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पाकिस्तान का झूठा आरोप-शांतिपूर्ण मकसद के लिए मिले न्यूक्लियर मटीरियल से हथियार बना रहा भारत

कूटनीतिक और सामरिक मोर्चों पर भारत से मिलने वाली लगातार शिकस्त से बौखलाया पाकिस्तान अब भारत पर मनगढंत आरोप लगाने में जुट गया है। कुलभूषण जाधव केस में आईसीजे में भारत के हाथों मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप के तहत शांतिपूर्ण मकसद के लिए मिले न्यूक्लियर मटीरियल का इस्तेमाल हथियार बनाने में कर रहा है।

पीटीआई 19 May 2017, 3:04 pm
इस्लामाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम Agni missile
अग्नि मिसाइल

कूटनीतिक और सामरिक मोर्चों पर भारत से मिलने वाली लगातार शिकस्त से बौखलाया पाकिस्तान अब भारत पर मनगढ़ंत आरोप लगाने में जुट गया है। कुलभूषण जाधव केस में आईसीजे में भारत के हाथों मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप के तहत शांतिपूर्ण मकसद के लिए मिले न्यूक्लियर मटीरियल का इस्तेमाल हथियार बनाने में कर रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि सिविल न्यूक्लियर डील और एनएसजी की छूट के तहत आयात किए जाने वाले न्यूक्लियर फ्यूल, इक्विपमेंट्स और तकनीक को भारत द्वारा दूसरे कार्यों में इस्तेमाल करने के खतरे की ओर पाकिस्तान लगातार आगाह करते आया है।

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जकारिया ने कहा, 'ये चिंताएं नई या बेबुनियाद नहीं हैं। भारत शांतिपूर्ण मकसद से इस्तेमाल की प्रतिबद्धता जताकर मिलने वाले न्यूक्लियर मटीरियल का इस्तेमाल अपने हथियार विकसित करने के कार्यक्रम में करता है। अतीत में और अब भारत की ओर से न्यूक्लियर मटीरियल का गलत इस्तेमाल परमाणु प्रसार से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, बल्कि इसका पाकिस्तान की नैशनल सिक्यॉरिटी और दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन पर दूरगामी असर होता है।'

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जकारिया ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया का ध्यान इस ओर नहीं है कि भारत का न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। हार्वर्ड केनेडी स्कूल की ओर से जारी एक दस्तावेज का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि न केवल इस पेपर में, बल्कि कई अन्य दूसरी रिपोर्ट में भारत को विदेश से मिल रहे न्यूक्लियर मटीरियल केअसुरक्षित न्यूक्लियर रिएक्टर्स में होने वाले इस्तेमाल पर चिंताएं जताई जा रही हैं। जकारिया ने एक अन्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने 2600 न्यूक्लियर हथियारों का मटीरियल जुटा लिया है और एनएसजी के दायरे में आने वाले देशों की जिम्मेदारी है कि वह इस मामले पर ध्यान दें।

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पाक विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने भारत की एनएसजी सदस्यता पर सवाल उठाया। साथ ही दावा किया कि कई इंटरनैशनल न्यूक्लियर एक्सपर्ट, थिंक टैंक के अलावा मीडिया रिपोर्ट्स में भारतीय न्यूक्लियर प्रोग्राम में कथित तौर पर ट्रांसपेरेंसी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों में कमी और न्यूक्लियर मटीरियल के हथियार बनाने में इस्तेमाल किए जाने की आशंका को लेकर चिंता जताई गई है।

फिर कश्मीर का रोना
जकारिया ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कश्मीर में अपनी यूनिट्स तैनात कर रहा है। इन यूनिट्स की देखरेख गैर कश्मीरी लोगों के हाथ में है। उन्होंने कहा, "कश्मीर में उनकी बढ़ती मौजूदगी कश्मीरियों को डराने और उन्हें खुद के लिए फैसले लेने से जुड़े आंदोलन से रोकने के लिए है। जकारिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे कश्मीर के हालात पर ध्यान दें। बता दें कि पाक विदेश मंत्रालय के ये आरोप ऐसे वक्त में सामने आए हैं, जब कश्मीर में बढ़ती हिंसा में पाकिस्तानी आतंकियों के शामिल होने की बात सामने आ चुकी है।

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