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Water On Mars: मंगल पर शहर बसाने के सपने को बड़ा झटका, लाल ग्रह की विशाल झील में नहीं मिला पानी

Mars South Pole Lake: मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की विशाल पानी की झील मिलने का दावा गलत निकला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पानी की झील नहीं बल्कि ज्‍वालामुखी की चट्टानें हैं जो रोशनी को परावर्तित कर रही हैं।

Curated byशैलेश कुमार शुक्ला | नवभारतटाइम्स.कॉम 26 Jan 2022, 10:10 am

हाइलाइट्स

  • मंगल ग्रह पर शहर बसाने का सपना देख रही दुनिया के लिए बुरी खबर है
  • मंगल ग्रह पर तरल अवस्‍था में पानी मिलने की संभावनाएं खत्‍म हो गई हैं
  • अब ताजा शोध से पता चला है कि यह पानी होने के धोखे के अलावा कुछ नहीं
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मंगल ग्रह पर रेडॉर से दिखी विशाल झील
वॉशिंगटन: मंगल ग्रह पर शहर बसाने का सपना देख रही दुनिया के लिए बुरी खबर है। मंगल ग्रह पर तरल अवस्‍था में पानी मिलने की संभावनाएं खत्‍म हो गई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले माना जाता था कि मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर मिली विशाल झील में पानी के विशाल भंडार हो सकते हैं। हालांकि अब ताजा शोध से पता चला है कि यह पानी होने के धोखे के अलावा कुछ नहीं है। इससे पहले साल 2018 में पानी की तलाश कर रहे वैज्ञानिकों को दक्षिणी ध्रुव की रेडॉर से की गई जांच में तेज चमक दिखाई पड़ी थी।
इसके बाद यह माना गया था कि परावर्तित हो रही चमक पानी हो सकती है, हालांकि अब ताजा शोध में इस खुलासे को लेकर विवाद हो गया है। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्‍सास के वैज्ञानिकों की ओर से रेडॉर तस्‍वीरों की फिर से की गई जांच में यह पता चला है कि वे किरणें पानी नहीं बल्कि ज्‍वालामुखी चट्टानें हैं। नासा की ओर से कराए जा रहे इस शोध में यह पता चला है कि जो चमक बर्फ में दिखाई दे रही है, वह ठीक उसी तरह से है जैसे लाल ग्रह की सतह पर पूरे ज्‍वालामुखी इलाके में दिखाई देती है।
स्पेस में बनेंगी कार! मंगल ग्रह पर टेस्ला की फैक्ट्री लगाना चाहते हैं एलन मस्क
पानी भविष्‍य में इंसान के उतरने के दौरान बेहद अहम संसाधन
वैज्ञानिकों ने कहा कि साल 2018 में हुई विशाल झीलों की खोज की यह ज्‍यादा 'विश्‍वसनीय व्‍याख्‍या' है। उन्‍होंने कहा कि लाल ग्रह का दक्षिणी ध्रुव ठंडा और बंजर है। यहां पर पानी के तरल अवस्‍था में बने रहने के लिए जरूरी परिस्थितियां नहीं हैं। अब यही टीम एक नए मिशन पर काम कर रही है ताकि मंगल ग्रह पर पानी की तलाश की जा सके। मंगल पर पानी मिलना भविष्‍य में इंसान के उतरने के दौरान बेहद अहम संसाधन होगा।

बता दें कि दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्‍क मंगल ग्रह पर इंसानी शहर बसाना चाहते हैं। मस्क ने भविष्यवाणी की है कि उनकी कंपनी स्पेसएक्स अगले 10 सालों के भीतर इंसानों को मंगल पर ले जाने में सक्षम होगी। मस्क ने हाल ही में लेक्स फ्रिडमैन पॉडकास्ट पर यह साहसिक दावा किया था। मस्क ने अपने आइडिया को दोहराया और कहा कि मानवता को एक 'बहु-ग्रह प्रजाति' बनाना चाहिए।


मंगल मिशन के लिए एलन मस्‍क ने बनाई बड़ी योजना
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष यात्रा के लिए तकनीक विकसित करने की स्पेसएक्स की विस्तृत योजनाएं हैं। मंगल पर इंसानों के जाने की समयसीमा को लेकर मस्क ने कहा, 'सबसे अच्छी स्थिति में 5 साल और सबसे बुरी स्थिति में 10 साल लग सकते हैं।' उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए समय सीमा इंसानों को अंतरिक्ष में ले जाने वाले स्पेसक्राफ्ट के निर्माण पर निर्भर करती है।
लेखक के बारे में
शैलेश कुमार शुक्ला
शैलेश कुमार शुक्‍ला, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से ताल्‍लुक रखते हैं। उन्‍होंने इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय और माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय से पढ़ाई की। अमर उजाला से पत्रकारिता की शुरुआत की। वार्ता, पीटीआई भाषा, अमर उजाला, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में करीब 14 साल काम का अनुभव है। इंटरनैशनल डेस्‍क पर कार्यरत हैं। राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति, विज्ञान, रक्षा, पर्यावरण जैसे विषयों के बारे में जानने और लिखने की हमेशा ललक रही है।... और पढ़ें

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