ऐपशहर

भारत नहीं, पाकिस्‍तान को देंगे यूक्रेन में तबाही मचा रहा बायरकतार ड्रोन, तुर्की का जहरीला बयान

Bayraktar Tb2 Drones Turkey Pakistan Vs India: तुर्की ने यूक्रेन में तबाही मचा रहा बायरकतार टीबी2 ड्रोन भारत को देने से इंकार किया है। बायरकतार के सीईओ और तुर्की के राष्‍ट्रपति के दामाद हालुक ने कहा कि वे यूक्रेन की जंग में तबाही मचा रहे बायरकतार ड्रोन पाकिस्‍तान को बेच रहे हैं। हालुक के ससुर एर्दोगान भारत के खिलाफ जहरीले बयान देते रहते हैं।

Curated byशैलेश कुमार शुक्ला | नवभारतटाइम्स.कॉम 7 Sep 2022, 11:26 am

हाइलाइट्स

  • पाकिस्‍तान समर्थक तुर्की ने एक बार फिर से भारत को लेकर जहरीला बयान दिया है
  • ड्रोन बनाने वाली कंपनी ने ऐलान किया है कि वे भारत नहीं पाकिस्‍तान को किलर ड्रोन देंगे
  • हालुक बायरकतार तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगान के दामाद हैं और ड्रोन क्रांति के 'जनक' माने जाते हैं
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम turkey-tb2-drones
तुर्की ने भारत को किलर ड्रोन देने से किया इंकार
अंकारा: पाकिस्‍तान समर्थक तुर्की ने एक बार फिर से भारत को लेकर जहरीला बयान दिया है। यूक्रेन से लेकर आर्मीनिया तक तबाही मचाने वाले बायरकतार हमलावर ड्रोन बनाने वाली कंपनी के सीईओ हालुक बायरकतार ने ऐलान किया है कि वे दक्षिण एशिया में भारत नहीं बल्कि पाकिस्‍तान को ये किलर ड्रोन देंगे। हालुक बायरकतार तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगान के दामाद हैं और देश में ड्रोन क्रांति के 'जनक' माने जाते हैं। तुर्की के बायरकतार ड्रोन की दुनिया में इतनी डिमांड है कि इसकी 3 साल की वेटिंग हो गई है।
जापानी अखबार निक्‍केई एशिया के साथ इंटरव्‍यू में हालुक बायरकतार ने कहा कि टीबी2 जैसे ड्रोन विमान जमीनी युद्ध के साथ नौसैनिक युद्ध में बहुत कारगर हैं। उन्‍होंने कहा कि हथियारों से लैस ड्रोन विमान भविष्‍य में होने वाली हर जंग में बहुत अहम भूमिका निभाएंगे। इसमें ताइवान स्‍ट्रेट में चीन और ताइवान के बीच संभावित जंग भी शामिल है। हालुक ने कहा, 'अब यह सवाल ही नहीं उठता है कि कोई भी युद्ध बिना ड्रोन विमान के हो।' उन्‍होंने दावा किया कि जो देश अब ड्रोन तकनीक में महारत हासिल नहीं करेगा, वह भविष्‍य में होने वाली जंग में हार जाएगा।
रूसी S-400 के बावजूद अब अमेरिका से पैट्रियट सिस्टम क्यों खरीदना चाहता है तुर्की? जानें कारण
'भारत नहीं पाकिस्‍तान को देंगे लड़ाकू ड्रोन विमान'
हालुक ने दावा किया कि उनके हथियारबंद ड्रोन विमान चीन के लड़ाकू ड्रोन विमान से ज्‍यादा कारगर हैं। बायरकतार ड्रोन जिन भी देशों में पहुंचे हैं, वहां पर उन्‍होंने चीन के ड्रोन विमान को रिटायर कर दिया। उन्‍होंने खुलासा किया कि चीन में बने ड्रोन विमान चीन के एक पड़ोसी देश के पास हैं। ये विमान जब चीन की सीमा के पास भेजे गए तो वे अचानक से अपने आप ही पीछे लौट गए और चीनी सीमा में नहीं घुसे। यह 'अस्‍वीकार्य' है। उन्‍होंने कहा कि बायरकतार टीबी2 ड्रोन यूक्रेन की नौसेना में भी सफल साबित हुए हैं और रूस पर जोरदार हमले किए हैं।

बायरकतार के सीईओ ने कहा कि अकिंसी टाइप के नए ड्रोन में एंटी शिप क्रूज मिसाइलों को भी लगाया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्‍या आप भारत को भी ड्रोन विमान बेचेंगे। इस पर एर्दोगन के दामाद हालुक ने कहा, 'कंपनी का सिद्धांत है कि हम युद्ध से नहीं कमाते हैं या संघर्ष में शामिल दोनों ही पक्षों को हथियार नहीं बेचते हैं।' हालुक ने कहा कि हमने पहले ही 'दोस्‍ताना' संबंध वाले देशों जैसे पाकिस्‍तान, अजरबैजान, यूक्रेन को यह ड्रोन बेचा है। इस तरफ उन्‍होंने साफ कर दिया कि भारत के साथ उनके दोस्‍ताना संबंध नहीं हैं। तुर्की ने पाकिस्‍तान को अपना सबसे घातक ड्रोन दिया है।
तुर्की के खतरनाक Bayraktar TB-2 ड्रोन ने दुनिया में मचाई खलबली, अमेरिका और रूस भी सहमेकश्‍मीर पर अक्‍सर जहर उगलते रहते हैं एर्दोगान
हालुक ने खुलासा किया कि वर्तमान समय में 10 देशों के साथ टीबी2 ड्रोन खरीदने को लेकर बातचीत चल रही है। उन्‍होंने कहा कि इस साल उन्‍हें पहली बार 1 अरब डॉलर निर्यात से कमाई होने की उम्‍मीद है। बता दें कि तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगान अक्‍सर कश्‍मीर पर जहर उगलते रहते हैं। तुर्की संयुक्‍त राष्‍ट्र से लेकर प्रत्‍येक अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पाकिस्‍तान का खुलकर साथ देता है। पाकिस्‍तानी सेना ने पिछले दिनों टीबी2 ड्रोन विमान उड़ाते हुए एक वीडियो भी जारी किया था। पाकिस्‍तान के विपरीत भारत इजरायल और अमेरिका के साथ ड्रोन विमान खरीदता है। भारत अपना खुद का ड्रोन विमान तापस भी बना रहा है। इस ड्रोन का सफल ट्रायल भी हुआ है।
लेखक के बारे में
शैलेश कुमार शुक्ला
शैलेश कुमार शुक्‍ला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से ताल्‍लुक रखते हैं। उन्‍होंने इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय और माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय से पढ़ाई की। अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की। वार्ता, पीटीआई भाषा, अमर उजाला, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में करीब 14 साल काम का अनुभव है। इंटरनैशनल डेस्‍क पर कार्यरत हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति, विज्ञान, रक्षा, पर्यावरण जैसे विषयों के बारे में जानने और लिखने की हमेशा ललक रही है।... और पढ़ें

अगला लेख

ट्रेंडिंग