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पाक में प्रतिबंध के बावजूद JuD के दफ्तरों का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं हाफिज और अन्य नेता

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए- इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के अन्य नेता अब भी संगठन के प्रतिबंधित दफ्तरों का खुले आमइस्तेमाल कर रहे हैं।

पीटीआई 6 Mar 2018, 8:49 pm
लाहौर
नवभारतटाइम्स.कॉम Untitled design (1)

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए- इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के अन्य नेता अब भी संगठन के प्रतिबंधित दफ्तरों का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान दोनों संगठनों की संपत्तियां जब्त करने और उनके बैंक खातों के परिचालन पर रोक लगाने का दावा कर रहा है। सरकार ने जमात उद दावा के मुरिदके मरकज और चाबुर्जी में मस्जिद अल कदसिया मुख्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया था, जबकि हकीकत में न तो सईद के समर्थकों ने जेयूडी का चाबुर्जी मुख्यालय और न ही एफआईएफ ने मुरिदके और अन्य दफ्तर खाली किए हैं।

पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने आज बताया, 'पिछले महीने सरकार ने जेयूडी के लाहौर मुख्यालय को अपने कब्जे में ले लिया था। तब से सईद ने लगातार तीन हफ्ते तक वहां बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के बीच जुमे का खुत्बा ( प्रवचन) दिया।' अधिकारी ने कहा, 'सरकार बस अपना प्रशासक बैठा सकती है, जबकि जेयूडी के लोग दफ्तर को उसी तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे पहले करते रहे हैं।'

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उन्होंने कहा कि जेयूडी के मुरिदके मुख्यालय पर भी इसी तरह का इंतजाम किया गया है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने फरवरी में आतंकवाद निरोधी अधिनियम, 1997 को संशोधित करते हुए एक अध्यादेश जारी किया था। सरकार ने उसके ही तहत सईद के संगठनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक को देखते हुए भी यह कार्रवाई की गई थी, जिसमें पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाला गया है। पिछले हफ्ते पेरिस में आयोजित एफएटीएफ की बैठक में सईद और उसके 'एनजीओ' उन संगठनों में सबसे ऊपर थे, जिनके खिलाफ एफएटीएफ ने पाकिस्तान से कार्रवाई करने को कहा।

पंजाब के कानून मंत्री राना सनाउल्ला खान ने पीटीआई से कहा कि डिस्पेंसरियों और स्कूलों जैसी जेयूडी की कल्याणोन्मुखी सुविधाओं के क्रियाकलापों पर निगाह रखने के लिए सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी जेयूडी के दफ्तरों पर तैनात किए गए हैं। खान से जब पूछा गया कि सईद समेत जेयूडी नेतृत्व को लाहौर और मुरिदके स्थित जेयूडी मुख्यालयों को इस्तेमाल करने से क्यों नहीं रोका गया है तो उन्होंने कहा, 'हमने स्कूलों, डिस्पंसरियों, दफ्तरों और मदरसों समेत जेयूडी एवं एफआईएफ की तमाम सुविधाओं को अपने हाथ में ले लिया है। ये अब सरकार के नियंत्रण में हैं।'

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