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नाजी अत्याचारों को याद कर पीड़ितों, नेताओं ने यहूदी विरोधी भावनाएं फिर से बढ़ने की चेतावनी दी

ब्रसेल्स, 27 जनवरी (एपी) नाजी अत्याचारों की याद में और ऑशविट्ज यातना शिविर से मुक्ति की 77वीं वर्षगांठ मनाते हुए नरसंहार से बचे लोगों और नेताओं ने कोविड-19 महामारी के दौरान फिर से यहूदी-विरोधी भावनाएं बढ़ने और ऐसी घटनाओं के प्रसार को लेकर आगाह किया। नाजी अत्याचार से बचीं इंगे औरबेकर (87) ने जर्मन संसद से कहा, ‘‘मैं न्यूयॉर्क में 75 वर्षों से रह रही हूं, लेकिन मुझे अभी भी डरावनी और घृणा का खौफनाक समय अच्छी तरह से याद है। दुर्भाग्य से, यह कैंसर फिर से पनपने लगा है और जर्मनी सहित दुनिया के कई देशों में यहूदियों से नफरत

भाषा 27 Jan 2022, 7:34 pm
ब्रसेल्स, 27 जनवरी (एपी) नाजी अत्याचारों की याद में और ऑशविट्ज यातना शिविर से मुक्ति की 77वीं वर्षगांठ मनाते हुए नरसंहार से बचे लोगों और नेताओं ने कोविड-19 महामारी के दौरान फिर से यहूदी-विरोधी भावनाएं बढ़ने और ऐसी घटनाओं के प्रसार को लेकर आगाह किया।

नाजी अत्याचार से बचीं इंगे औरबेकर (87) ने जर्मन संसद से कहा, ‘‘मैं न्यूयॉर्क में 75 वर्षों से रह रही हूं, लेकिन मुझे अभी भी डरावनी और घृणा का खौफनाक समय अच्छी तरह से याद है। दुर्भाग्य से, यह कैंसर फिर से पनपने लगा है और जर्मनी सहित दुनिया के कई देशों में यहूदियों से नफरत फिर से आम बात हो गई है।’’

औरबेकर ने कहा, ‘‘मैं उस वक्त सात साल की थी और नरसंहार से बचे 1100 लोगों में सबसे छोटी थी।’’

लॉकडाउन के दौरान यहूदी विरोधी घटनाएं बढ़ने के बीच श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। औरबेकर ने कहा, ‘‘इस बीमारी को जल्द से जल्द ठीक किया जाना चाहिए।’’

जर्मनी की संसद की अध्यक्ष बेर्बेल बास ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने पहले से ही मौजूद यहूदी विरोधी भावना को बढ़ाने के लिए ‘‘एक उत्प्रेरक की तरह’’ काम किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यहूदी विरोधी भावनाएं हैं। ऐसे लोग महज हाशिए पर और इंटरनेट तक सीमित नहीं हैं। यह हमारे समूचे समाज की समस्या है।’’

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नवंबर 2005 में वार्षिक आयोजन की शुरुआत के लिए एक प्रस्ताव अपनाया और इसके लिए 27 जनवरी को चुना गया। इसी दिन ऑशविट्ज-बिरकेनौ को 1945 में सोवियत सैनिकों ने मुक्त कराया था। कोरोना वायरस महामारी के कारण, इस साल भी कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित किए जा रहे हैं।

हालांकि, एक छोटा सा समारोह ऑशविट्ज यातना शिविर की जगह पर होना है, जहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मन सेना ने कब्जे वाले पोलैंड में 11 लाख लोगों को मार डाला था। महामारी के कारण स्मारक स्थल को पूर्व में बंद कर दिया गया था लेकिन जून में फिर से खोल दिया गया।

कुल मिलाकर, लगभग 60 लाख यूरोपीय यहूदी और लाखों अन्य लोग नरसंहार के दौरान नाजियों और उनके सहयोगियों द्वारा मारे गए थे। इनमें से करीब 15 लाख बच्चे थे।

इजराइल की संसद के अध्यक्ष माइकी लेवी, जर्मनी के बुंडेस्टैग में शोकसभा के दौरान भावुक हो गए। लेवी ने कहा कि इजराइल और जर्मनी ने सुलह और संबंध स्थापित करने की दिशा में असाधारण प्रगति की है। यूरोपीय संघ (ईयू) के सांसदों ने बृहस्पतिवार को एक मिनट का मौन रखने और नरसंहार के दौरान बचीं मार्गोट फ्रीडलैंडर का स्वागत करने की योजना बनाई है।

एपी आशीष उमा

उमा

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