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S-400 missile system: क्रीमिया में रूस को क्या हुआ? अचानक चेक करने लगा S-400 मिसाइल सिस्टम की ताकत

रूस ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ बढ़ते तनाव के बीच क्रीमिया में एस-400 डिफेंस सिस्टम का टेस्ट शुरू किया है। रूसी सैन्य अधिकारी इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की ऑपरेशनल तैयारियों को जांच रहे हैं।

नवभारतटाइम्स.कॉम 29 Jun 2021, 7:59 pm
मॉस्को
नवभारतटाइम्स.कॉम S-500 Defence system 06
एस-400 मिसाइल सिस्टम

रूस ने अमेरिका और ब्रिटेन के साथ बढ़ते तनाव के बीच क्रीमिया में एस-400 डिफेंस सिस्टम का टेस्ट शुरू किया है। रूसी सैन्य अधिकारी इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की ऑपरेशनल तैयारियों को जांच रहे हैं। दरअसल, अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य संगठन नाटो इन दिनों काला सागर में ऑपरेशन सी ब्रिज नाम का युद्धाभ्यास कर रहे हैं। क्रीमिया के इतने नजदीक दुश्मन देशों के युद्धाभ्यास करने से रूस चिढ़ा हुआ है। यही कारण है कि उसने दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइल डिफेंस सिस्टम को फायर कर अपनी ताकत दिखाई है।

नाटो के युद्धाभ्यास की निगरानी कर रही रूसी नौसेना
नाटो का वार्षिक सैन्याभ्यास सी ब्रिज सोमवार को काला सागर के उत्तर पश्चिम हिस्से में शुरू हुआ। रूसी नौसेना इस युद्धाभ्यास में शामिल होने वाले युद्धपोतों की करीबी से निगरानी कर रही है। रूस के विरोधी देशों के इस युद्धाभ्यास में में 32 देशों के लगभग 5,000 सैनिक और 32 युद्धपोत शामिल हैं। 10 जुलाई तक दुश्मन देशों की सेनाएं रूस के करीब समुद्र में अपने शक्ति का प्रदर्शन करेंगी।

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रूसी नौसेना ने बताया-क्रीमिया में क्या हुआ?
रूसी नौसेना के काला सागर बेड़े के प्रवक्ता कैप्टन एलेक्सी रुलियोव ने बताया कि काला सागर बेड़े के विमान और हेलीकॉप्टरों ने दक्षिणी सैन्य जिले के एयरफोर्स फॉर्मेशन के साथ यह युद्धाभ्यास किया। इसमें एस -400 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और पैंटसिर सेल्फ प्रोपेल्ड मिसाइल और गन सिस्टम को फायर कर उनकी तैयारियों की जांच की गई। इस युद्धाभ्यास में रूसी वायु सेना के Su-24, Su-27, और Su-30SM लड़ाकू विमानों के अलावा Mi-8 और Ka-27 हेलिकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया गया।

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क्या काम करता है एयर डिफेंस सिस्टम
इसका काम देश में होने वाले किसी भी संभावित हवाई हमले का पता लगाना और उसे रोकना है। यह तमाम तरह के रेडार और उपग्रहों की मदद से जानकारी जुटाता है। इस जानकारी के आधार पर यह बता सकता है कि लड़ाकू विमान कहां से हमला कर सकते हैं। इसके अलावा यह एंटी-मिसाइल दागकर दुश्मन विमानों और मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर सकता है। भारत ने अब तक रूस से मारने वाले हथियार ही खरीदे हैं। पहली बार भारत रूस से S-400 डिफेंस सिस्टम खरीद रहा है।


एस-400 डिफेंस सिस्टम को और घातक बना रहा रूस
रूस ने अपने एस-400 और एस-300 मिसाइल सिस्टम को और घातक बनाने का काम शुरू कर दिया है। इस सिस्टम में रूस नई तरह की कई मिसाइलों को शामिल करने जा रहा है जो दुश्मन के किसी भी मिसाइल को मार गिराने में सक्षम होंगी। रूस का यह हथियार अपनी कैटेगरी में दुनिया में सबसे बेहतरीन माना जाता है। रूसी समाचार एजेंसी स्पूतनिक की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी रक्षा मंत्रालय ने एस- 300 और एस- 400s के स्टॉक को लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता को बढ़ाने और अत्यधिक सटीक शॉर्ट-रेंज डिफेंस प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रकार की मिसाइलों से लैस करने की योजना को मंजूरी दी है।

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