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जानें, नवाज शरीफ के जाने के बाद किस करवट बैठ सकती है पाकिस्तानी राजनीति

पनामागेट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। पाकिस्तान में अगला आम चुनाव 2018 में होना है। तब तक देश की बागडोर कौन संभालेगा जैसे कई सवाल हैं जो मौजूदा स्थिति में गंभीर मुद्दों की शक्ल लेकर सामने आ गए हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 28 Jul 2017, 3:32 pm
इस्लामाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम after supreme courts verdict against nawaz sharif in panamagate how political situation in pakistan expected to move forward
जानें, नवाज शरीफ के जाने के बाद किस करवट बैठ सकती है पाकिस्तानी राजनीति

पनामागेट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। पांच सदस्यों की खंडपीठ ने नवाज को PM पद और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के पार्टी प्रमुख का पद छोड़ने का निर्देश दिया था। नवाज के खिलाफ अब NAB में आगे की जांच होगी। पाकिस्तान में अगला आम चुनाव 2018 में होना है। तब तक देश की बागडोर कौन संभालेगा जैसे कई सवाल हैं जो मौजूदा स्थिति में गंभीर मुद्दों की शक्ल लेकर सामने आ गए हैं। पाकिस्तान के अखबार 'द डॉन' में इस तरह के कई सवालों, उनके जवाबों और राजनैतिक संभावनाओं पर विमर्श किया गया है। जानें, ऐसे ही कुछ अहम सवालों के संभावित जवाब:

कौन होगा पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री?
पहले शाहबाज शरीफ के नाम की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब उनका नामांकन भी मुश्किल दिख रहा है। अदालत में शाहबाद के खिलाफ भी अनुशंसा की गई है। स्थितियां फिलहाल बेहद अनिश्चित नजर आ रही हैं, लेकिन अगर पाकिस्तानी मीडिया की मानें तो ख्वाजा आसिफ या फिर शाहिद अब्बासी को मौका मिल सकता है। नवाज मंत्रिमंडल में शाहिद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय संभाल रहे थे। ख्वाजा आसिफ के पास रक्षा मंत्रालय था।

पढ़ें: पनामागेट मामले में नवाज शरीफ दोषी करार, प्रधानमंत्री पद छोड़ा

क्या शरीफ परिवार के बाहर का कोई शख्स करेगा PML-N का नेतृत्व?

यह पार्टी नवाज शरीफ और उनके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में पार्टी के लिए किसी ऐसे शख्स को खोज पाना बहुत मुश्किल होगा जो कि इस संकट की घड़ी में पार्टी के अंदर एकता बनाए रख सके और अगले साल होने वाले आम चुनावों में पार्टी का नेतृत्व कर सके।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से PML-N का अंत हो जाएगा?
पहले भी ऐसी स्थिति आ चुकी है। जब भी यह पार्टी दबाव में होती है, तो बिखर जाती है। इस बार नवाज और उनका पूरा परिवार मुसीबत में है। ऐसे में पार्टी के अंदर फूट पड़ने और इसके बिखरने की आशंका और ज्यादा बढ़ जाती है। हालांकि पाकिस्तान के राजनैतिक इतिहास को देखते हुए पुख्ता तौर पर कुछ भी कह पाना मुश्किल है। अतीत के उदाहरणों को देखें, तो पाएंगे कि पाकिस्तान की आवाम अपने नेताओं पर लगे आरोपों को उतनी तवज्जो नहीं देती। अदालत के इस फैसले का जनता की वोटिंग पर क्या और कितना असर पड़ेगा, यह कहना मुश्किल है।

अगले साल होने वाले आम चुनावों में PML-N के लिए कोई उम्मीद है?

इसमें काफी संदेह है। सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा फैसला नवाज शरीफ और उनके पूरे परिवार को लपेटे में लेता है। यह मामला अब केवल नवाज तक ही नहीं रहा, शाहबाद शरीफ का केस भी अदालत पहुंच चुका है। पहले ऐसा लग रहा था कि नवाज के खिलाफ फैसला आने पर शाहबाज बागडोर थामेंगे, लेकिन अब उनके लिए पार्टी का नेतृत्व कर पाना भी बहुत मुश्किल साबित होगा।

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इमरान की पार्टी PTI और अन्य विपक्षी दलों को होगा फायदा?
सबसे ज्यादा फायदा इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को होगा। यह भी सच है कि इस ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर पाकिस्तान की राजनैतिक स्थितियां ज्यादा संवेदनशील हो गई हैं। पंजाब पर इसका सबसे ज्यादा असर होगा। इस पूरे संघर्ष का केंद्र पंजाब में बना हुआ है। पंजाब की तुलना में पाकिस्तान के बाकी हिस्सों पर इस फैसले का कम असर होगा। नवाज की PM पद से छुट्टी यकीनन इमरान के लिए बड़ी जीत है, लेकिन इस बढ़त को वह चुनाव में कितना भुना पाएंगे यह बता पाना अभी बहुत मुश्किल है।

क्या नवाज शरीफ की वापसी का कोई रास्ता बचा है? या फिर उनका राजनैतिक भविष्य खत्म हो गया?

यह कहना कि नवाज इस चोट से कभी नहीं उबर सकेंगे और फिर कभी वापसी नहीं कर सकेंगे, सही नहीं लगता। नवाज ऐसी स्थिति का सामना पहले भी कर चुके हैं। पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) की नेता बेनजीर भुट्टो और आसिफ अली जरदारी का उदाहरण भी हमारे सामने है। अदालत द्वारा सजा सुना दिया जाए या फिर PM पद के लिए अयोग्य ठहरा दिया जाना पाकिस्तान में बहुत समय तक नहीं बना रहता। यहां राजनैतिक स्थितियां तेजी से बदलती हैं।

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