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ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ की ड्राइविंग से डर गए थे सऊदी किंग, कहा था- जरा धीरे चलाइए, जानें पूरी कहानी

सऊदी अरब (Saudia Arabia) के सुल्‍तान अब्‍दुल्‍ला (Saudi King Abdullah) और महारानी एलिजाबेथ (Queen Elizabeth) का एक किस्‍सा बड़ा मशहूर है। सऊदी किंग जब एक बार ब्रिटेन के दौरे पर गए थे तो महारानी उन्‍हें अपने साथ ड्राइव पर ले गई थीं। गुरुवार को 96 वर्ष की आयु में महारानी का देहांत हो गया है और इसके बाद लोग अपनी-अपनी तरह से उन्‍हें याद कर रहे हैं।

Curated byऋचा बाजपेई | नवभारतटाइम्स.कॉम 11 Sep 2022, 2:02 pm

हाइलाइट्स

  • यह बात सन् 1998 की है उस समय क्राउन प्रिंस अब्‍दुल्‍ला ब्रिटेन गए थे
  • वह महारानी ए‍लिजाबेथ से मुलाकात करने के लिए स्‍कॉटलैंड के बाल्‍मोरल कैसल भी गए
  • सऊदी अरब में ब्रिटेन के राजदूत रहे सर शेरार्ड काउपर-कोल्स ने इस घटना का जिक्र किया है
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लंदन: महारानी एलिजाबेथ ने गुरुवार को अपने स्‍कॉटलैंड के घर बाल्‍मोरल कैसल में अंतिम सांस ली। यहां पर उनके साथ अंतिम समय में परिवार के सभी लोग मौजूद थे। महारानी एलिजाबेथ के कई किस्‍से हैं जो इस समय लोगों की जुबान पर हैं। लेकिन उनका एक किस्‍सा सऊदी अरब के सुल्‍तान अब्‍दुल्‍ला के साथ भी है। सुल्‍तान उन दिनों क्राउन प्रिंस थे और उस समय वह ब्रिटेन की यात्रा पर गए थे। जिस सऊदी अरब में उन दिनों महिलाएं ड्राइविंग नहीं कर सकती थीं और बिना पुरुषों के बाहर नहीं निकल सकती थीं, महारानी उन्‍हें ड्राइव पर ले गई थीं। सिर्फ इतना ही नहीं ड्राइव के समय एक बार को तो सुल्‍तान काफी डर गए थे।
सन् 1998 की बात
यह बात सन् 1998 की है उस समय क्राउन प्रिंस अब्‍दुल्‍ला महारानी ए‍लिजाबेथ से मुलाकात करने के लिए स्‍कॉटलैंड के बाल्‍मोरल कैसल गए थे। सऊदी अरब में ब्रिटेन के राजदूत रहे सर शेरार्ड काउपर-कोल्स ने इस घटना का जिक्र किया है। मीटिंग के दौरान महारानी ने उन्‍हें अपने साथ बाल्‍मोरल ग्राउंड्स का एक चक्‍कर लगाने के लिए कहा। महारानी उन्‍हें अपनी रॉयल लैंड रोवर से ग्राउंड का नजारा दिखाना चाहती थी। उन्‍हें महारानी के साथ वाली सीट पर बैठने के निर्देश मिले थे। सऊदी प्रिंस के सीट बेल्‍ट बांधते ही महारानी ने ड्राइव शुरू कर दी। वह एक ऐसे देश से आए थे जहां पर महिलाओं के लिए ड्राइविंग गैर-कानूनी थी। इसी वजह से प्रिंस अब्‍दुल्‍ला शॉक्‍ड थे और डरे हुए थे।
पोते प्रिंस विलियम और हैरी को मनाने की दादी एलिजाबेथ ने की लाखों कोशिश पर अधूरी रह गई ख्‍वाहिशमहारानी ने संकरी सड़कों से अपनी कार निकालनी शुरू की और वह लगातार उनसे बात करती जा रही थीं। क्राउन प्रिंस ने महारानी से गाड़ी की स्‍पीड कम करने और ड्राइविंग पर ध्‍यान देने का अनुरोध किया। सर शेरार्ड सऊदी अरब में ब्रिटेन के राजदूत सर शेरार्ड काउपर-कोल्स की मानें तो क्राउन प्रिंस ने उपदेश देने के लिए गलत महिला का चयन किया था। महारानी को यह जरा भी पसंद नहीं था कि कोई उन्‍हें बताए कि उन्‍हें क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं।

