ऐपशहर

कोरोना के बीच हज 2020 की शुरुआत, टेक्नोलॉजी बन रही श्रद्धालुओं की मददगार

Hajj 2020: कोरोना वायरस के मद्दनजर इस साल हज सीमित दायरे में हो रहा है। सऊदी अरब सरकार हज को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रौद्योगिकी का सहारा ले रही है। 28 जुलाई से शुरू हुई हज यात्रा के दौरान कुछ अलग नजारा देखने को मिला। कोरोना के खतरे को देखते हुए सऊदी सरकार ने इस बार की हज यात्रा में कई तरह के बदलाव किया है।

नवभारतटाइम्स.कॉम 29 Jul 2020, 4:56 pm
कोरोना वायरस के मद्दनजर इस साल हज सीमित दायरे में हो रहा है। सऊदी अरब सरकार हज को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रौद्योगिकी का सहारा ले रही है। हज से पहले मक्का स्थित इस्लाम की सबसे मुकद्दस (पवित्र) स्थल खाना-ए-काबा लाखों हज यात्रियों से खचाखच भरा होता था। बहरहाल, मंगलवार को मस्जिद अल-हराम में कुछ अधिकारी और कर्मियों को आखिरी मिनट की तैयारियों को अंजाम देते देखा गया।
नवभारतटाइम्स.कॉम hajj 2020 begins in saudi arabia amid coronavirus pandemic see photos
कोरोना के बीच हज 2020 की शुरुआत, टेक्नोलॉजी बन रही श्रद्धालुओं की मददगार


इस साल बहुत कम लोगों को हज यात्रा की इजाजत

मस्जिद अल हराम में ही खाना-ए-काबा है। पिछले साल करीब 25 लाख लोगों ने हज यात्रा की थी, लेकिन इस बार कोविड-19 के कारण हज यात्रियों की संख्या सीमित कर दी गई है और सांकेतिक हज की इजाजत है जिसमें एक हजार से 10,000 के बीच हज यात्री हिस्सा ले रहे हैं।

हज यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य

इस साल जिन लोगों को हज के लिए चुना गया है, उनकी कोरोना वायरस के जांच कराई गई और वे मक्का के होटलों में स्वयं पृथक-वास में हैं। हज मंत्रालय में मुख्य योजना अधिकार अमर अल मद्दाह थर्मल स्कैनिंग और इलेक्ट्रॉनिक आईडी कार्ड जैसी नई प्रौद्योगिकी को शामिल करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं जिससे यह सुनिश्चित हो कि हज के दौरान कोविड-19 का कोई मामला नहीं आए और न ही किसी की मौत हो।

तीर्थयात्रियों को रिस्टबैंड देगी सरकार

हज यात्रियों को मक्का में प्रवेश से स्वास्थ्य मंत्रालय उन्हें रिस्टबैंड (कलाई पर बांधने वाला बैंड) देगा, जिससे उनके आने जाने की निगरानी हो सकेगी और सुनिश्चित होगा कि वे अनिवार्य पृथक-वास में रहें। वहीं थर्मल स्कैनर का इस्तेमाल लोगों के शरीर का तापमान जांचने के लिए मुकद्दस स्थल पर किया जा रहा है।

20 लोगों के समूह में रहेंगे तीर्थयात्री

हर यात्री को 20 लोगों के समूह में रखा गया है और उस समूह का एक नेता है जो हज के दौरान हर स्थान पर उनका मार्गदर्शन करेगा ताकि भीड़ के जुटने को रोका जा सके। खासकर मस्जिद अल-हराम में, जहां मुस्लिम काबा की परिक्रमा करते हैं। वहीं आराफात की पहाड़ी पर यात्री बृहस्पतिवार बिताएंगे और दुआ मांगेगे तथा इबादत करेंगे।

ऐप और आईडी कार्ड ये तीर्थयात्रियों पर नजर

यहां यात्री उच्च तकनीक वाला आईडी कार्ड लगाएंगे जो उनके फोन की ऐप से कनेक्ट होगा। बता दें कि आराफात की पहाड़ी पर ही पैगंबर मोहम्मद ने करीब 1400 साल पहले आखिरी खुतबा (उपदेश) दिया था। कार्ड और ऐप के जरिए सरकार यात्रियों पर आसानी से नजर रख सकती है।

यात्रियों को किया जाएगा ट्रैक

कार्ड में यात्री की निजी जानकारी, सेहत की स्थिति, आवास और अन्य जानकारियां हैं। अल मद्दाह ने कहा कि भविष्य में इन कार्ड में स्थान का पता लगाने के लिए ट्रैकर लगाए जाएंगे जिससे हज यात्री की गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इस कार्ड का प्रबंधन एक नियंत्रण कक्ष से होगा और इसका इस्तेमाल नकद के बजाय भुगतान कार्ड के तौर पर भी किया जा सकेगा।

हज यात्रियों के लिए विशेष पोशाक भी

हज यात्रियों को हज के दौरान पहनने के लिए विशेष पोशाक भी दी गई है जो सिलवर नैनो प्रौद्योगिकी से लैस है। यह प्रौद्योगिकी जीवाणु को मारने में मदद करती है तथा कपड़ो को वॉटर प्रूफ (जिस पर पानी का असर नहीं होता) । इस साल के हज की खास बात यह है कि हज के दौरान, खाने, रहने, आने-जाने और स्वास्थ्य का खर्च सऊदी सरकार उठा रही है।

अगला लेख

Worldकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
ट्रेंडिंग