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पाकिस्तान को लेकर FATF की बैठक, ब्लैकलिस्ट होगा या ग्रे लिस्ट में बना रहेगा इमरान का 'नया पाकिस्तान?'

एफएटीएफ की जारी बैठक में पाकिस्तान को लेकर चर्चा जारी है। इस बैठक से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि पाकिस्तान को अगले छह महीनों के लिए ग्रे लिस्ट में बनाए रखा जा सकता है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 23 Jun 2021, 6:01 pm
इस्लामाबाद
नवभारतटाइम्स.कॉम Imran Khan 09991
इमरान खान

मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर निगाह रखने वाली संस्था फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक में पाकिस्तान को एक बार फिर रियायत मिलने की उम्मीद नहीं है। बैठक से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान को एक बार फिर छह महीनों के लिए एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में रखा जा सकता है। दरअसल, इस वैश्विक संस्था ने जो रिपोर्ट तैयार की है, उसमें पाकिस्तान ने 27 कार्यबिंदुओं में से अबतक केवल 26 को ही पूरा किया है। पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने का औपचारिक ऐलान शुक्रवार को होने की उम्मीद है।

पाकिस्तान को बैठक से अच्छी खबर की उम्मीद
पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप (आईसीआरजी) की ऑनलाइन मीटिंग में पाकिस्तान की प्रगति की समीक्षा की गई है। इस समूह में चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और भारत शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने FATF के 27 सूत्री एक्शन प्लान में से 26 को लागू कर दिया है। पाकिस्तान को उम्मीद है कि उसे एफएटीएफ की बैठक से कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

ग्रे लिस्ट में बने रहने की संभावना अधिक
इस मीटिंग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी को देखते हुए पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट में बने रहने की संभावना है। पाकिस्तान को एफएटीएफ के बाकी बचे एक बिंदु को लागू करने के लिए कम से कम दो से तीन महीने और लगेंगे। ऐसे में अमेरिका, भारत, फ्रांस और ब्रिटेन कोई भी छूट देने के लिए तैयार नहीं होने वाले हैं। हालांकि, प्रदर्शन के मामले में पाकिस्तान बहुत आशावादी है कि उसे FATF से अच्छी खबर मिलेगी।

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पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल होने के कारण करीब 38 अरब डॉलर (27,52,76,18,00,000 रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा है। इस्लामाबाद स्थित तबादलाब नाम के स्वतंत्र थिंक-टैंक तबादलाब ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 2008 से 2019 तक पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखने के कारण 38 अरब डॉलर के जीडीपी का नुकसान हुआ है। इस नुकसान का आंकलन खपत व्यय (consumption expenditures), निर्यात (exports) और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (foreign direct investment) (एफडीआई) में आई कमी के आधार पर की गई है।

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ग्रे लिस्ट में बना रहा पाकिस्तान तो क्या होगा असर
अगर पाकिस्तान एफएटीएफ की इस बैठक में भी ग्रे लिस्ट में बना रहता है तो उसकी आर्थिक स्थिति का और बेड़ा गर्क होना तय है। पाकिस्तान को अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ), विश्‍व बैंक और यूरोपीय संघ से आर्थिक मदद मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। पहले से ही कंगाली के हाल में जी रहे पाकिस्तान की हालात और खराब हो जाएगी। दूसरे देशों से भी पाकिस्तान को आर्थिक मदद मिलना बंद हो सकता है। क्योंकि, कोई भी देश आर्थिक रूप से अस्थिर देश में निवेश करना नहीं चाहता है।

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