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Norway King News: 85 साल के नॉर्वे के राजा अस्‍पताल से लौटे घर, 31 साल से कर रहे हैं देश पर राज

नॉर्वे (Norway) के 85 साल के राज हराल्‍ड पंचम को अस्‍पताल से छुट्टी मिल गई है। सोमवार को शाही महल की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई। महल ने बताया है कि राजा को इनफेक्‍शन के चलते अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। वो फिलहाल अभी ठीक हैं लेकिन डॉक्‍टरों की निगरानी में रहेंगे।

Edited byऋचा बाजपेई | भाषा 8 Aug 2022, 9:06 pm
कोपनहेगन: नार्वे के 85 वर्षीय राजा हेराल्ड पंचम को इलाज के बाद नार्वे की राजधानी स्थित अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उन्हें अज्ञात संक्रमण की वजह से भर्ती कराया गया था। ओस्लो में शाही महल ने सोमवार को यह जानकारी दी। शाही महल ने बताया, ‘राजा का स्वास्थ्य ठीक है।’ नार्वे के वृद्ध राजा को संक्रमण होने की पुष्टि होने के बाद चार अगस्त को ओस्लो के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, ताकि नियमित अंतराल पर उन्हें एंटीबायोटिक की खुराक दी जा सके।
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कई साल से हैं बीमार
इस साल मार्च में हेराल्ड पंचम कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे, लेकिन उनमें बीमारी के हल्के लक्षण थे। अक्ट्रबर 2020 में सांस लेने की शिकायत होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और हृदय के वाल्व को सफलतापूर्वक बदला गया था। नॉर्वे के राजा पिछले 31 सालों से देश पर राज कर रहे हैं। हराल्‍ड के पास बस नाममात्र की ड्यूटीज हैं। वो पिछले कई दिनों से बीमार थे और कोविड-19 से भी जूझ रहे थे।

साल 2021 में उनके घुटनों की सर्जरी हुई थी और इसी साल उन्‍हें सांस की बीमारी से जूझना पड़ा था। साल 2002 में उन्‍हें ब्‍लैडर का कैंसर हो गया था। इसके बाद साल 2005 में उनके दिल में परेशान हो गई थी। उस साल उनके हार्ट की सर्जरी हुई थी जिसमें उनका एक वॉल्‍व बदला गया था। राजा हराल्‍ड पंचन हाकोन सप्‍तम के पोते हैं।

साल 1905 में नॉर्वे को आजादी मिली थी और राजा हराल्‍ड आजादी के बाद सिंहासन हासिल करने वाले पहले शासक हैं। जनवरी 1991 से वो इस देश पर राज कर रहे हैं। उन्होंने 17 जनवरी 1991 से अपने पिता ओलाव वी के उत्तराधिकारी के रूप में शासन किया है। शाही परिवार के कई अन्य सदस्य हैं जिनमें राजा की बेटी, पोते और बहन शामिल हैं। नॉर्वे का संविधान राजा को महत्वपूर्ण कार्यकारी शक्तियां प्रदान करता है। औपचारिक रूप से राजा अपने निर्णय के अनुसार सरकार की नियुक्ति करता है, लेकिन संसदीय प्रथा 1884 से चली आ रही है।
लेखक के बारे में
ऋचा बाजपेई
" मैंने साल 2021 में टाइम्‍स ग्रुप को ज्‍वॉइन किया और फिलहाल एनबीटी ऑनलाइन में अंतरराष्‍ट्रीय खबरों के सेक्‍शन की जिम्‍मेदारी निभा रही हूं। जर्नलिज्‍म में कुल अनुभव 15 साल का है और अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के अलावा रक्षा और राष्‍ट्रीय राजनीति और मनोरंजन में भी रूचि है। "... और पढ़ें

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