ऐपशहर

धरती से भी बेहतर हो सकता है यहां जीवन, वैज्ञानिकों की नजर में ऐसे दो दर्जन ग्रह

Life on Other Planets: वैज्ञानिकों की नजर ऐसे ग्रहों पर है जहां धरती से भी बेहतर जीवन हो सकता है। हालांकि, अभी यहां जीवन के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि नई पीढ़ी के टेलिस्कोप्स की मदद से नई खोज की जा सकती है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 6 Oct 2020, 9:50 am

हाइलाइट्स

  • वैज्ञानिकों की निगाहें दूसरे ग्रहों पर जीवन खोजने पर टिकीं
  • मिले हैं ऐसे दो दर्जन ग्रह जहां धरती से बेहतर जीवन मुमकिन
  • अभी नहीं मिले जीवन के संकेत, टेलिस्कोप्स करेंगे मदद
  • आने वाले वक्त में नई पीढ़ी के टेलिस्कोप कर सकते हैं खोज
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
बर्लिन
वैज्ञानिकों का कहना है कि नई पीढ़ी के सुपर-पावरफुल स्पेस-बेस्ड टेलिस्कोप्स के साथ ही ऐसे ग्रह खोजने की जरूरत भी आ गई है जहां पर जीवन बसाया जा सके। जर्मनी और अमेरिका के रिसर्चर्स ने हमारे सोलर सिस्टम्स के बाहर ऐसे करीब 4500 एग्जोप्लैनेट (Exoplanet, ऐसे ग्रह जो किसी सितारे का चक्कर काटते हैं) को स्टडी किया है। उन्होंने पाया है कि करीब दो दर्जन ग्रहों पर धरती से भी ज्यादा अच्छे हालात हो सकते हैं।
8 अरब साल का हमारा सूरज
ऐस्ट्रोबायॉलजी जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक ऐसे कई ग्रह हैं जहां अलग-अलग हालात हैं। इनमें से कुछ ज्यादा गीले हैं, कुछ गर्म हैं और कुछ धरती से बड़े हैं। ऐस्ट्रोनॉमर्स ऐसे ग्रहों की खोज कर रहे हैं जिनपर सितारे का चक्कर काटते हुए पानी लिक्विड अवस्था में ही हो। इन ग्रहों में K Dwarf सितारों का चक्कर काटने वाले ग्रह भी थे। K dwarf हमारे सूरज से ज्यादा ठंडे होते हैं। हालांकि, इनका जीवन 20-70 अरब साल के बीच होता है जबकि हमारे सूरज का जीवन सिर्फ 8 अरब साल के करीब माना जाता है।

मिला नहीं जीवन, पर हो सकता है मुमकिन
वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इन सोलर सिस्टम पर जीवन मिलता है तो उनके पास हमारी धरती की तरह और इससे भी ज्यादा जटिल होने के लिए ज्यादा वक्त रहा होगा। वहीं, ग्रहों की उम्र, सितारों के रेडियेशन से बचाने वाली मैग्नेटिक फील्ड की गैरमौजूदगी जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखने पर यह और भी जटिल हो जाता है। अभी तक खोजा गया कोई भी ग्रह एकदम सटीक नहीं मिला है। हालांकि, एक ग्रह पर चार ऐसे फीचर मिले हैं जिन्हें वैज्ञानिक अहम मानते हैं।


आने वाले वक्त में मुश्किल खोज लेकिन...
रिसर्चर्स का कहना है कि इस लिस्ट में शामिल ग्रह हमारी धरती से 100 प्रकाशवर्ष दूर हैं यानी आने वाले सालों में वहां जाना मुमकिन नहीं होगा। हालांकि, बर्लिन की टेक्निकल यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर ऐस्ट्रोनॉमी ऐंड ऐस्ट्रोफिजिक्स में प्रफेसर डॉ. डर्क शूल्ज माकूच के मुताबिक इन नतीजों से सुपर-फास्ट ट्रैवल से पहले भी फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा है कि और ज्यादा अडवांस्ड स्पेस टेलिस्कोप्स की मदद से ज्यादा जानकारी मिल सकेगी और कुछ टार्गेट तय किए जा सकेंगे।

स्पेस टेलिस्कोप्स शुरू करेंगे नया युग
अगले साल NASA का जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप लॉन्च होने वाला है। LUVOIR स्पेस ऑब्जर्वेटरी कॉन्सेप्ट, यूरोपियन स्पेस एजेंसी के PLATO स्पेस-टेलिस्कोप से भी कई उम्मीदें हैं। शूल्ज का कहना है कि हमें ऐसे ग्रहों पर ध्यान देना होगा जहां हालात में ज्यादा संभावना नजर आती हैं। हालांकि, हमें दूसरी धरती खोजने के पीछे ही नहीं रहना चाहिए क्योंकि कुछ ग्रहों पर जीवन धरती से भी बेहतर हो सकता है।

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग