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FATF के सभी लक्ष्यों को तय समय में हासिल कर लेगा पाकिस्तान: शाह महमूद कुरैशी

पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, 'पाकिस्तान को एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में डलवाने में भारत विफल रहा। देश को फरवरी 2020 तक पूरा करने के लिए कई काम सौंपे गए हैं। पाक एफएटीएफ की तरफ से रखे गए सभी लक्ष्यों को हासिल करेगा।'

भाषा 20 Oct 2019, 4:37 pm

हाइलाइट्स

  • भारत पर पाकिस्तान को FATF की 'ब्लैक लिस्ट' में डलवाने की कोशिश करने का आरोप
  • कुरैशी ने कहा कि पाक FATF की तरफ से रखे गए सभी लक्ष्यों को हासिल करेगा
  • 'पाक सरकार सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा करेगी और देश को ग्रे सूची से बाहर लाएगी'
  • कुरैशी ने कहा, 'पाक में राजनीतिक प्रदर्शन से भारत को कश्मीर से ध्यान हटाने में मदद मिलेगी
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नवभारतटाइम्स.कॉम shah mahmood qureshi
इस्लामाबाद
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत पर पाकिस्तान को फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स की 'ब्लैक लिस्ट' में डलवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कुरैशी ने कहा कि उनका देश एफएटीएफ की तरफ से रखे गए सभी लक्ष्यों को हासिल करेगा। कुरैशी की यह टिप्पणी पेरिस स्थित एफएटीएफ की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आई है जिसमें उसने कहा था कि अगर उसने (पाकिस्तान ने) फरवरी तक आतंकवाद को मुहैया कराए जा रहे धन पर लगाम नहीं लगाई तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
'जल्द पाक को ग्रे लिस्ट से बाहर लाएंगे'
एफएटीएफ ने कहा था कि पाकिस्तान ने भारत में कई आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी समूहों को मुहैया हो रहे धन पर लगाम लगाने के लिए बताए गए 27 कामों में से सिर्फ पांच पर अमल किया। कुरैशी ने कहा, 'पाकिस्तान को एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट में डलवाने में भारत विफल रहा। देश को फरवरी 2020 तक पूरा करने के लिए कई काम सौंपे गए हैं।'

उन्होंने कहा कि सरकार सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा करेगी और देश को ‘ग्रे’ सूची से बाहर लाएगी। उन्होंने कहा कि एफएटीएफ ने धनशोधन और आतंक के वित्त पोषण को रोकने के लिए सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों को संज्ञान में लिया।

क्या है FATF
एफएटीएफ एक अंतर सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना साल 1989 में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए, धन शोधन से लड़ने, आतंक का वित्त पोषण रोकने समेत ऐसे ही अन्य खतरों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की गई थी।

जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) द्वारा 31 अक्टूबर को प्रस्तावित सरकार विरोधी प्रदर्शन की योजना के बारे में पूछे जाने पर कुरैशी ने कहा कि कुछ लोग कभी भी देश में राजनैतिक स्थिरता का हिस्सा नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रदर्शन से भारत को 'कश्मीर से ध्यान हटाने' में मदद मिलेगी। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किए जाने के भारत सरकार के फैसले को उठाने की कोशिश कर चुका है हालांकि उसे कामयाबी नहीं मिली।

भारत सरकार के 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में यह फैसला लिए जाने के बाद पाकिस्तान ने उसके साथ अपने कूटनीतिक संबंधों का स्तर कम कर दिया और पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को खारिज करते हुए जम्मू-कश्मीर को हमेशा से भारत का आंतरिक मामला बताया है।

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