महारानी एलिजाबेथ को हमेशा से कार ड्राइविंग में बेस्‍ट माना जाता था। वह हमेशा ड्राइविंग सीट पर बैठना पसंद करती थीं और इसे एक नारीवादी महिला के तौर पर देखा गया था। एक ऐसी महिला जिसने उन विचारों की जरा भी परवाह नहीं की जिसमें एक महिला को यह बताया जाए कि उसे क्‍या करना चाहिए और क्‍या नहीं। महारानी ए‍लिजाबेथ के निधन पर अरब देशों की तरफ से भी श्रद्धांजलि दी गई है।

सऊदी और ब्रिटिश शाही परिवार के रिश्‍ते
इस साल जून में सऊदी अरब के सुल्‍तान अब्‍दुल्‍ला और क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान में महारानी के शासन के 70 साल पूरे होने के मौके पर उन्‍हें बधाई दी थी। सऊदी के शाही परिवार और ब्रिटिश रॉयल फैमिली के बीच हमेशा से अच्‍छे रिश्‍ते रहे हैं। महारानी के शासन में सऊदी सरकार के मुखिया ने चार बार बकिंघम पैलेस का दौरा किया है।

सऊदी शाही शासन से सुल्‍तान फैसल पहले व्‍यक्ति थे जो मई 1967 में आठ दिनों के दौरे पर लंदन गए थे। यहां पर पूरे ब्रिटिश राजकीय सम्‍मान के साथ उनका स्‍वागत किया गया था। फैसल ने महारानी के अलावा शाही परिवार के बाकी सदस्‍यों, तत्‍कालीन ब्रिटिश पीएम हैरॉल्‍ड विल्‍सन समेत कुछ और राजनेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद महारानी और प्रिंस फिलिप के साथ वह एक खुली बग्‍घी में बकिंघम पैलेस तक गए थे।

सुल्‍तान के बेटे प्रिंस बंदर जो उसी साल रॉयल एयरफोर्स कॉलेज से ग्रेजुएट हुए थे, उन पर अपने पिता के दौरे पर बड़ी जिम्‍मेदारी थी। प्रिंस बंदर को सऊदी अरब को दिए जाने वाले इंग्लिश इलेक्ट्रिक लाइटनिंग फाइटर जेट्स का निरीक्षण करने का जिम्‍मा सौंपा गया था। इसके बाद प्रिंस ने रॉयल सऊदी एयरफोर्स में इन्‍हीं जेट्स को उड़ाने वाले पायलट बने थे। सुल्‍तान फैसल के बाद उनके उत्‍तराधिकारी किंग खालिद सन् 1981 में, किंग फहाद 1987 में और सुल्‍तान अब्‍दुल्‍ला 2007 में यूके के दौरे पर गए।
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कई बार गईं मिडिल ईस्‍ट
महारानी एलिजाबेथ ने कई बार मिडिल ईस्‍ट का दौरा किया। फरवरी 1979 में वह सुपरसोनिक जेट कॉनकॉर्ड से इस क्षेत्र का दौरा किया था। उन्‍होंने इस दौरान रियाद और धारान का दौरा किया है। इसके अलावा कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई और ओमान भी गई थीं। उस दौरान सऊदी किंग खालिद ने उनकी मेजबानी की थी। इस दौरान वह रेगिस्‍तान पिकनिक पर गईं। रियाद के माथेर पैलेस में महारानी और प्रिंस फिलिप के लिए डिनर का आयोजन किया गया था।

इसके बदले महारानी और प्रिंस फिलिप ने अपने जहाज ब्रिटानिया पर सऊदी शाही परिवार के लिए एक डिनर का आयोजन किया गया था। जनवरी 1997 में शाही जहाज ब्रिटानिया एक बार फिर खाड़ी की तरफ लौटा था। उस साल दिसंबर में ही यह जहाज डि-कमीशंड होने वाला था। साल 2010 में महारानी यूएई के सुल्‍तान शेख खलीफा और ओमान के सुल्‍तान काबूस से मिलने के लिए एक बार‍ फिर खाड़ी क्षेत्र की तरफ आई थीं।
लेखक के बारे में
ऋचा बाजपेई
" मैंने साल 2021 में टाइम्‍स ग्रुप को ज्‍वॉइन किया और फिलहाल एनबीटी ऑनलाइन में अंतरराष्‍ट्रीय खबरों के सेक्‍शन की जिम्‍मेदारी निभा रही हूं। जर्नलिज्‍म में कुल अनुभव 15 साल का है और अंतरराष्‍ट्रीय मामलों के अलावा रक्षा और राष्‍ट्रीय राजनीति और मनोरंजन में भी रूचि है। "... और पढ़ें

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