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मिल गई संजीवनी! मरने के बाद भी जी उठेगा मृत शरीर, जानिए वैज्ञानिकों ने क्या खोज निकाला?

अमेरिका के एरिजोना राज्य के स्कॉट्सडेल में स्थित एल्कोर फर्म ने क्रायोनिक्स के क्षेत्र में खुद को लीडिंग कंपनी के तौर पर पेश किया है। इस तकनीक के जरिए मौत के बाद शरीर को फ्रीज कर दिया जाता है। दावा किया जाता है कि बाद में इनकों जीवित किया जा सकता है।

Curated byप्रियेश मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम 25 Oct 2021, 12:56 pm
वॉशिंगटन
नवभारतटाइम्स.कॉम immortality
सांकेतिक तस्वीर

मानव इतिहास में कई लोगों को अमरता की चाहत रही है। लेकिन, विज्ञान की कठिन जटिलताओं के कारण उनका सपना कभी पूरा नहीं हो सका। अब दावा किया जा रहा है कि इंसानों की अमरता का ख्वाब इस जमाने में पूरा हो सकता है। इसके लिए अमेरिका की एक कंपनी ने बाकायदा प्लान लॉन्च किया है। कंपनी ने दावा किया है कि वह इंसानों को मरने के बाद भी जीवित रख सकती है। इसके लिए साल-दर-साल के हिसाब से भारी-भरकम फीस जरूर चुकानी पड़ेगी।

अमेरिकी कंपनी का प्लान तो जानें
अमेरिका के एरिजोना राज्य के स्कॉट्सडेल में स्थित एल्कोर फर्म ने क्रायोनिक्स के क्षेत्र में खुद को लीडिंग कंपनी के तौर पर पेश किया है। इस तकनीक के जरिए मौत के बाद शरीर को फ्रीज कर दिया जाता है। दावा किया जाता है कि बाद में इनकों जीवित किया जा सकता है। कानूनी मौत के बाद लाशों के दिमाग में तरल नाइट्रोजन भरकर फ्रीज कर दिया जाता है। उम्मीद की जाती है कि इन लाशों को बाद में कुछ विशेष तकनीक से जीवित किया जा सकता है।

मृत शरीर को फ्रीज करने की फीस 2 लाख डॉलर
एल्कोर फर्म ने एक पूरे शरीर को फ्रीज करने के लिए 2 लाख डॉलर की फीस रखी हुई है। भारतीय रुपये में यह राशि 15 करोड़ के आसपास की है। यह राशि एक बार चुकानी होगी। कंपनी ने मौत के बाद हर साल संरक्षण के लिए 705 डॉलर की फीस भी रखी हुई है। न्यूरो के मरीज के लिए एक बार चुकाने वाली फीस 80 हजार डॉलर है। इसमें मरीज दे दिमाग को ही संरक्षित रखा जाता है।

कंपनी के सीईओ ने की तारीफ, बोले बीमा से मिल जाएंगे पैसे
इस कंपनी के ब्रिटिश सीईओ मैक्स मोर ने कहा कि यह प्रक्रिया वास्तव में काफी लोगों के लिए बहुत किफायती है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि मेरे पास दो लाख डॉलर या फिर 80 हजार डॉलर नहीं है। मैंने भी जब यह पॉलिसी ली थी, तब मेरे पास भी पैसा नहीं था। मैंने इंग्लैंड में एक छात्र के रूप में साइन अप किया, मैं काफी गरीब था। हमारी टीम के कई लोगों ने जीवन बीमा के पैसों से इस पॉलिसी की फीस चुकाई है।

अबतक 184 मरीजों के शवों को किया गया फ्रीज
उन्होंने कहा कि अगर आप कॉफी के लिए हर दो दिनों में स्टारबक्स जाने का खर्च उठा सकते हैं, तो आप क्रायोनिक्स की मेंबरशिप भी ले सकते हैं। अल्कोर में वर्तमान में 1,379 मेंबर हैं, इनमें से 184 मरीज शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनकी लाशें क्रायोनिक प्रॉसेस के अधीन हैं। परिवार के पहले मेंबर के लिए मेंबरशिप प्लान की फीस 660 डॉलर प्रति वर्ष है। जिसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक रिश्तेदार के लिए लगभग 50 फीसदी की छूट है।
लेखक के बारे में
प्रियेश मिश्र
नवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें

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