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चंद्रमा पर कैसे लगाएं परमाणु संयंत्र? अंतरिक्ष में बिजली बनाने के लिए NASA मांग रही आइडिया

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2030 से पहले बिजली के उत्पादन के लिए परमाणु ऊर्जा प्रणाली( न्यूक्लियर पावर प्लांट) को लगाने का ऐलान किया है। नासा ने इसके लिए दुनियाभर की कंपनियों और डिजाइनरों से न्यूक्लियर पावर प्लांट के पोर्टेबल मॉडल को मांगा है। नासा ने शर्त रखी है कि यह पावर प्लांट 12 फुट लंबे 18 फुट चौड़े रॉकेट में चंद्रमा तक ले जाने में सक्षम होना चाहिए।

Curated byप्रियेश मिश्र | नवभारतटाइम्स.कॉम 4 Dec 2021, 7:24 pm

हाइलाइट्स

  • नासा ने चंद्रमा पर परमाणु संयंत्र स्थापित करने के प्रस्तावों को स्वीकारना शुरू किया
  • रॉकेट से ले जाने योग्य परमाणु संयंत्र की डिजाइन मांग रही है नासा
  • चंद्रमा पर इंसानों को बसाने के लिए बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना

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चंद्रमा पर परमाणु प्लांट लगाने की तैयारी
न्यूयॉर्क
बिजली की खोज ने पूरी दुनिया में ऐसी क्रांति ला दी है, जिसका किसी को भी अंदेशा नहीं था। वर्तमान में तो पृथ्वी पर बिना बिजली के जीवन की कल्पना तक नहीं की जा सकती है। दैनिक जीवन से लेकर स्वास्थ्य तक हर एक सेक्टर में बिजली की जरूरत है। ऐसे में क्या होगा अगर हम अंतरिक्ष में बिजली पैदा करने में सक्षम हो जाएं? क्या यह अंतरिक्ष यात्रा में क्रांति ला सकता है? दुनियाभर के वैज्ञानिक ऐसे ही सवालों के जवाब ढूंढने में उलझे हुए हैं।
रॉकेट पर ले जाने योग्य होना चाहिए मॉडल
दरअसल, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2030 से पहले बिजली के उत्पादन के लिए परमाणु ऊर्जा प्रणाली( न्यूक्लियर पावर प्लांट) को लगाने का ऐलान किया है। नासा के अनुसार, यह रिएक्टर टिकाऊ और उच्च शक्ति वाला होगा। नासा ने इसके लिए दुनियाभर की कंपनियों और इंजीनियरों से न्यूक्लियर पावर प्लांट के पोर्टेबल मॉडल को मांगा है। नासा ने शर्त रखी है कि यह पावर प्लांट 12 फुट लंबे 18 फुट चौड़े रॉकेट में चंद्रमा तक ले जाने में सक्षम होना चाहिए।

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चांद पर इंसानों को बसाने के लिए बनेगी बिजली
नासा ने अरबों डॉलर के इस प्रॉजक्ट में निवेश के लिए अमेरिकी ऊर्जा विभाग के इडाहो नेशनल लेबोरेटरी (INL) के साथ करार किया है। नासा आज से 50 साल बाद आर्टेमिस मिशन के जरिए चंद्रमा पर इंसानों को भेजने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में उसकी नजर पहले ही चंद्रमा के सतह पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्टर को विकसित करने पर टिकी है।

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नासा और आईएनएल ने मांगा आईडिया
आईएनएल ने बयान जारी कर कहा है कि वह चंद्रमा पर इस्तेमाल के लिए परमाणु ऊर्जा प्रणालियों को डिजाइन बनाने वाली कंपनियों की तलाश कर रहा है। जिनके पास भी ऐसा कोई मॉडल हो, वे संपर्क कर सकते हैं। रिएक्टर डिजाइन के लिए अनुरोध की लाइन नासा और ऊर्जा विभाग की साइट पर 19 फरवरी 2022 तक के लिए खुली रहेगी।

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पृथ्वी पर बनाया जाएगा न्यूक्लियर प्लांट
यह संयंत्र पृथ्वी पर बनाया जाएगा और फिर इसे चंद्रमा पर भेजा जाएगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के अपने अभियान के समय को आगे बढ़ा कर इसे 2025 कर दिया है। अंतरिक्ष एजेंसी की, इससे पहले 2024 तक अंतरिक्षयात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की योजना थी। नासा के प्रशासक बिल नीलसन ने मंगलवार को इस अभियान में देरी के संबंध में घोषणा की।
लेखक के बारे में
प्रियेश मिश्र
नवभारत टाइम्स डिजिटल में डिजिटल कंटेंट राइटर। पत्रकारिता में दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसी संस्थाओं के बाद टाइम्स इंटरनेट तक 5 साल का सफर जो इंदौर से शुरू होकर एनसीआर तक पहुंचा है पर दिल गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरक्षनाथ की धरती गोरखपुर में बसता है। देश-विदेश, अंतरराष्ट्रीय राजनीति/कूटनीति और रक्षा क्षेत्र में खास रुचि। डिजिटल माध्यम के नए प्रयोगों में दिलचस्पी के साथ सीखने की सतत इच्छा।... और पढ़ें

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