वैज्ञानिक परामर्श समूह द्वारा मंत्रियों को समुचित जानकारी नहीं दी गई। कोविड-19 संबंधी उपायों के लिए यह समूह सरकार को सलाह देता था और इसमें स्वतंत्र विशेषज्ञ भी थे।

सुनक ने कहा, ‘‘हमें वैज्ञानिकों को उस तरह से सशक्त नहीं बनाना चाहिए था जैसा हमने किया था। और आपको शुरुआत से ही व्यापार असंतुलन को स्वीकार करना होगा। अगर हमने वह सब किया होता, तो हम बहुत अलग जगह पर होते... उदाहरण के लिए हम शायद स्कूलों जैसी जगहों के लिए अलग-अलग निर्णय लेते।’’

सुनक का दावा है कि उस समय जॉनसन के मंत्रिमंडल में वह कुछ असहमत आवाजों में से एक थे और अपने विचारों से अवगत कराने के लिए अपने पूर्व संस्थान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और जेपी मॉर्गन शोध डेटा सहित व्यापक विश्लेषण की ओर रुख करना शुरू कर दिया।

उन्होंने खुलासा किया, ‘‘मुझे ‘ट्रेड-ऑफ’ के बारे में बात करने की अनुमति नहीं थी।’’ सुनक ने एक विशेष सरकारी बैठक की अपनी यादों को साझा किया जहां वह शिक्षा के बारे में ‘‘बहुत भावुक’’ हो गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के बारे में भूल जाएं। निश्चित रूप से हम सभी इस बात से सहमत होंगे कि बच्चों का स्कूल में न होना एक बड़ा दुःस्वप्न है या ऐसा ही कुछ। उसके बाद सन्नाटा छा गया। यह पहली बार था जब किसी ने ऐसा कहा था। मैं बहुत गुस्से में था।’’

पिछले साल के अंत में जब ब्रिटेन में ओमीक्रोन संक्रमण के मामले बढ़ रहे थे, तब वह उन वरिष्ठ मंत्रियों में शामिल थे जो चौथे लॉकडाउन के खिलाफ थे। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने एक और लॉकडाउन होने पर इस्तीफा देने की धमकी दी, सुनक ने कहा कि उन्होंने उस खतरे के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद सुनक ने कैबिनेट में लॉकडाउन के खिलाफ अन्य मंत्रियों के साथ गोलबंदी की।

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