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सिंगल मदर की संतान, अभावों में गुजरा बचपन, आज बनने जा रहे ऑस्ट्रेलिया के पीएम, कुछ-कुछ मोदी जैसी है एंथोनी अल्बानीस की कहानी

Australia New Pm Anthony Albanese: ऑस्‍ट्रेलिया को नया प्रधानमंत्री मिल गया है। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीस ने प्रधानमंत्री स्‍कॉट मॉरिसन को आम चुनाव में मात दे दी। एंथनी अल्‍बा‍नीस का बचपन बहुत अभाव में बीता था। एंथनी की मां ने 14 साल की उम्र तक बताया ही नहीं था कि उन्‍होंने शादी नहीं की है।

Edited byशैलेश कुमार शुक्ला | भाषा 22 May 2022, 6:13 pm
कैनबरा: सिडनी के एक उपनगर में सरकारी आवास में पेंशन के भरोसे गुजर-बसर करने वाली मां के इकलौते बेटे एंथनी अल्बानीस आज ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री पद तक पहुंच गए हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के बहु-सांस्कृतिक समाज के नायक भी हैं। उन्होंने अपने आप को 121 वर्षों में प्रधानमंत्री पद के लिए ‘ग्रामीण जातीय अल्पसंख्यक’ (नॉन-एंग्लो सेल्टिक) समुदाय का इकलौता उम्मीदवार बताया। उनके दोस्त उन्हें ‘अल्बन-इज’ बुलाते हैं। वह विजयी भाषण के दौरान सीनेटर पेनी वोंग के साथ मंच पर आए, जो विदेश मंत्री बनेंगी। वोंग के पिता मलेशियाई-चीनी है और मां ऑस्ट्रेलियाई।
नवभारतटाइम्स.कॉम Anthony-Albanese
ऑस्‍ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री बने लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बानीस


अल्बानीस ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह अच्छा है। नॉन-एंग्लो सेल्टिक उपनाम का व्यक्ति प्रतिनिधि सभा का नेता है और वांग जैसे उपनाम की नेता सीनेट में सरकार की नेता हैं।’ अल्बानीस ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भारी कमी लाने के साथ जलवायु परिवर्तन में पिछड़ने पर ऑस्ट्रेलिया की अंतरराष्ट्रीय साख सुधारने का वादा किया है। पिछले प्रशासन ने 2015 में पेरिस समझौते में किए वादे पर अड़े रहने की प्रतिबद्धता जतायी थी यानी 2030 तक 2005 के स्तर से 26 से 28 प्रतिशत कम। अल्बानीस की लेबर पार्टी ने 43 प्रतिशत की कटौती का वादा किया है।

'मेरी मां ने मेरे लिए एक बेहतर जिंदगी का सपना देखा'
उपनगर कैम्परडाउन में सरकारी आवास में पले-बढ़े अल्बानीस की आर्थिक स्थिति ने उन्हें एक ऐसा नेता बनाया, जिसने 2007 के बाद से पहली बार मध्य-वाम ऑस्ट्रेलियन लेबर पार्टी को सत्ता तक पहुंचा दिया। उन्हें उनके बचपन के उपनाम ‘अल्बो’ के नाम से जाना जाता है। अल्बानीस ने शनिवार को अपने चुनावी विजयी भाषण में कहा, ‘यह हमारे महान देश के बारे में बहुत कुछ कहता है कि एक पेंशनभोगी अकेली मां का बेटा जो कैंपरडाउन में सार्वजनिक आवास में पला-बढ़ा, वह आज रात ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के रूप में आपके सामने खड़ा हो सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘हर माता-पिता अगली पीढ़ी के लिए ज्यादा चाहते हैं। मेरी मां ने मेरे लिए एक बेहतर जिंदगी का सपना देखा था और मुझे उम्मीद है कि मेरी यात्रा ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सितारों की बुलंदियों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।’

उल्लेखनीय है कि अल्बानीस ने छह हफ्तों के अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान अभावों में बीते अपने बचपन से मिली सीख का कई बार जिक्र किया। ऑस्ट्रेलिया में 1960 के दशक में रूढ़िवादी समाज में अल्बानीस को ‘नाजायज’ ठहराने से बचाने के लिए उन्हें बताया गया कि इटली के उनके पिता कार्लो अल्बानीस की उनकी मां मैरियाने एलेरी से यूरोप में शादी के बाद कार दुर्घटना में मौत हो गयी थी। उनकी मां ने उन्हें तब सच्चाई बतायी जब वह 14 साल के थे कि उनके पिता की मौत नहीं हुई और उनके माता-पिता ने कभी शादी नहीं की थी।

अल्बानीस ने 2002 में अपने पिता की तलाश की

वे दोनों 1962 के दौरान एक विदेश यात्रा में एक जहाज पर मिले थे। अपनी मां की भावनाओं को आहत न करने के डर से अल्बानीस ने 2002 में उनकी मृत्यु के बाद अपनी पिता की तलाश की। वह दक्षिण इटली के बारलेटा में 2009 में अपने पिता से मिले। वह ऑस्ट्रेलिया के परिवहन एवं बुनियादी ढांचा मंत्री के तौर पर कारोबारी बैठकों के लिए इटली गए थे। अल्बानीस ने बताया कि वह 12 साल के थे जब अपने पहले राजनीतिक अभियान में शामिल हुए थे।
लेखक के बारे में
शैलेश कुमार शुक्ला
शैलेश कुमार शुक्‍ला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से ताल्‍लुक रखते हैं। उन्‍होंने इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय और माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय से पढ़ाई की। अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की। वार्ता, पीटीआई भाषा, अमर उजाला, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में करीब 14 साल काम का अनुभव है। इंटरनैशनल डेस्‍क पर कार्यरत हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति, विज्ञान, रक्षा, पर्यावरण जैसे विषयों के बारे में जानने और लिखने की हमेशा ललक रही है।... और पढ़ें

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