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भारत से बातचीत को इमरान खान ने रखी शर्त, 'पहले कश्मीर की पुरानी स्थिति करे बहाल'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से बातचीत के लिए कश्मीर में आर्टिकल 370 को हटाए जाने से पहले की स्थिति पर लौटने की शर्त रख दी है। इसे हटाकर जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा लेकर लद्दाख के साथ दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था।

भाषा 30 May 2021, 10:25 pm

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से वार्ता पर रखी शर्त
  • पहले आर्टिकल 370 हटाए जाने से पहले वाली स्थिति बहाल करे
  • 'भारत से रिश्ते बहाल करना, कश्मीरियों से मुंह मोड़ने जैसा'
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इस्लामाबाद
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत से बातचीत के लिए एक शर्त रख दी है। रविवार को कहा कि अगर भारत जम्मू-कश्मीर की 5 अगस्त, 2019 से पहले वाली स्थिति बहाल करे तो उनका देश नयी दिल्ली से वार्ता को तैयार है। भारत ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।
इमरान खान ने लोगों के साथ सवाल-जवाब सत्र में कहा, 'अगर पाकिस्तान (कश्मीर का पुराना दर्जा बहाल किए बिना) भारत के साथ रिश्तों को फिर से बहाल करता है, तो यह कश्मीरियों से मुंह मोड़ने जैसा होगा।' उन्होंने कहा कि अगर भारत पांच अगस्त के कदम को वापस लेता है तो 'हम निश्चित तौर पर बात कर सकते हैं।'

'भारत का अभिन्न हिस्सा है कश्मीर'
हालांकि, भारत कई मौकों पर स्पष्ट कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और देश अपनी समस्याओं को खुद सुलझाने में सक्षम है। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि उसकी इच्छा पड़ोसी देश से आतंकवाद, शत्रुता और हिंसा से मुक्त महौल में सामान्य रिश्ते रखने की है। भारत ने कहा है कि यह पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वह आतंकवाद और विद्वेष मुक्त महौल बनाए।

इमरान खान ने अलापा परमाणु क्षमता का राग, कहा-देश की रक्षा करने में उस पर पूरा भरोसा जताया
परमाणु शक्ति का बखान
इससे पहले इमरान ने देश की रक्षा करने में परमाणु क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा था कि पाकिस्तान क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक शांतिपूर्ण और स्थिरता वाले माहौल को बढ़ावा देने के प्रति निरंतर काम करने को लेकर प्रतिबद्ध है। खान ने पाकिस्तान के सामरिक कार्यक्रम से जुड़े वैज्ञानिकों और कर्मियों के प्रयासों की प्रशंसा की और राष्ट्र की रक्षा में उसकी परमाणु क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताया।

पाकिस्तान ने अपने परमाणु परीक्षण की याद में शुक्रवार यानी 28 मई को 'यौम-ए-तकबीर' (महानता दिवस) मनाया था। पाकिस्तान ने भारत द्वारा पोखरण परीक्षण किये जाने के जवाब में 28 मई 1998 को परमाणु परीक्षण किया था।

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