ऐपशहर

वीडियो: अंतरिक्ष में आग का गोला बना रूसी जासूसी उपग्रह, पूरे अमेरिका में मची खलबली

Failed Russian Spy Satellite Falls To Earth: रूस का एक जासूसी सैटलाइट अपनी कक्षा में नहीं जा पाने की वजह से अनियंत्रित हो गया और धरती की ओर आने लगा। इस दौरान पूरा सैटलाइट आग के गोले में बदल गया।

Curated byशैलेश कुमार शुक्ला | नवभारतटाइम्स.कॉम 22 Oct 2021, 12:35 pm

हाइलाइट्स

  • अमेरिका के आकाश में आग का गोला देखे जाने पर लोग दहशत में आ गए
  • यह रूसी जासूसी उपग्रह था जो फेल होने के बाद धरती ओर आ रहा था
  • आग के गोले में बदले इस सैटलाइट के मलबे को पूरे अमेरिका में देखा गया
सारी खबरें हाइलाइट्स में पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें
नवभारतटाइम्स.कॉम Russian spy satellite cascades to Earth
अंतरिक्ष से धरती की ओर आता रूस का जासूसी उपग्रह
मास्‍को
अमेरिका के आकाश में आग का गोला देखे जाने पर लोग दहशत में आ गए। दरअसल, यह रूसी जासूसी उपग्रह था जो फेल होने के बाद धरती ओर आ रहा था। आग के गोले में बदले इस सैटलाइट के मलबे को पूरे अमेरिका के आकाश में देखा गया। बताया जा रहा है कि इस सैटलाइट का नाम कोसमोस-2551 था। बुधवार को हजारों लोगों ने इस रूसी सैटलाइट के खात्‍मे को अपनी आंखों से देखा।
इस सैटलाइट के गिरने के वीडियो को अब सोशल मीडिया में काफी शेयर किया जा रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि चमकदार चीज रात में आकाश से दिखाई दे रही है। इस चीज के पीछे उसकी आकर्षक पूंछ भी दिख रही है। सैटलाइट का एक छोटा सा हिस्‍सा उसके पीछे-पीछे आता दिख रहा है। इससे पता चल रहा है कि वातावरण में प्रवेश करते ही सैटलाइट कई टुकड़ों में बंट गया था।
अपना परिक्रमा पथ नहीं बदल सका जासूसी उपग्रह
इस वीडियो को अमेरिका के मिश‍िन शहर में रेकॉर्ड किया गया था। इसे अमेरिका के उल्‍का सोसायटी ने शेयर किया है जिसे अब तक हजारों की तादाद में लोग देख चुके हैं। एक यूजर ने इस वीडियो को देखकर कहा, 'बहुत सुंदर, मैंने आज रात को कुछ देखा था लेकिन पूर्ण चांद और बादलों की वजह से यह बहुत कठ‍िन था।' बताया जा रहा है कि इस जासूसी उपग्रह को रूस ने 9 सितंबर को लॉन्‍च किया था लेकिन अपना परिक्रमा पथ नहीं बदल सका।

इसके बाद से ही इस रूसी उपग्रह के धरती पर गिरने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं। बताया जा रहा है कि यह बहुत छोटा सैटलाइट था जिसका वजन 500 किलो था। इसी वजह से इसके मलबे के धरती पर गिरने की आशंका बहुत कम थी। बता दें कि कुछ समय पहले चीन का एक भारी भरकम रॉकेट अनियंत्रित हो गया था और वह मालदीव के पास समुद्र में गिरा था। इसको लेकर पूरी दुनिया में बहुत चिंता जताई जा रही थी।
लेखक के बारे में
शैलेश कुमार शुक्ला
शैलेश कुमार शुक्‍ला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से ताल्‍लुक रखते हैं। उन्‍होंने इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय और माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय से पढ़ाई की। अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की। वार्ता, पीटीआई भाषा, अमर उजाला, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में करीब 14 साल काम का अनुभव है। इंटरनैशनल डेस्‍क पर कार्यरत हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति, विज्ञान, रक्षा, पर्यावरण जैसे विषयों के बारे में जानने और लिखने की हमेशा ललक रही है।... और पढ़ें

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग